“स्मार्ट मीटर नहीं, बढ़ी हुई बिजली खपत है ज्यादा बिल की वजह; कांग्रेस पर अफवाह फैलाने का आरोप”



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर, 21 जुलाई। स्मार्ट मीटर को लेकर प्रदेश में जारी राजनीतिक बयानबाजी के बीच क्रेडा के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने कांग्रेस पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को बिजली खपत की सटीक जानकारी, पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगाए जा रहे हैं, न कि बिजली बिल बढ़ाने के लिए।
भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि जिस स्मार्ट मीटर परियोजना का कांग्रेस आज विरोध कर रही है, उसकी स्वीकृति, डीपीआर और टेंडर प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही पूरी की गई थी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत यह योजना पूरे देश में लागू की जा रही है और कई कांग्रेस शासित राज्यों में भी स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण बिजली की खपत बढ़ जाती है, जिससे उपभोक्ता उच्च टैरिफ स्लैब में पहुंच जाते हैं और बिजली बिल अधिक आता है। इसका स्मार्ट मीटर से कोई संबंध नहीं है। जुलाई के बाद मौसम सामान्य होने पर बिजली की खपत कम होने से बिल भी स्वतः कम हो जाएंगे।
क्रेडा अध्यक्ष ने बताया कि ‘मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत अभियान’ के तहत 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को हाफ बिजली योजना का लाभ मिलता है। वहीं, स्मार्ट मीटर के माध्यम से उपभोक्ता ‘मोर बिजली ऐप’ पर हर 30 मिनट में अपनी बिजली खपत की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं, जिससे वे अपनी खपत को नियंत्रित कर सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी उपभोक्ता को मीटर की रीडिंग को लेकर संदेह है तो चेक मीटर लगाने की सुविधा उपलब्ध है। अब तक हुई जांच में स्मार्ट मीटर और पुराने मीटर की रीडिंग में कोई अंतर नहीं पाया गया है।
भूपेंद्र सवन्नी ने बिजली बिल कम करने के लिए प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना को सबसे प्रभावी विकल्प बताते हुए कहा कि इस योजना के तहत केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से सोलर प्लांट लगाने पर 1.08 लाख रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। प्रदेश में अब तक 1.87 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 80 हजार से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं।
उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की कि वे स्मार्ट मीटर और सोलर ऊर्जा जैसी आधुनिक व्यवस्थाओं को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों से बचें तथा तथ्यात्मक जानकारी के आधार पर ही अपनी राय बनाएं। स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को अधिक सुविधा, पारदर्शिता और आर्थिक लाभ प्रदान करना है।


