“नक्सलवाद का अंत, कांग्रेस का पर्दाफाश” — भाजपा प्रदेश कार्यसमिति में गूंजा डबल इंजन सरकार का विजय उद्घोष



उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने रखा नक्सल उन्मूलन प्रस्ताव, कांग्रेस पर साधा तीखा निशाना — “माओवाद को संरक्षण देने वालों को जनता कभी माफ नहीं करेगी”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***//**// रायपुर। भारतीय जनता पार्टी छत्तीसगढ़ की प्रदेश कार्यसमिति बैठक में नक्सल उन्मूलन को लेकर प्रस्तुत प्रस्ताव ने राजनीतिक और वैचारिक स्तर पर बड़ा संदेश दिया। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा प्रस्तुत तथा वन एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप द्वारा समर्थित इस प्रस्ताव में डबल इंजन सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में नक्सलवाद के खात्मे को रेखांकित किया गया। प्रस्ताव में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व को निर्णायक बताते हुए कहा गया कि 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के समूल उन्मूलन का संकल्प सिद्ध कर भारत की आंतरिक सुरक्षा को अभेद्य बना दिया गया है।
भाजपा ने स्पष्ट कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा पर सबसे बड़ा खतरा बने माओवादी आतंक का अंत केवल मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और डबल इंजन सरकार की निर्णायक नीति से संभव हुआ है। प्रस्ताव में कहा गया कि दशकों तक बस्तर और छत्तीसगढ़ को खून से लाल करने वाले माओवादी आतंक का सफाया लोकतंत्र और संविधान की सबसे बड़ी जीत है।
“शहादत व्यर्थ नहीं गई” — भाजपा कार्यकर्ताओं और जवानों को दी श्रद्धांजलि
प्रस्ताव में उन वीर जवानों, जनप्रतिनिधियों, भाजपा कार्यकर्ताओं और हजारों आदिवासी नागरिकों के बलिदान को नमन किया गया जिन्होंने नक्सली हिंसा में अपने प्राण गंवाए। भाजपा ने कहा कि उसके सौ से अधिक कार्यकर्ता, विधायक और जनप्रतिनिधि नक्सली हमलों में शहीद हुए, जिनकी शहादत आज नक्सल उन्मूलन के रूप में सच्ची श्रद्धांजलि प्राप्त कर रही है।
“आतंक पर राजनीति बंद करे कांग्रेस” — भाजपा का सीधा हमला
कार्यसमिति में कांग्रेस पर सबसे तीखा हमला बोला गया। प्रस्ताव में आरोप लगाया गया कि कांग्रेस ने वर्षों तक माओवादी आतंक को प्रत्यक्ष और परोक्ष संरक्षण दिया। भाजपा ने कहा कि नक्सलवाद को “वंचितों का आंदोलन” बताकर कांग्रेस ने आतंक को वैचारिक आड़ देने का काम किया।
भाजपा ने आरोप लगाया कि सलवा जुडूम आंदोलन को कमजोर करने से लेकर झीरम घाटी हमले पर संदिग्ध रवैया अपनाने तक कांग्रेस का इतिहास माओवादी समर्थक मानसिकता से भरा रहा है। प्रस्ताव में राहुल गांधी पर झीरम हमले में नक्सलियों को “क्लीन चिट” देने का आरोप लगाया गया, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर झीरम जांच के साक्ष्य दबाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए।
प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि जब सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रहे थे, तब कांग्रेस और उसके समर्थक फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाकर जवानों का मनोबल तोड़ने में लगे थे। भाजपा ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा नक्सलियों को “शहीद” बताने जैसी घटनाएं देश कभी नहीं भूलेगा।
“गरीबी नहीं, हिंसक विचारधारा है नक्सलवाद की जड़”
भाजपा ने प्रस्ताव में यह भी स्पष्ट किया कि नक्सलवाद केवल विकास की कमी का परिणाम नहीं था, बल्कि यह एक हिंसक कम्युनिस्ट विचारधारा थी जिसने उन क्षेत्रों को निशाना बनाया जहां शासन की पहुंच सीमित थी। प्रस्ताव में कहा गया कि यदि गरीबी ही कारण होती तो देश के हर गरीब क्षेत्र में नक्सलवाद फैलता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
भाजपा ने कहा कि माओवादी आतंक ने विकास को रोकने, आदिवासियों को भय में रखने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का काम किया। अब आतंक के खत्म होने के बाद बस्तर और आदिवासी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ेंगे।
“पूना मारगेम योजना बनी पुनर्जीवन का माध्यम”
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा लागू पुनर्वास नीति की भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्ताव में कहा गया कि “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” पहल के जरिए हथियार छोड़कर लौटने वाले युवाओं को सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा, रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के अवसर दिए गए।
सरकार ने यह संदेश दिया कि हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों के लिए शासन पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है। भाजपा ने इसे बस्तर में स्थायी शांति और विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया।
लोकसभा में अमित शाह का बड़ा दावा — “देश अब नक्सल मुक्त”
प्रस्ताव में केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के लोकसभा वक्तव्य का उल्लेख करते हुए कहा गया कि एक समय 12 राज्यों और देश के 17 प्रतिशत भूभाग में फैला वामपंथी उग्रवाद अब सिमटकर केवल दो जिलों तक रह गया था और अंततः उसका पूर्ण सफाया कर दिया गया। भाजपा ने इसे “नए भारत की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा विजय” बताया।
भाजपा कार्यसमिति में गूंजा राष्ट्रवाद का स्वर
प्रदेश कार्यसमिति में उपस्थित नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार तालियों के साथ प्रस्ताव का समर्थन किया। पूरा सभागार “भारत माता की जय” और “जय छत्तीसगढ़” के नारों से गूंज उठा। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह केवल नक्सलवाद की हार नहीं, बल्कि लोकतंत्र, संविधान और भारत की एकता की ऐतिहासिक जीत है।
कार्यसमिति ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व को इस ऐतिहासिक उपलब्धि का श्रेय देते हुए अभिनंदन प्रस्ताव पारित किया। साथ ही कांग्रेस को चेतावनी दी गई कि वह आंतरिक सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर राजनीति बंद करे और आतंक को वैचारिक संरक्षण देने से बाज आए।


