उल्लास से रोशन होगा कोरबा: 14–15 अगस्त को साक्षरता का महाअभियान, गांव-गांव गूंजेगा ‘हर व्यक्ति साक्षर–कोरबा साक्षर’ का संकल्प
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मदनपुर से राजकम्मा तक पहुंच रहा उल्लास का संदेश, घर-घर हो रहा सर्वे; रैली, मशाल, कैंडल मार्च से लेकर उल्लास महा-चौपाल तक होंगे आयोजन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा,8अगस्त2026
स्वतंत्रता दिवस इस बार कोरबा जिले में केवल आजादी के जश्न तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान और साक्षरता की नई रोशनी फैलाने का संकल्प भी इसका हिस्सा बनेगा। भारत सरकार के उल्लास–नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में 14 और 15 अगस्त को व्यापक स्तर पर साक्षरता गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। लक्ष्य है कि साक्षरता को सरकारी कार्यक्रम से आगे बढ़ाकर जनभागीदारी का अभियान बनाया जाए।
इसी कड़ी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लास अभियान से जुड़ी गतिविधियां तेज हो गई हैं। ग्राम पंचायत मदनपुर एवं राजकम्मा में उल्लास सर्वे के माध्यम से पात्र नवसाक्षरों की पहचान और अभियान से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। सर्वे के जरिए यह समझने का प्रयास किया जा रहा है कि किन लोगों तक साक्षरता की रोशनी पहुंचानी है और उन्हें आगे की शिक्षा से किस तरह जोड़ा जा सकता है।
14 अगस्त को गांव-मोहल्लों में गूंजेगा साक्षरता का संदेश
जिले में 14 अगस्त को साक्षरता के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए गांवों और मोहल्लों में विभिन्न कार्यक्रम होंगे। इनमें साक्षरता नारा लेखन, साक्षरता रैली, मशाल रैली सहित अन्य जनजागरूकता गतिविधियां शामिल रहेंगी।
शाम 7 बजे कैंडल मार्च का आयोजन किया जाएगा। इसमें युवा-युवतियां, महिलाएं, विद्यार्थी, शिक्षक, आंगनबाड़ी एवं स्वास्थ्य कार्यकर्ता तथा आम नागरिक शामिल होकर साक्षरता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाएंगे।
यह दृश्य केवल एक कार्यक्रम नहीं होगा, बल्कि इस बात का संदेश देगा कि ज्ञान की रोशनी से कोई भी व्यक्ति और कोई भी परिवार वंचित न रहे।

15 अगस्त को तिरंगे के साथ लिया जाएगा साक्षरता का संकल्प
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कार्यक्रम स्थलों पर हेल्प डेस्क, डिजिटल साक्षरता केंद्र और सेल्फी प्वाइंट बनाए जाएंगे। नवसाक्षर बुजुर्ग महिला-पुरुष, युवक-युवतियां तथा एनसीसी और एनएसएस के विद्यार्थी सामूहिक रूप से ध्वजारोहण में शामिल होंगे।
इसके साथ ही उल्लास शपथ लेकर नवसाक्षरों को आगामी महापरीक्षा अभियान में सफल बनाने का संकल्प लिया जाएगा।
‘अंगूठे से कलम तक’—सम्मान के साथ बदलेगी पहचान
उल्लास अभियान में नवसाक्षरों की उपलब्धियों को सम्मान देने के लिए ‘अंगूठे से कलम तक’ अभियान भी चलाया जाएगा। इसके तहत नवसाक्षरों को सम्मानित कर प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे।
इसके अलावा उल्लास महा-चौपाल में नवसाक्षर अपने पढ़ने-लिखने के अनुभव साझा करेंगे। दादी-नानी की कहानियां, लोकगीत, कविताएं और स्थानीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियां कार्यक्रम को जनभावना से जोड़ेंगी।
नुक्कड़ नाटक से लेकर उल्लास घंटी तक, हर गतिविधि में दिखेगा उत्साह
साक्षरता अभियान को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए जिलेभर में कई रचनात्मक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें—
नुक्कड़ नाटक
रंगोली प्रतियोगिता
सांस्कृतिक कार्यक्रम
उल्लास घंटी
उल्लास दीवार
सुपर-30 का उद्घाटन
उल्लास ज्ञान रथ का शुभारंभ
जैसी गतिविधियां प्रमुख रहेंगी।
इन आयोजनों का उद्देश्य केवल लोगों को कार्यक्रम में बुलाना नहीं, बल्कि साक्षरता को परिवार, समाज और गांव की सामूहिक जिम्मेदारी बनाना है।
युवा बनेंगे उल्लास अभियान की ताकत
इस अभियान में युवाओं को विशेष जिम्मेदारी दी जा रही है। युवा स्वयंसेवक डिजिटल माध्यमों और सोशल मीडिया के साथ-साथ गांव एवं मोहल्ले स्तर पर लोगों को अभियान से जोड़ेंगे।
विद्यार्थी और स्वयंसेवक नवसाक्षरों को पढ़ने-लिखने के लिए प्रेरित करने के साथ उन्हें आगामी उल्लास महापरीक्षा की तैयारी में सहयोग करेंगे।
यानी एक ओर जहां बुजुर्ग और नवसाक्षर सीखने की नई शुरुआत करेंगे, वहीं दूसरी ओर युवा पीढ़ी उन्हें आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेगी।
जिला स्तरीय बैठक में परियोजना अधिकारियों को दिए गए दिशा-निर्देश
अभियान की तैयारियों को लेकर जिले के सभी विकासखंडों के परियोजना अधिकारी शामिल हुए और जिला स्तर पर बैठक आयोजित कर कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं तैयारियों पर चर्चा की गई। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में अभियान को गति
कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत श्री प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले में उल्लास अभियान की गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
वहीं जिला शिक्षा अधिकारी श्री टी.पी. उपाध्याय तथा जिला परियोजना अधिकारी (साक्षरता) श्रीमती ज्योति शर्मा द्वारा अभियान की गतिविधियों का सतत समन्वय और निगरानी की जा रही है।

मदनपुर-राजकम्मा का सर्वे बना अभियान की अहम कड़ी
ग्राम पंचायत मदनपुर एवं राजकम्मा में किया जा रहा उल्लास सर्वे इस अभियान की जमीनी तस्वीर सामने लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। सर्वे के माध्यम से नवसाक्षरों की स्थिति और आवश्यकता को समझते हुए उन्हें साक्षरता कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
यही जमीनी स्तर की गतिविधियां यह सुनिश्चित करेंगी कि अभियान केवल जिला मुख्यालय या बड़े आयोजनों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
साक्षरता अब केवल सरकारी योजना नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी
जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि साक्षरता को केवल किसी एक विभाग का अभियान न समझें। हर परिवार, हर युवा, हर शिक्षक और हर नागरिक इस अभियान का हिस्सा बने।
14 और 15 अगस्त को होने वाले कार्यक्रमों के माध्यम से कोरबा एक नया संदेश देने की तैयारी में है—
“हर व्यक्ति साक्षर–कोरबा साक्षर”
तिरंगे की शान के साथ जब साक्षरता का संकल्प गांव-गांव पहुंचेगा, तो स्वतंत्रता दिवस का उत्सव केवल देश की आजादी का पर्व नहीं रहेगा, बल्कि ज्ञान, आत्मविश्वास और नई संभावनाओं की आजादी का उत्सव भी बनेगा।


