July 2, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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Trinetra Times    कोरबा जिला नगर पालिक निगम में पदस्थ दो अधिकारी आपराधिक अन्वेषण ब्यूरों के हत्थे चढऩे के मामले में एक नया मोड़ आ गया है। ACB की टीम ने नगर पालिक निगम (साकेत भवन) पहुंचकर दर्री जोन प्रभारी व कार्यपालन अभियंता से लगभग 10 घंटे तक पूछताछ की। इस घटनाक्रम में उनकी संलिप्तता फोन टेपिंग की वजह से शामिल होना बताया जा रहा हैं। बताया जा रहा है कि छापामार कार्यवाही के दौरान टीम के अधिकारी प्रार्थी सहित अधिकारियों के मोबाइल को टेप कर रहे थे।
निगम गठन के बाद पहली बार किसी अधिकारी या कर्मचारी ने रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस मामले में मंगलवार दोपहर निगम कार्यालय दर्री जोन में पदस्थ डी.सी. सोनकर व देवेंद्र स्वर्णकार को आपराध अन्वेषण ब्यूरों की टीम ने 35 हजार रूपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। इस पूरे मामले की शिकायत ठेकेदार मनकराम साहू ने की थी।
अपुस्ट सूत्रों का कहना है कि छापामार कार्यवाही के दौरान टीम के अधिकारियों ने दोनों अधिकारी सहित प्रार्थी के फोन को सर्विलेंस में लेकर पूरी बातचीत को सुन रहे थे। इस दौरान यह तथ्य सामने आया कि पकड़ में आए डी.सी. सोनकर अपने अधीनस्थ एसई देवेंद्र स्वर्णकार को मोबाइल के माध्यम से हिदायत दे रहे थे कि “35 हजार की रकम मेरी है, कार्यपालन अभियंता अरूण शर्मा एवं श्री स्वर्णकार के हिस्से की रकम अलग से है। श्री सोनकर ने यह भी कहा कि तीनों अधिकारियों को रिश्वत की रकम मिल जाने के बाद ही ठेकेदार के कार्य का भुगतान किया जाए।”
ACB की टीम ने इसी फोन टेपिंग को आधार मानकर दर्री जोन प्रभारी एवं कार्यपालन अभियंता अरूण शर्मा के साकेत भवन में स्थित दफ्तर में सुबह 10 बजे पहुंचकर दस्तावेजों को खंगालना प्रारंभ किया। टीम के अधिकारी लगभग दस घंटे तक श्री शर्मा के कार्यालय में डटे रहे। इस दौरान पीडि़त ठेकेदार के निविदा प्रपत्रों सहित अन्य कागजातों की जांच-पड़ताल करते रहे।
निगम में रिश्वतखोरी का मामला उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

 

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