नन्हे खिलाड़ियों की जीत, जोश और अनुशासन का उत्सव डीपीएस बालको में दो दिवसीय वार्षिक खेल महोत्सव ने रचा उल्लास और प्रेरणा का इतिहास






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ***// बालकोनगर, 22 जनवरी 2026।
दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बालको में सत्र 2025–26 का बहुप्रतीक्षित दो दिवसीय वार्षिक खेल महोत्सव अत्यंत उत्साह, अनुशासन और उल्लासपूर्ण वातावरण के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस खेल उत्सव में नर्सरी से कक्षा चौथी तक के लगभग 1000 विद्यार्थियों ने खेल भावना, आत्मविश्वास और टीमवर्क का अद्भुत प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।
खेल महोत्सव का शुभारंभ विद्यालय के प्राचार्य श्री कैलाश पवार एवं छात्र प्रतिनिधियों द्वारा आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारे छोड़कर किया गया, जो बच्चों के सपनों और ऊर्जा का प्रतीक बना। इसके पश्चात आयोजित जंबल मार्च-पास्ट ने अनुशासन और एकता का सशक्त संदेश देते हुए दर्शकों की तालियां बटोरीं।

पहले दिन नर्सरी से कक्षा एक तक के नन्हे विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन की गई खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस दिन खेल महोत्सव का उद्घाटन प्री-नर्सरी के छात्र विराट चौधरी ने किया, जबकि समापन छात्रा शांभवी नायक द्वारा किया गया। बच्चों ने मासूम उत्साह और पूरे मनोयोग से खेलों में भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया।
दूसरे दिन कक्षा 2 से 4 तक के विद्यार्थियों के लिए विविध खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस अवसर पर खेल महोत्सव का उद्घाटन सुप्रीथा ममिल्लापल्ली ने किया एवं समापन अंजनैया चौहान द्वारा किया गया। विद्यार्थियों ने प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ सहयोग, धैर्य और खेल भावना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
दोनों दिनों में लगभग 70-70 विद्यार्थियों के समूहों द्वारा प्रस्तुत सामूहिक फील्ड डिस्प्ले कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। पूर्णतः समन्वित, अनुशासित और रंगीन प्रस्तुतियों ने मैदान को जीवंत कर दिया। खेल प्रतियोगिताओं में हर्डल रेस, सैपलिंग रेस, बैग अरेंजिंग रेस सहित पारंपरिक एवं रचनात्मक खेलों का सुंदर समावेश देखने को मिला, जिसने बच्चों की शारीरिक दक्षता के साथ उनकी रचनात्मकता को भी निखारा।
खेल गतिविधियों के साथ-साथ सत्र 2024–25 के अकादमिक पुरस्कारों का वितरण भी दोनों दिनों में संबंधित कक्षाओं के विद्यार्थियों को किया गया। यह क्षण विद्यार्थियों के लिए गर्व और प्रेरणा से भरा रहा, वहीं उपस्थित अभिभावकों के चेहरों पर भी अपार खुशी झलकती नजर आई, मानो वे अपने बचपन की मधुर स्मृतियों में लौट गए हों।
कार्यक्रम ने बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का बीजारोपण किया। अंततः वार्षिक खेल महोत्सव का औपचारिक समापन गरिमामय वातावरण में राष्ट्रगान के साथ किया गया, जिसने पूरे आयोजन को एक यादगार और प्रेरणादायी अनुभव बना दिया।





