कांग्रेस में ‘अपमान की राजनीति’ चरम पर, वरिष्ठ नेताओं को ठिकाने लगाने में जुटी पार्टी : भाजपा



प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय का तीखा हमला — “जिस पार्टी में अनुभवी नेताओं की इज्जत नहीं, उसका भविष्य भी सुरक्षित नहीं”
“टी.एस. सिंहदेव जैसे वरिष्ठ नेता का सार्वजनिक अपमान कांग्रेस की गिरती राजनीतिक संस्कृति का प्रमाण”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव के बीच जारी बयानबाजी को लेकर कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस इस समय आंतरिक कलह, अहंकार और वरिष्ठ नेताओं के अपमान की राजनीति का अखाड़ा बन चुकी है। पार्टी में अब अनुभवी नेताओं का सम्मान नहीं, बल्कि उन्हें किनारे लगाने की प्रतिस्पर्धा चल रही है।
डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि कांग्रेस का तथाकथित “युवा नेतृत्व” आज उन नेताओं को ही अपमानित करने में जुटा है जिन्होंने वर्षों तक पार्टी को खड़ा करने में अपनी पूरी जिंदगी लगा दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जितनी राजनीतिक समझ और अनुभव टी.एस. सिंहदेव के पास है, उतना अनुभव तो कांग्रेस के कई वर्तमान नेताओं की पूरी राजनीतिक उम्र में भी नहीं है। इसके बावजूद कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं को सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाने का सिलसिला लगातार बढ़ता जा रहा है।
भाजपा प्रदेश महामंत्री ने कहा कि कांग्रेस में अब “यूज़ एंड थ्रो” की संस्कृति पूरी तरह हावी हो चुकी है। जब तक किसी नेता से राजनीतिक लाभ मिलता है, तब तक उसे सिर पर बैठाया जाता है, लेकिन जैसे ही स्वार्थ पूरा होता है, उसे अपमानित कर किनारे कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि टी.एस. सिंहदेव के साथ ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री पद को लेकर जो राजनीतिक खेल खेला गया और आज जिस तरह उन्हें लेकर बयानबाजी हो रही है, वह कांग्रेस की अवसरवादी और छलपूर्ण राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण है।
डॉ. मार्कण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं का पूरा ध्यान जनता की समस्याओं से हटकर केवल कुर्सी बचाने और वर्चस्व की लड़ाई पर केंद्रित है। प्रदेश में विकास, रोजगार, किसानों और युवाओं के मुद्दों पर बात करने के बजाय कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर हमला बोलने में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता खुले मंचों पर एक-दूसरे की राजनीतिक हैसियत पर सवाल उठाने लगें, वहां संगठन का विघटन तय माना जाता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के भीतर मची यह खुली लड़ाई साबित करती है कि पार्टी पूरी तरह दिशाहीन हो चुकी है। वरिष्ठ नेताओं के अपमान और अंदरूनी खींचतान से साफ है कि कांग्रेस अब जनता का विश्वास खो चुकी है और उसका राजनीतिक पतन तेजी से सामने आ रहा है।


