सावन के पहले सोमवार पर शिवभक्ति में डूबा जवाली धाम, मुरईकछार शिव मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब
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विशेष रुद्राभिषेक, महाप्रसाद वितरण और कांवड़ियों के स्वागत से गूंजा शिवधाम, आगामी सभी सावन सोमवार को भी जारी रहेगा सेवा अभियान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। सावन माह के प्रथम सोमवार पर ग्राम जवाली के मुरईकछार-खोलार नदिया तट स्थित प्राचीन शिव मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही मंदिर परिसर में “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजते रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, महिलाएं, युवा, बच्चे और ग्रामीण भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं पूजन के लिए पहुंचे। पूरे दिन पूजा-अर्चना, जलाभिषेक और महाप्रसाद वितरण का क्रम चलता रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7 बजे वैदिक विधि-विधान के साथ भगवान शिव के विशेष पूजन एवं अभिषेक से हुई। बैगा सोनाऊ राम, कन्हैया लाल और महेत्तर राम के मार्गदर्शन में धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। महिलाओं ने भी पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। महिलाओं, युवाओं, विद्यार्थियों, वरिष्ठजनों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति से मंदिर परिसर दिनभर भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ को बेलपत्र, पुष्प, जल एवं दुग्ध अर्पित कर सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की प्रार्थना की।

पूजन के बाद श्रद्धालुओं के लिए खीर महाप्रसाद का वितरण किया गया। इस सेवा कार्य में अंजोर साय पटेल एवं उनके परिवार ने विशेष सहयोग प्रदान किया। प्रसाद निर्माण हेतु आवश्यक सामग्री की व्यवस्था छेछमन राम पटेल तथा स्वयंसेवक दीपक पटेल ने की, जबकि प्रसाद तैयार करने की जिम्मेदारी विनीत (विक्की) पटेल ने श्रद्धापूर्वक निभाई। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर आयोजन की सराहना की।
इस अवसर पर कनकेश्वर कनकी धाम से लौटे 24 सदस्यीय कांवड़िया दल ने भी मुरईकछार शिव मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कांवड़ियों ने अपनी पदयात्रा के अनुभव साझा किए और ग्राम के शिवधाम में दर्शन कर स्वयं को धन्य बताया।
आयोजन समिति ने बताया कि सावन माह के शेष सभी सोमवारों को भी शिवभक्तों के लिए महाप्रसाद वितरण एवं विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए श्रद्धालुओं एवं दानदाताओं का पंजीयन जारी है। समिति ने अधिक से अधिक लोगों से इस पुण्य कार्य में सहभागिता निभाने की अपील की।
ग्रामीणों ने बताया कि मुरईकछार स्थित यह शिव मंदिर वर्षों से क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। मंदिर की स्थापना और विकास में पटेल परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। सावन के पावन अवसर पर यहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों ने पूरे क्षेत्र को शिवमय बना दिया और भक्तों में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया।


