“मोर जल मोर माटी” से बदली तस्वीर — बालको का जल संचय अभियान बना ग्रामीण समृद्धि का आधार 🌱



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** बालकोनगर, 23 मार्च 2026। विश्व जल दिवस के अवसर पर वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) द्वारा चलाया गया सामुदायिक जल संचय अभियान अब सिर्फ एक पहल नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनता जा रहा है। ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के तहत तालाब पुनर्जीवन अभियान ने जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दे दिया है।
इस विशेष अभियान में 150 से अधिक बालको कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण का संकल्प लिया। श्रमदान और जनभागीदारी के इस संगम ने यह साबित कर दिया कि सामूहिक प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़े बदलाव संभव हैं।
🌾 40 गांवों में जल क्रांति, खेती को मिला नया जीवन
बालको के प्रयासों से अब तक 40 से अधिक गांवों में जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण और पुनर्जीवन किया जा चुका है। परियोजना के तहत कुल 158 जल संरचनाएं विकसित की गई हैं, जिनमें
129 खेत तालाब
15 सामुदायिक तालाब
12 चेक डैम
2 लाइनिंग तालाब शामिल हैं
इन सभी की कुल जल संग्रहण क्षमता 2.30 लाख घन मीटर से अधिक है। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में ही 22 नई संरचनाएं तैयार की गई हैं, जिनकी क्षमता लगभग 22 हजार घन मीटर है।
🚜 किसानों की जिंदगी में आया बदलाव
इन जल संरचनाओं ने किसानों की किस्मत बदल दी है। अब वे केवल बारिश पर निर्भर नहीं हैं, बल्कि सालभर सिंचाई की सुविधा मिलने से बहुफसली खेती कर रहे हैं। इससे उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।
कोरबा के समीप भाटगांव की किसान संध्या बाई ने बताया कि अब वे मछली पालन और सब्जी खेती दोनों कर पा रही हैं। खेत में बने तालाब ने उनके परिवार की आमदनी बढ़ा दी है और जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।
🐟 आजीविका के नए अवसर
परियोजना के तहत 80 किसानों ने मछली पालन को अतिरिक्त आय का स्रोत बनाया है। हर फसल चक्र में औसतन ₹20 हजार की अतिरिक्त कमाई ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। यह पहल जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बन गई है।
🌍 भूजल स्तर में सुधार, पर्यावरण को मिला संतुलन
तालाबों और जल संरचनाओं के निर्माण से क्षेत्र में भूजल स्तर बढ़ा है। वर्षा जल का संचयन होने से पानी का बहाव कम हुआ है और लंबे समय तक जल उपलब्धता सुनिश्चित हुई है। इससे पर्यावरण संतुलन भी बेहतर हुआ है।
🗣️ “जल संरक्षण से ही सुरक्षित भविष्य” — सीईओ
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि जल संरक्षण सतत विकास की नींव है। ‘मोर जल मोर माटी’ परियोजना के माध्यम से कंपनी न केवल जल संसाधनों का संरक्षण कर रही है, बल्कि कृषि, आजीविका और पर्यावरण संतुलन को भी सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है।
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बालको का यह अभियान सिर्फ जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की एक प्रेरणादायक कहानी बन चुका है। सामुदायिक भागीदारी से शुरू हुआ यह प्रयास अब एक स्थायी परिवर्तन की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहा है।


