संत रविदास की 650वीं जयंती पर समरसता का महासंकल्प: मुख्यमंत्री साय की बड़ी घोषणाएँ, राज्य अलंकरण पुरस्कार से लेकर विधानसभा और नवा रायपुर में मिलेगा संत रविदास को स्थायी सम्मान
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वाराणसी की पावन माटी से निकला समरसता का संदेश पहुँचेगा प्रदेश के गाँव-गाँव, भाजपा ने शुरू किया भव्य कलश वंदन अभियान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर। संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा आयोजित प्रदेश स्तरीय भव्य कलश वंदन अभियान का शुभारंभ मंगलवार को रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम, विज्ञान महाविद्यालय परिसर में श्रद्धा, आस्था और सामाजिक समरसता के वातावरण में संपन्न हुआ। वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली सीर गोवर्धनपुर से लाई गई पावन माटीयुक्त कलशों का पूजन कर उन्हें प्रदेश के सभी 36 संगठनात्मक जिलों के प्रतिनिधियों को सौंपा गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सरोज पाण्डेय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, प्रदेश महामंत्री एवं अभियान संयोजक अखिलेश सोनी सहित अनेक संत-महात्मा, मंत्री, सांसद, विधायक और हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कीं ऐतिहासिक घोषणाएँ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत ऋषियों, मुनियों और महान संतों की तपोभूमि रहा है। जब-जब समाज में ऊँच-नीच, छुआछूत और भेदभाव जैसी कुरीतियाँ बढ़ीं, तब-तब संतों और महापुरुषों ने समाज को नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि संत गुरु रविदास का संपूर्ण जीवन त्याग, समानता, श्रम, भक्ति और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ करते हुए कहा कि अब प्रतिवर्ष राज्य स्थापना दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को ‘संत शिरोमणि गुरु रविदास राज्य अलंकरण पुरस्कार’ प्रदान किया जाएगा। विधानसभा भवन में संत रविदास का अमर संदेश— “ऐसा चाहूं राज मैं जहाँ मिले सबन को अन्न, छोट बड़ो सब सम बसै…” अंकित कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से आग्रह किया जाएगा। साथ ही नवा रायपुर के एक प्रमुख चौक का नामकरण संत गुरु रविदास के नाम पर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अत्याचार और धर्म परिवर्तन के दबाव के बावजूद अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उनका प्रसिद्ध संदेश “मन चंगा तो कठौती में गंगा” आज भी मन की पवित्रता और कर्म की श्रेष्ठता का प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान पूरे देश में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश लेकर आगे बढ़ रहा है।
डॉ. सरोज पाण्डेय: संत रविदास के विचार समाज को नई दिशा देते हैं

भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) सरोज पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा संत रविदास सहित देश के महान संतों और महापुरुषों के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सिकंदर लोदी के दबाव के बावजूद संत रविदास ने अपने धर्म और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कर्म, श्रम और समानता को सर्वोच्च स्थान दिया तथा जाति-पाति के भेदभाव को समाप्त करने का संदेश दिया, जो आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है।
अजय जम्वाल: विघटनकारी शक्तियों से बचने के लिए संतों की परंपरा का जागरण जरूरी
भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल ने कहा कि संत रविदास किसी एक समाज के नहीं बल्कि सम्पूर्ण मानवता के संत हैं। उन्होंने कहा कि आज समाज को तोड़ने वाली शक्तियाँ जातिवाद, संविधान और अन्य विषयों के नाम पर युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास कर रही हैं। ऐसे समय में संतों की सनातन परंपरा और उनके विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार ही समाज को संगठित और सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहा कि आस्था केंद्र जितने मजबूत होंगे, समाज उतना ही समरस और संस्कारित बनेगा।
गुरु खुशवंत साहेब: संत रविदास का संदेश पूरे समाज की एकता का आधार
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि संत रविदास ने समाज से ऊँच-नीच और भेदभाव समाप्त कर समरसता का संदेश दिया। आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी उसी संदेश को जन-जन तक पहुँचा रही है। उन्होंने कहा कि यह कलश यात्रा पूरे समाज को एक सूत्र में जोड़ने का अभियान है और इससे गाँव-गाँव में एकता, समानता और सामाजिक सद्भाव का संदेश पहुँचेगा।

अखिलेश सोनी ने बताया पूरे अभियान का रोडमैप
भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं अभियान के प्रदेश संयोजक अखिलेश सोनी ने समरसता संकल्प अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि 29 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से इस अभियान का शुभारंभ हुआ। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के 466 मंडलों के 1,770 मंदिरों में लगभग 1 लाख 97 हजार 628 समरसता दीप प्रज्ज्वलित किए गए। जन्मस्थली से लाए गए मुख्य कलश से 36 पवित्र माटीयुक्त कलश तैयार कर सभी संगठनात्मक जिलों को सौंपे गए हैं।
उन्होंने बताया कि 15 से 30 अगस्त तक जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसके बाद ये कलश मंडलों और गाँवों तक पहुँचेंगे। प्रत्येक गाँव में संत रविदास के चित्र का पूजन होगा, तुलसी का पौधा लगाया जाएगा और उसमें वाराणसी से लाई गई पावन माटी समाहित की जाएगी। इसके बाद छात्रावासों, युवाओं और समाज के विभिन्न वर्गों तक संत रविदास के समरसता संदेश को पहुँचाने के लिए विशेष संपर्क अभियान चलाया जाएगा।
संत खेदूराम: समरसता अभियान ने संत रविदास के विचारों का शंखनाद किया
पूज्य संत खेदूराम पैगवार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया यह राष्ट्रीय समरसता अभियान संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का ऐतिहासिक प्रयास है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने अपने जीवनभर छुआछूत, पाखंड और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष किया तथा ‘बेगमपुरा’ जैसे समानता आधारित समाज की कल्पना प्रस्तुत की।

संत युधिष्ठिर लाल: कर्म ही मनुष्य को महान बनाता है
पूज्य संत युधिष्ठिर लाल महाराज ने कहा कि संत रविदास का संदेश बताता है कि मनुष्य जन्म से नहीं बल्कि अपने कर्मों से महान बनता है। उन्होंने कहा कि कलश पूजन भारत की सनातन संस्कृति, पवित्र भूमि और आध्यात्मिक परंपरा का सम्मान है। मन की पवित्रता ही सच्ची भक्ति का आधार है और यही संत रविदास का सबसे बड़ा संदेश है।
संत राजीव लोचन दास: संत रविदास की शिक्षा से अखंड रहेगा भारत
संत राजीव लोचन दास ने कहा कि संत रविदास ने विपरीत परिस्थितियों में भी समाज को धर्म, भक्ति और संस्कृति से जोड़े रखा। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार श्रीराम मंदिर आंदोलन ने देश में सांस्कृतिक चेतना जगाई थी, उसी प्रकार आज संत रविदास का कलश वंदन अभियान पूरे देश में सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का नया अध्याय लिख रहा है।
प्रदेशभर में पहुँचेगी वाराणसी की पवित्र माटी
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी 36 संगठनात्मक जिलों के प्रतिनिधियों को पवित्र माटीयुक्त कलश सौंपे। इन कलशों को विशेष समरसता रथों के माध्यम से जिलों, मंडलों और गाँवों तक पहुँचाया जाएगा, जहाँ संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विविध कार्यक्रम आयोजित होंगे।
कार्यक्रम का संचालन शंकर अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय, प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन, डॉ. नवीन मार्कण्डेय, प्रदेश सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायक, जनप्रतिनिधि, साधु-संत, समाज प्रमुख तथा प्रदेशभर से आए हजारों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


