कब्रिस्तान में घोटाला: 17.82 लाख की दीवार महीनेभर में ढही, सदर-ठेकेदार की मिलीभगत उजागर!




त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **** बालोद। जिले के दल्ली राजहरा स्थित मुस्लिम कब्रिस्तान में बड़ा भ्रष्टाचार सामने आया है। शासन द्वारा ₹17.82 लाख खर्च कर बनाई गई बाउंड्री वॉल मात्र एक महीने में ही ढह गई। यह दीवार कब्रिस्तान की सुरक्षा के लिए बनाई गई थी, लेकिन घटिया निर्माण के कारण अब वहां जानवरों का जमावड़ा लग गया है,
जिम्मेदार मौन, उठ रहे गंभीर सवाल
कब्रिस्तान की देखरेख की जिम्मेदारी मुस्लिम कमेटी दल्ली राजहरा के अध्यक्ष शेख नय्यूम और सेक्रेटरी के हाथ में है, लेकिन दीवार गिरने के बाद दोनों ने चुप्पी साध ली। न तो ठेकेदार से जवाब मांगा गया, न ही प्रशासन से कोई कार्रवाई की मांग की गई। इससे स्थानीय मुस्लिम समाज में आक्रोश बढ़ रहा है।
ठेकेदार की मनमानी और विभाग की लापरवाही
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 10 अक्टूबर 2022 को डौंडी के ठेकेदार आनंद जैन को यह निर्माण कार्य सौंपा गया था, लेकिन इसमें गंभीर अनियमितताएं बरती गईं। दीवार की नींव तक नहीं डाली गई, फिर भी विभागीय इंजीनियरों ने इसे मंजूरी दे दी। इतना ही नहीं, मस्जिद कमेटी के सदर शेख नय्यूम ने दीवार को नाले तक बढ़ाने के निर्देश दिए, जिससे इसकी मजबूती और घट गई।
RTI से उजागर हुआ घोटाला
आरटीआई एक्टिविस्ट एवं पत्रकार फिरोज अहमद खान ने आदिवासी विकास शाखा, बालोद से इस घोटाले की जानकारी मांगी थी। दस्तावेजों से स्पष्ट हुआ कि निर्माण के महज एक महीने बाद ही दीवार ढह गई थी, लेकिन इसे आज तक सुधारा नहीं गया।
मुस्लिम समाज में आक्रोश, क्या होगी कार्रवाई?
स्थानीय मुस्लिम समाज का कहना है कि पहले भी कई सदर आए, लेकिन इस तरह का भ्रष्टाचार कभी नहीं हुआ। कब्रिस्तान जैसी पवित्र जगह पर भ्रष्टाचार करना निंदनीय है।
अब सवाल उठ रहा है—
➡️ क्या प्रशासन इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगा?
➡️ क्या ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर गाज गिरेगी?
➡️ या फिर यह घोटाला भी दफन होकर रह जाएगा?
अब देखना यह है कि जांच के बाद भ्रष्टाचारी बेनकाब होंगे या फिर मामला दबा दिया जाएगा!


