चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन से सजी मकर संक्रांति: बिल्हा में निशुल्क आयुर्वेद-योग चिकित्सा शिविर, 108 रोगियों को मिला स्वास्थ्य लाभ






त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//** बिल्हा नव वर्ष एवं मकर संक्रांति के पावन पर्व के शुभ अवसर पर स्वस्थ भारत–समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत “चलो आयुर्वेद की ओर” मिशन के तहत एक भव्य एवं जनहितकारी निशुल्क आयुर्वेद-योग चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर संजय मेडिकल हाल, बिल्हा एवं लायंस क्लब एवरेस्ट (क्लब नंबर 096456) के संयुक्त तत्वावधान में संजय मेडिकल हाल, मंडी रोड बिल्हा में संपन्न हुआ।
इस स्वास्थ्य शिविर में स्त्री, पुरुष एवं बच्चों के सामान्य, साध्य, कष्टसाध्य एवं असाध्य रोगों से पीड़ित कुल 108 रोगियों ने निशुल्क जांच एवं उपचार का लाभ उठाया।
बीएमडी और मधुमेह जांच पूरी तरह निशुल्क
शिविर में 81 लोगों की अस्थि खनिज घनत्व (Bone Mineral Density – BMD) जांच तथा 63 मधुमेह रोगियों की रक्त शर्करा जांच पूर्णतः निशुल्क की गई। बीएमडी जांच दिल्ली से आए अनुभवी टेक्नीशियन सुनील मल्होत्रा द्वारा की गई, जिससे लोगों को हड्डियों की मजबूती और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं की सटीक जानकारी मिल सकी।

पतंजलि योगपीठ के ख्यातिलब्ध नाड़ीवैद्य ने दी सेवाएं
शिविर में पतंजलि योगपीठ हरिद्वार से प्रशिक्षित, छत्तीसगढ़ प्रांत के ख्यातिलब्ध चिकित्सक एवं पतंजलि योगपीठ हरिद्वार के आजीवन सदस्य नाड़ीवैद्य डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा ने अपनी अमूल्य चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं।
डॉ. शर्मा ने सभी 108 रोगियों को नाड़ी परीक्षण के माध्यम से रोगों की पहचान कर, उनके अनुसार निशुल्क आयुर्वेदिक चिकित्सा परामर्श, औषधीय सुझाव एवं आहार-विहार, दिनचर्या एवं ऋतुचर्या की विस्तृत जानकारी दी।
“आयुर्वेद बताता है क्या हितकर, क्या अहितकर” – डॉ. नागेन्द्र शर्मा
शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा ने कहा कि
“यदि हम आयुर्वेद के नियमों का पालन करें, तो निश्चित रूप से स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। आयुर्वेद ही बताता है कि हमारे लिए क्या हितकर है और क्या अहितकर।”
उन्होंने कहा कि रोगोपचार के लिए आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को पहली प्राथमिकता दी जानी चाहिए, क्योंकि यह जड़ से रोग को समाप्त करने वाली वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति है। साथ ही उन्होंने दैनिक जीवन में योग, प्राणायाम और संतुलित आहार को अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया।
योग-प्राणायाम का विशेष व्यक्तिगत प्रशिक्षण
शिविर में रोगियों को उनके रोगानुसार मण्डूकासन, शशकासन, पादहस्तासन, वक्रासन, मर्कटासन जैसे योगासन तथा भस्त्रिका, कपालभाति एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम का व्यक्तिगत रूप से विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे रोग नियंत्रण एवं दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित हो सके।
रोगियों ने जताया संतोष, आयोजकों का किया आभार
शिविर में पहुंचे रोगियों ने निशुल्क रक्त शर्करा जांच, बीएमडी जांच, आयुर्वेदिक परामर्श, आहार-विहार मार्गदर्शन एवं योग प्रशिक्षण प्राप्त कर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने अपने रोग पर नियंत्रण और भविष्य में इससे मुक्ति को लेकर विश्वास जताते हुए आयोजकों एवं चिकित्सकों का साधुवाद एवं आभार व्यक्त किया।
इनकी रही विशेष उपस्थिति
शिविर को सफल बनाने में
नाड़ीवैद्य डॉ. नागेन्द्र नारायण शर्मा,
संजय मेडिकल हाल बिल्हा के संचालक दिलीप गेहानी, कमल गेहानी, गगन शर्मा,
शिविर प्रभारी अश्विनी बुनकर,
नेत्रनंदन साहू, कुश गुप्ता, मोनिका ध्रुव, काजल गोस्वामी, नेहा महिलांगे, भोलाराम साहू, पवन वर्मा, बालाराम कुर्रे, बाबुल कौशिक, सुनील मल्होत्रा एवं प्रतीक शर्मा
ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।





