सनातन आस्था के अपमान पर फूटा जनाक्रोश, कोरबा में विहिप-बजरंग दल का उग्र विरोध; सद्बुद्धि यज्ञ के बाद पुतला दहन, गूंजे जय श्रीराम के नारे
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त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। संसद परिसर में सांसद पप्पू यादव के कथित कृत्य को लेकर विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल ने रविवार को कोरबा के टी.पी. नगर में जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। संगठन ने इसे भगवान श्रीराम, श्रीराम मंदिर और करोड़ों सनातन श्रद्धालुओं की आस्था का अपमान बताते हुए शांतिपूर्ण लेकिन मुखर आंदोलन किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं, संत-महात्माओं और सनातन समाज के लोगों की उपस्थिति ने विरोध को व्यापक स्वरूप दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सद्बुद्धि यज्ञ से हुई। यज्ञ के माध्यम से राहुल गांधी और सांसद पप्पू यादव के लिए सद्बुद्धि की कामना करते हुए यह संदेश दिया गया कि देश की सनातन संस्कृति, संत परंपरा और धार्मिक प्रतीकों का सम्मान प्रत्येक जनप्रतिनिधि का दायित्व है। यज्ञ में उपस्थित आचार्यों ने कहा कि भारत की पहचान उसकी सनातन संस्कृति से है और किसी भी प्रकार का ऐसा आचरण, जिससे करोड़ों लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हों, स्वीकार्य नहीं हो सकता।
यज्ञ के बाद टी.पी. नगर में विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और भगवा ध्वज लेकर जोरदार नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल एक धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय अस्मिता के प्रतीक हैं। इसलिए श्रीराम और सनातन परंपरा का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

धरना समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी एवं सांसद पप्पू यादव के विरोध में सांकेतिक पुतला दहन किया। इस दौरान “जय श्रीराम”, “सनातन का सम्मान – राष्ट्र का सम्मान”, “भारत माता की जय” के उद्घोष लगातार गूंजते रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव, कांग्रेस पार्टी और इंडी गठबंधन के खिलाफ भी राजनीतिक नारे लगाए और आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार सनातन परंपरा और हिंदू आस्था को निशाना बनाने का प्रयास कर रहा है।

विहिप और बजरंग दल के पदाधिकारियों ने कहा कि सनातन समाज की आस्था से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार की अनादरपूर्ण टिप्पणी या कृत्य के खिलाफ संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराता रहेगा। उन्होंने कहा कि देश की संस्कृति, धार्मिक विरासत और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए तथा इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
कार्यक्रम में विश्व हिन्दू परिषद एवं बजरंग दल के जिला और नगर स्तर के पदाधिकारी, विभिन्न प्रखंडों के कार्यकर्ता, संत-महात्मा तथा बड़ी संख्या में सनातन समाज के लोग मौजूद रहे। अंत में भारत माता और भगवान श्रीराम के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ तथा सभी ने सनातन संस्कृति के सम्मान और संरक्षण के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया।


