तिरंगे की छांव में उत्सव का महासंगम: ‘मां तुझे सलाम’ से तीन दिन तक कोरबा बनेगा राष्ट्रभक्ति, संस्कृति और व्यापार की राजधानी






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** कोरबा आज से इतिहास के उस स्वर्णिम अध्याय में प्रवेश करने जा रहा है, जिसकी गूंज आने वाले वर्षों तक शहरवासियों के मन-मस्तिष्क में बनी रहेगी। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर से जुड़ा प्रतिष्ठित और बहुप्रतीक्षित आयोजन ‘मां तुझे सलाम’ आज से भव्य रूप में प्रारंभ हो रहा है। आगामी तीन दिनों तक ओपन थिएटर, घंटाघर मैदान कोरबा की धड़कन बनेगा, जहां राष्ट्रभक्ति, संस्कृति, युवा ऊर्जा और व्यापारिक गतिविधियों का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
सुबह से ही शहर में एक अलग ही उत्सवधर्मी माहौल नजर आ रहा है। आयोजन स्थल को तिरंगे के रंगों, आकर्षक लाइटिंग और भव्य सजावट से सुसज्जित किया गया है, जो दूर से ही लोगों को अपनी ओर खींच रहा है। जैसे-जैसे शाम का समय नज़दीक आ रहा है, वैसे-वैसे शहरवासियों की उत्सुकता और रोमांच चरम पर पहुंचता जा रहा है।
इस आयोजन में परिवार, युवा, बच्चे और बुजुर्ग—हर वर्ग के लिए कुछ खास रखा गया है। तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान यहां भव्य ट्रेड फेयर का आयोजन किया गया है, जिसमें रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर लाइफस्टाइल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप और व्यवसाय से जुड़े विविध स्टॉल्स आकर्षण का केंद्र रहेंगे। यह ट्रेड फेयर न केवल खरीदारी का अवसर देगा, बल्कि स्थानीय व्यापार और उद्यमिता को भी नई पहचान देगा।
युवाओं और विद्यार्थियों के लिए आयोजन में इंटर स्कूल एवं इंटर कॉलेज स्तर की देशभक्ति आधारित समूह नृत्य प्रतियोगिताएं रखी गई हैं, जो उनकी रचनात्मकता, ऊर्जा और राष्ट्रप्रेम को मंच प्रदान करेंगी। आज से ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की रंगारंग श्रृंखला शुरू हो जाएगी, जो हर दिन नए रंग, नई धुन और नए जोश के साथ आगे बढ़ेगी।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण 26 जनवरी को आयोजित होने वाली विशेष देशभक्ति सांस्कृतिक संध्या होगी, जहां संगीत, नृत्य और राष्ट्रप्रेम की भावना अपने शिखर पर पहुंचेगी। यह संध्या दर्शकों के दिलों में गर्व, सम्मान और देश के प्रति समर्पण की भावना को और मजबूत करेगी।
स्थानीय नागरिकों का मानना है कि ‘मां तुझे सलाम’ केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि यह सामाजिक एकता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रप्रेम को जीवंत करने का सशक्त माध्यम है। कई अभिभावकों का कहना है कि यह आयोजन बच्चों को राष्ट्रीय मूल्यों, संस्कृति और इतिहास से जोड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करता है।
अब जब आयोजन का शुभारंभ आज से हो रहा है, तो शहर में हर जुबां पर एक ही बात है—
“जो आज नहीं आएगा, वो कुछ बेहद खास और यादगार देखने से चूक जाएगा।”
निश्चित ही आने वाले तीन दिन कोरबा के लिए गर्व, उल्लास और यादों से भरे ऐतिहासिक दिन साबित होंगे।





