45 वर्षों की अटूट परंपरा का साक्षी बना बालकोनगर, जय जगन्नाथ के जयघोष से भक्तिमय हुई रथयात्रा



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** बालकोनगर,16 जुलाई बालकोनगर में भगवान जगन्नाथ की भव्य एवं ऐतिहासिक रथयात्रा श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के बीच संपन्न हुई। 45 वर्षों से चली आ रही इस पावन परंपरा ने एक बार फिर हजारों श्रद्धालुओं को आस्था के सूत्र में बांध दिया। भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र के दिव्य दर्शन एवं जय जगन्नाथ के गगनभेदी उद्घोष से पूरा बालकोनगर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो उठा।

उत्कल भारती समिति के तत्वावधान में आयोजित इस धार्मिक उत्सव में बालको के उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (धातु) श्री निकेत श्रीवास्तव सहित बालको प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिवारजनों तथा बड़ी संख्या में नगरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विधि-विधान के साथ भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र की पूजा-अर्चना के बाद उन्हें आकर्षक एवं सुसज्जित रथ पर विराजमान कर भव्य रथयात्रा का शुभारंभ किया गया।
इस अवसर पर श्री निकेत श्रीवास्तव ने भगवान जगन्नाथ की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया तथा श्रद्धालुओं के साथ स्वयं रथ की रस्सी थामकर रथ को खींचा। रथ खींचने की परंपरा में शामिल होकर उन्होंने भगवान जगन्नाथ के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। हर ओर “जय जगन्नाथ” के जयघोष और भक्ति गीतों की स्वर लहरियों ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।
रथयात्रा की शोभा में उस समय और चार चांद लग गए जब रथ के आगे कर्मा नृत्य दल ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति दी। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों, भक्ति संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी श्रद्धालु इस भव्य आयोजन के साक्षी बनकर भावविभोर नजर आए।
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा राम मंदिर से प्रारंभ होकर बालकोनगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए रामलीला मैदान स्थित श्री गुंडिचा मंदिर पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर पुष्प अर्पित किए और मंगलकामनाएं कीं। श्री गुंडिचा मंदिर पहुंचने पर भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र की विधिवत स्थापना कर विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की गई।
आयोजन समिति ने जानकारी दी कि 16 जुलाई से 24 जुलाई तक श्री गुंडिचा मंदिर में प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, महाप्रसाद वितरण तथा विभिन्न आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
बालकोनगर में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत और सामुदायिक सहभागिता का जीवंत प्रतीक बन चुकी है। पिछले 45 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रहा यह उत्सव लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ समाज में एकता, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संदेश भी देता आ रहा है।
इस वर्ष भी भव्य रथयात्रा ने यह सिद्ध कर दिया कि भगवान जगन्नाथ की महिमा और उनके प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था समय के साथ और अधिक प्रगाढ़ होती जा रही है। बालकोनगर की गलियां जब “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंजीं तो मानो पूरा नगर भगवान की भक्ति में डूब गया।


