September 19, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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भोजराम देवांगन बोले—बुनकरों के हाथ सिर्फ कपड़ा नहीं, संस्कृति और परंपरा बुनते हैं; समितियों को वर्षभर कार्य आदेश देने और समस्याओं के समाधान का भरोसा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**//  कुरूद। हाथकरघा केवल कपड़ा बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, रोजगार और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को मजबूती देने वाली परंपरा है। बुनकरों के हुनर को नई दिशा देने, सहकारी समितियों को मजबूत करने और उनकी व्यावहारिक समस्याओं पर मंथन के उद्देश्य से जिला सहकारी संघ धमतरी के तत्वावधान में 18 सितंबर को ग्राम भुसरेंगा स्थित साहू समाज भवन में जिला स्तरीय बुनकर सहकारी समितियों के पदाधिकारियों एवं सदस्यों का एकदिवसीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य विकास एवं विपणन सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष भोजराम देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष गीतेश्वरी साहू ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की, जबकि ग्राम पंचायत भुसरेंगा की सरपंच ललिता साहू विशिष्ट अतिथि रहीं। कार्यक्रम में जिले की विभिन्न बुनकर सहकारी समितियों के पदाधिकारी, सदस्य एवं प्रबंधक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
“आपके हाथ धागे नहीं, हमारी विरासत बुनते हैं”

 

 

मुख्य अतिथि भोजराम देवांगन ने बुनकरों को संबोधित करते हुए कहा कि बुनकरों के हाथ केवल धागों को जोड़कर कपड़ा तैयार नहीं करते, बल्कि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, परंपरा और कला को जीवंत रखते हैं। उन्होंने कहा कि बुनकरों की मेहनत को स्थायी काम और उचित बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने सभी बुनकर समितियों को वर्षभर के लिए कार्य आदेश उपलब्ध कराने तथा काम के दौरान सामने आने वाली कठिनाइयों और समस्याओं का हरसंभव समाधान करने का भरोसा दिलाया। देवांगन ने बुनकरों से नई सोच, नवाचार और आधुनिक तकनीक को अपनाने की अपील करते हुए स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में तकनीक के साथ कदम मिलाना जरूरी है और सरकार बुनकरों की मेहनत को उचित सम्मान एवं मूल्य दिलाने के लिए उनके साथ खड़ी है।
ग्रामीण रोजगार की मजबूत कड़ी है हाथकरघा
जनपद पंचायत कुरूद की अध्यक्ष गीतेश्वरी साहू ने कहा कि बुनकर भाई-बहन सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा को बुनते हैं। उनकी हर बुनाई में वर्षों का अनुभव, मेहनत और लगन दिखाई देती है। उन्होंने हाथकरघा उद्योग को ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए बुनकरों के कार्य को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कच्चा माल, पूंजी और बाजार की चुनौती पर हुआ मंथन
छत्तीसगढ़ राज्य शिल्पी संघ रायपुर के सचिव अवध देवांगन ने हाथकरघा व्यवसाय की मौजूदा चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बुनकर व्यवसाय भारत की प्राचीन और गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है और लाखों परिवार इससे जुड़े हुए हैं। हालांकि कच्चे माल की अनिश्चितता, पावरलूम से प्रतिस्पर्धा, कार्यशील पूंजी की कमी, आधुनिक तकनीक तक सीमित पहुंच और प्रशिक्षण का अभाव जैसी समस्याएं आज भी बुनकरों के सामने हैं।
उन्होंने इन चुनौतियों से निपटने के लिए आधुनिक करघों के उपयोग, उचित दर पर कच्चा माल उपलब्ध कराने, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उत्पादों के प्रमाणन, ब्रांडिंग और बाजार विस्तार पर जोर दिया।
सहकारिता को मजबूत बनाने पर भी चर्चा
जिला सहकारी संघ धमतरी के प्राधिकृत अधिकारी सी.पी. साहू ने संघ के उद्देश्य, सहकारिता के महत्व, सहकारिता के अर्थ एवं सिद्धांत तथा समितियों के निर्वाचन से जुड़े विषयों की जानकारी दी। उन्होंने बुनकर सहकारी समितियों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने और सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में सुदामाराम देवांगन, अध्यक्ष अभिनव बुनकर सहकारी समिति बिजनापुरी, मेमचंद देवांगन, अध्यक्ष विकास हाथकरघा बुनकर सहकारी समिति कुरुद, रोशनलाल देवांगन, अध्यक्ष शुभम बुनकर सहकारी समिति बकली, अनुज साहू, अध्यक्ष साहू समाज ग्राम भुसरेंगा तथा राज नारायण गुप्ता सहित अन्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम को मंचस्थ अतिथियों ने भी संबोधित किया। कार्यशाला में जिले की विभिन्न बुनकर सहकारी समितियों के सदस्यों, पदाधिकारियों एवं प्रबंधकों ने सहभागिता करते हुए हाथकरघा उद्योग से जुड़े विषयों पर विचार साझा किए। कार्यक्रम का संचालन संघ प्रबंधक ए.पी. गुप्ता ने किया तथा आभार प्रदर्शन अवध देवांगन ने किया।

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