अंबेडकर जयंती पर युवाओं को किया प्रेरित, नरेंद्र देवांगन ने कहा – बाबासाहेब का जीवन संघर्षों की मिसाल




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा कोरबा, 14 अप्रैल 2025 — छत्तीसगढ़ प्रदेश गांड़ा समाज विकास समिति, कोरबा द्वारा बालको स्थित चौहान समाज सामुदायिक भवन में विश्वरत्न डॉ. बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला महामंत्री एवं निर्विरोध पार्षद नरेंद्र देवांगन शामिल हुए।
समारोह की शुरुआत डॉ. अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के वरिष्ठजन, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
संविधान निर्माता बाबासाहेब को दी गई श्रद्धांजलि
अपने संबोधन में नरेंद्र देवांगन ने डॉ. अंबेडकर को भारतीय संविधान के शिल्पकार, देश के पहले कानून मंत्री, समाज सुधारक और भारत रत्न से सम्मानित महान व्यक्तित्व के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि “बाबासाहेब का जीवन संघर्ष, शिक्षा और सेवा की मिसाल है। उन्होंने जीवन भर सामाजिक न्याय, समानता और बंधुत्व के लिए संघर्ष किया और हमें संविधान जैसा महान दस्तावेज दिया।”
देवांगन ने युवाओं से डॉ. अंबेडकर के सिद्धांतों पर चलने, शिक्षा को हथियार बनाकर आगे बढ़ने और समाज में समानता के लिए कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि आज अगर हम लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर पा रहे हैं, तो उसका श्रेय डॉ. अंबेडकर को जाता है।
समाज के लोगों ने लिया सामाजिक समरसता का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने सामाजिक समरसता, समानता, न्याय और बंधुत्व के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के विचारों को आत्मसात कर समाज को शिक्षित, संगठित और जागरूक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उपस्थिति रही प्रभावशाली
कार्यक्रम में पार्षद सुनीता चौहान, पार्षद चेतन मैत्री, समाज के केंद्रीय अध्यक्ष रामकृष्ण चौहान, जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण वाद्यक, गोपाल ऋषिकर भारती, वरिष्ठ समाजसेवी रामकुमार राठौर, उपाध्यक्ष प्यारेलाल साहू सहित बड़ी संख्या में समाजसेवी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
नवयुवकों में दिखा उत्साह
इस आयोजन में बड़ी संख्या में युवा वर्ग की भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि आज की पीढ़ी भी बाबासाहेब के विचारों को समझती है और उनके दिखाए मार्ग पर चलने के लिए तत्पर है। समाज के युवाओं ने कार्यक्रम के समापन पर डॉ. अंबेडकर के नारे लगाए और उनके आदर्शों पर चलने की शपथ ली।
निष्कर्ष: बालको में आयोजित यह समारोह केवल एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और संविधान के मूल्यों को सशक्त रूप से जनमानस में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास रहा।


