“हिड़मा पर बयान को लेकर कांग्रेस पर भाजपा का तीखा हमला, केदार कश्यप बोले– शहीदों के बलिदान का अपमान बर्दाश्त नहीं”



वन मंत्री ने कांग्रेस से मांगी सार्वजनिक माफी, कहा– नक्सल हिंसा का महिमामंडन छत्तीसगढ़ की जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** रायपुर,15 जुलाई कांग्रेस नेता अटल श्रीवास्तव द्वारा कथित रूप से कुख्यात नक्सली हिड़मा को “रोल मॉडल” बताए जाने के मुद्दे पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला और कहा कि ऐसा बयान झीरम घाटी में शहीद हुए कांग्रेस नेताओं, सुरक्षा बलों के जवानों तथा नक्सली हिंसा में जान गंवाने वाले सभी लोगों के बलिदान का अपमान है।
केदार कश्यप ने कहा कि जिस हिड़मा का नाम वर्षों से बस्तर में नक्सली हिंसा, सुरक्षा बलों पर हमलों, निर्दोष आदिवासियों की हत्याओं और विकास कार्यों में बाधा डालने जैसी घटनाओं से जुड़ा रहा है, उसे आदर्श बताना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे कांग्रेस की नक्सलवाद के प्रति सोच और उसका दोहरा रवैया उजागर होता है।
उन्होंने 25 मई 2013 के झीरम घाटी हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि इस घटना में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, महेंद्र कर्मा, पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल, उदय मुदलियार सहित अनेक नेताओं, कार्यकर्ताओं और सुरक्षा बल के जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी थी। ऐसे में उसी घटना से जुड़े कुख्यात नक्सली का महिमामंडन करना शहीदों के सम्मान के विपरीत है।
वन मंत्री ने कहा कि हिड़मा का नाम सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा सहित बस्तर के कई बड़े नक्सली हमलों में सामने आता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उसके नेतृत्व में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों, आम नागरिकों और विकास कार्यों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र लंबे समय तक भय और हिंसा की चपेट में रहा।
केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे समय में इस प्रकार के बयान गलत संदेश देते हैं और नक्सलवाद के विरुद्ध चल रहे प्रयासों को कमजोर करने का काम करते हैं।
उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से इस मुद्दे पर अपना स्पष्ट रुख सामने रखने और प्रदेश की जनता तथा झीरम कांड के शहीदों के परिजनों से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। साथ ही कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता शहीदों का सम्मान करना जानती है और नक्सल हिंसा का महिमामंडन करने वालों को कभी स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार नक्सलवाद के समूल उन्मूलन और बस्तर में स्थायी शांति एवं विकास के संकल्प पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।


