माँ राणीसती दादी की भक्ति में झूमा कोरबा, संगीतमय मंगलपाठ से गूंजा श्री सप्तदेव मंदिर; जन्माष्टमी और भादी अमावस्या महोत्सव की तैयारियां शुरू



राजस्थानी संस्कृति, भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम, हजारों श्रद्धालुओं के स्वागत को तैयार श्री सप्तदेव मंदिर परिवार
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। श्री सप्तदेव मंदिर एक बार फिर भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का केंद्र बन गया, जब अमावस्या के पावन अवसर पर माँ श्री राणीसती दादी का भव्य संगीतमय मंगलपाठ श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में गूंजते मंगल गीतों, जयकारों और भक्तिमय वातावरण ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति से भर दिया। कार्यक्रम में शामिल मातृशक्ति की उत्साहपूर्ण सहभागिता ने आयोजन को और भी दिव्य बना दिया।
मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को सायं 4 बजे से 7 बजे तक आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मंगलपाठी बहनें एवं धर्मप्रेमी परिवार शामिल हुए। माँ राणीसती दादी की आराधना के दौरान मंदिर परिसर भक्तिरस में पूरी तरह सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं ने भक्ति संगीत के साथ माँ का गुणगान करते हुए मंगलमय वातावरण का आनंद लिया।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण श्रीमती लीना अग्रवाल एवं उनकी मंडली द्वारा प्रस्तुत संगीतमय मंगलपाठ रहा। पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा—चूड़ा, चुनड़ी और सोलह श्रृंगार से सुसज्जित मंगलपाठी बहनों ने एक स्वर, एक भाव और एक लय में मंगलपाठ प्रस्तुत कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। भक्ति और संस्कृति के इस अद्भुत संगम ने मंदिर परिसर को मानो राजस्थानी आध्यात्मिक लोक में परिवर्तित कर दिया।
मंगलपाठ के पश्चात भगवान की भव्य महाआरती संपन्न हुई तथा सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा था।
इस अवसर पर श्री सप्तदेव मंदिर की प्रमुख ट्रस्टी श्रीमती प्रेमा अग्रवाल ने आगामी भव्य धार्मिक आयोजनों की घोषणा करते हुए बताया कि 4 सितम्बर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव को इस वर्ष विशेष आकर्षण के साथ मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित मनमोहक झांकियां सजाई जाएंगी, जो श्रद्धालुओं को वृंदावन की दिव्यता का साक्षात अनुभव कराएंगी।
जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान बच्चों और महिलाओं के लिए ‘लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता’ तथा ‘श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता’ का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागियों को अपनी सृजनात्मकता और भक्ति का प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
इसके साथ ही 11 सितम्बर 2026 को भादी अमावस्या के शुभ अवसर पर माँ श्री राणीसती दादी का विशेष भव्य संगीतमय मंगलपाठ एवं विविध धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। मंदिर परिवार ने इन दोनों आयोजनों की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं और श्रद्धालुओं से परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ अर्जित करने की अपील की है।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री सप्तदेव मंदिर परिवार ने श्रीमती लीना अग्रवाल एवं उनकी मंडली, सभी मंगलपाठी बहनों तथा उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित श्री सप्तदेव मंदिर वर्षों से समाज को संस्कार, समरसता और आध्यात्मिकता का संदेश देता आ रहा है। यहां आयोजित होने वाले ऐसे धार्मिक आयोजन न केवल आस्था को सशक्त करते हैं, बल्कि नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी कर रहे हैं।


