करतला में शिक्षा तंत्र ध्वस्त: शासकीय स्कूल बना गैरहाजिरी का गढ़, प्राचार्य से राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक तक लापता — बच्चों के भविष्य से खुला खिलवाड़






औचक निरीक्षण में उघड़ा सरकारी शिक्षा का काला सच, उपस्थिति पंजी फर्जीवाड़े का दस्तावेज बना — डीईओ कोरबा से मौके पर शिकायत, सख्त कार्रवाई की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा ****//*करतला 15 जनवरी 2026
करतला जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कराई नारा में बुधवार को हुए औचक निरीक्षण ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। जनपद उपाध्यक्ष एवं स्थायी शिक्षा समिति अध्यक्ष मनोज झा द्वारा किए गए इस औचक निरीक्षण में विद्यालय की कार्यप्रणाली पूरी तरह अव्यवस्थित, अनुशासनहीन और शासकीय नियमों की खुलेआम अवहेलना करती हुई पाई गई। हालात ऐसे मिले कि विद्यालय एक शैक्षणिक संस्थान से अधिक गैरहाजिरी और मनमानी का अड्डा प्रतीत हुआ।
सुबह लगभग 10:00 बजे जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा के नेतृत्व में एक संयुक्त निरीक्षण दल अचानक विद्यालय परिसर पहुँचा। निरीक्षण दल में दीपक पटेल (अध्यक्ष, शाला प्रबंधन विकास समिति कराई नारा), पवन सिंह (सरपंच कराई नारा), समय लाल पटेल, शिवचरण साहू एवं संजू वैष्णव प्रमुख रूप से शामिल थे। दल के विद्यालय पहुँचते ही शिक्षकों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल साफ दिखाई दिया, जो यह बताने के लिए काफी था कि सब कुछ सामान्य नहीं है।
शिक्षकों की भारी गैरहाजिरी, नियमों की खुलेआम धज्जियाँ
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि विद्यालय में पदस्थ अधिकांश शिक्षक निर्धारित समय पर उपस्थित ही नहीं थे। मौके पर केवल पाँच शिक्षक, एक व्यायाम शिक्षक, एक लिपिक और एक प्यून ही उपस्थित मिले। शेष शिक्षक विद्यालय समय में अनुपस्थित पाए गए। यह स्थिति न केवल शासकीय सेवा नियमों का सीधा उल्लंघन है, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ गंभीर अन्याय भी है।
उपस्थिति पंजी बना खानापूर्ति, कई दिनों तक नहीं हुए हस्ताक्षर
निरीक्षण दल द्वारा उपस्थिति पंजी की गहन जांच की गई, जिसमें चौंकाने वाली अनियमितताएँ उजागर हुईं। कई शिक्षकों के लगातार चार-चार दिनों तक हस्ताक्षर नहीं किए गए थे, जिससे यह साफ हो गया कि विद्यालय में उपस्थिति की निगरानी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। उपस्थिति पंजी सिर्फ औपचारिकता बनकर रह गया है।
इस पर जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा ने तीखी नाराज़गी जाहिर करते हुए उपस्थिति पंजी प्रभारी को सख्त निर्देश दिए कि प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे तक उपस्थिति पंजी अद्यतन रहनी चाहिए, अन्यथा संबंधितों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्य की गैरहाजिरी ने खोली प्रशासनिक लापरवाही की परतें
निरीक्षण में सबसे गंभीर और चौंकाने वाला तथ्य यह रहा कि विद्यालय के प्राचार्य स्वयं अनुपस्थित पाए गए। उपस्थिति पंजी की जांच में सामने आया कि प्राचार्य ने कई दिनों तक हस्ताक्षर नहीं किए हैं और बिना किसी पूर्व सूचना या आवेदन के विद्यालय से गायब हैं। यह स्थिति विद्यालय प्रशासन की पूरी संरचना को कटघरे में खड़ा करती है और शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक की अनुपस्थिति से शिक्षा विभाग की साख पर सवाल
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि विद्यालय में पदस्थ राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक राठौर भी समय पर उपस्थित नहीं थे। जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, उनकी इस प्रकार की लापरवाही ने पूरे शिक्षा तंत्र की साख पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है। निरीक्षण दल ने इसे अत्यंत गंभीर मामला बताते हुए इसकी विस्तृत जांच की मांग की है।
छात्रों की जुबानी सच्चाई: नियमित नहीं होती पढ़ाई
निरीक्षण दल ने विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों से भी बातचीत की। छात्रों ने बेझिझक बताया कि कई शिक्षक नियमित रूप से कक्षाओं में नहीं आते, जिससे पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है और पाठ्यक्रम समय पर पूरा नहीं हो पा रहा। बच्चों ने बताया कि उन्हें परीक्षा की तैयारी में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इस पर मनोज झा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डीईओ कोरबा से मौके पर शिकायत, कार्रवाई की मांग
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जनपद उपाध्यक्ष मनोज झा ने मौके पर ही जिला शिक्षा अधिकारी कोरबा (उपाध्याय) से दूरभाष पर संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी दी और विद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं की तत्काल जांच तथा दोषी शिक्षकों एवं अधिकारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की।
कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारियों का सम्मान, लापरवाहों को सख्त संदेश
निरीक्षण के दौरान जो शिक्षक एवं कर्मचारी समय पर उपस्थित पाए गए और अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करते नजर आए, उन्हें जनपद उपाध्यक्ष द्वारा तिलक लगाकर एवं फूलमाला पहनाकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी से काम करने वालों को सम्मान मिलना चाहिए, ताकि लापरवाह कर्मचारियों को भी स्पष्ट संदेश जाए।
आगे और भी सख्त कार्रवाई तय
निरीक्षण के बाद मनोज झा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि करतला विकासखंड के सभी शासकीय विद्यालयों में किसी भी समय औचक निरीक्षण किया जाएगा। विद्यालय समय में अनुपस्थित पाए जाने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कठोरतम अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस औचक निरीक्षण और डीईओ कोरबा को की गई शिकायत के बाद पूरे क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं अन्य शासकीय विद्यालयों में भी संभावित निरीक्षण को लेकर हड़कंप और सतर्कता का माहौल बना हुआ है।





