March 14, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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बालको की प्रगति में महिलाओं की सशक्त भागीदारी—सफलता की प्रेरणादायक कहानियाँ

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा  बालकोनगर, ****/। भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको), वेदांता समूह की प्रमुख इकाई, महिला कर्मचारियों के योगदान और उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए उनके सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। कंपनी ने महिलाओं को समान अवसर, सुरक्षा और सम्मान प्रदान करते हुए उन्हें कार्यबल का अभिन्न अंग बनाया है। महिला कर्मचारियों ने अपने कौशल, मेहनत और प्रतिबद्धता से बालको की निरंतर प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है

महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक कहानियाँ

खनन इंजीनियर सोनाली प्रियदर्शिनी – सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज, क्योंझर, उड़ीसा में खनन इंजीनियरिंग विभाग की पहली महिला छात्राओं में से एक। आज वे वेदांता बालको में खनन इंजीनियर के रूप में कार्यरत हैं, जिन्होंने इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए नया मार्ग प्रशस्त किया है।

सुरक्षा गार्ड सुमन बंजारे – छत्तीसगढ़ में एक ट्रांस महिला के रूप में अपनी पहचान को अपनाते हुए, बालको की लिंग परिवर्तन नीति के तहत अपने जीवन का सबसे बड़ा बदलाव किया। अब वे सुरक्षा प्रभारी के रूप में कार्यरत हैं और अपने साहस व आत्मनिर्भरता से समाज के लिए मिसाल बनी हैं।

महिला ड्राइवर सावित्री चौहान – कठिनाइयों से भरे जीवन में राजपूत ट्रैवल्स के तहत ड्राइविंग करियर शुरू किया और आज बालको प्लांट में महिला ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने यह साबित किया कि महिलाएँ भी बड़े वाहनों को सफलतापूर्वक चला सकती हैं।

सीएसआर लाभार्थी पद्मा राठिया – “मोर जल मोर माटी” परियोजना के तहत बंजर भूमि को उपजाऊ खेतों में बदलते हुए भटगांव की महिलाओं को संगठित किया और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद की।

प्रोजेक्ट पंछी की लाभार्थी सान्या कुमारी खुटे – मेडिकल क्षेत्र में जाने का सपना आर्थिक बाधाओं के कारण अधूरा लग रहा था, लेकिन वेदांता की “प्रोजेक्ट पंछी” योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनाया। अब वह रसायन शास्त्र की शिक्षिका बनने की इच्छा रखती हैं।

शिफ्ट इंचार्ज ममता मिरी – पुरुष-प्रधान माने जाने वाले पॉटलाइन सेक्टर में अपनी प्रतिभा साबित की। अब वे बालको प्लांट में शिफ्ट इंचार्ज के रूप में 15 कर्मचारियों की टीम का नेतृत्व कर रही हैं

सुरक्षा सहायक प्रबंधक पुष्पांजलि चौहान – एनसीसी कैडेट से वेदांता बालको की सुरक्षा अधिकारी बनने तक का सफर। अपने 2.5 साल के बच्चे की परवरिश और करियर में संतुलन कायम करते हुए वेदांता की क्रेच सुविधा का लाभ उठाते हुए सशक्त महिला की मिसाल बनी हैं।

महिला सशक्तिकरण की दिशा में बालको का योगदान

बालको महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा, समान अवसर और नेतृत्व की भूमिका प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। कंपनी में महिला कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण, नीतियाँ और विकास योजनाएँ चलाई जा रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर सफलता की नई ऊँचाइयाँ छू सकें।

महिला कर्मचारियों की ये प्रेरणादायक कहानियाँ यह साबित करती हैं कि अगर अवसर मिले तो महिलाएँ हर क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकती हैं और समाज को नई दिशा दे सकती हैं।

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