May 15, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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मेडिकल कॉलेज अस्पताल मारपीट कांड में बड़ा एक्शन, ग्राम बेंदरकोना सरपंच निलंबित, हत्या मामले में पहले ही भेजा जा चुका है जेल

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सफाई कर्मचारी के साथ मारपीट और उपचार के दौरान हुई मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए ग्राम पंचायत बेंदरकोना के सरपंच को निलंबित कर दिया है। इससे पहले पुलिस ने गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी सरपंच को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कार्यरत सफाई कर्मचारी के साथ कथित मारपीट की घटना सामने आई थी, जिसमें घायल कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन थाना रामपुर पुलिस ने आरोपी सरपंच के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 7 अप्रैल को आरोपी सरपंच को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया। ग्राम पंचायत बेंदरकोना के सरपंच के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 39 एवं धारा 93 के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। जारी आदेश के अनुसार जेल भेजे जाने के कारण सरपंच को तत्काल प्रभाव से पद से निलंबित कर दिया गया है।
पंचायत संचालन के लिए विशेष बैठक के निर्देश
घटना के बाद पंचायत कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए अनुविभागीय अधिकारी कोरबा द्वारा ग्राम पंचायत सचिव को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश में कहा गया है कि ग्राम पंचायत बेंदरकोना में विशेष सम्मिलन तत्काल बुलाया जाए, जिसमें 15 दिन के भीतर पंचायत सदस्य अपने बीच से किसी एक सदस्य को अस्थायी सरपंच के रूप में निर्वाचित करेंगे।
निर्वाचित स्थानापन्न सरपंच निलंबन अवधि तक पंचायत के सभी प्रशासनिक कार्यों और अधिकारों का निर्वहन करेगा। साथ ही आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि सरपंच का पद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग अथवा संबंधित वर्ग की महिला के लिए आरक्षित है, तो स्थानापन्न सरपंच भी उसी आरक्षित वर्ग से चुना जाएगा।
क्षेत्र में बना चर्चा का विषय
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई इस घटना और उसके बाद हुई प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। एक ओर जहां मृतक कर्मचारी के परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है, वहीं पंचायत प्रतिनिधि के खिलाफ हुई कड़ी कार्रवाई को प्रशासन का बड़ा संदेश माना जा रहा है।
इस पूरे मामले ने पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी और सार्वजनिक व्यवहार को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।

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