कोरबा व बिलासपुर के दो बड़े कोल व्यापारियों को EOW ने किया गिरफ्तार



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा छत्तीसगढ़ का बहुचर्चित 570 करोड़ रुपये का कोल लेव्ही वसूली मामले में संभावना जताई जा रही हैं, कि घोटाले से जुड़े आरोपियों को रिमांड में लेकर EOW द्वारा पूछताछ करने पर बिलासपुर व कोरबा के दो बड़े कोल व्यापारियों का नाम सामने आया। उन्हें गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश कर 6 दिनों के लिए इन्हें EOW ने रिमांड पर लिया है।
जानकारी के अनुसार छतीसगढ़ में हुए 570 करोड़ रुपये के कोल लेव्ही वसूली के मामले में EOW ने 13 जून को बिलासपुर और कोरबा से दो बड़े कोल व्यापारियों को गिरफ्तार किया है। यह जानकारी ब्यूरो द्वारा एक प्रेस नोट जारी कर दी गई हैं। संभावना यह जताई जा रही हैं कि घोटाले से जुड़े अन्य कथित आरोपियों को रिमांड में लेकर EOW द्वारा पूछताछ करने पर इन दो बड़े कोल व्यापारियों का नाम सामने आया हैं। इन्हें विशेष अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए EOW ने 6 दिनों का रिमांड लिया है।ED के बाद राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने भी अवैध कोल लेव्ही के वसूली के मामले में ब्यूरो में अपराध क्रमांक 3/2024 धारा-7,7-ए,12 भरस्टाचार निवारण अधिनियम धारा 120 बी, 384, 420भादवि की धारा का अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।
EOW की जारी प्रेस नोट में बताया गया हैं कि अपराध में संलिप्तता के आधार पर गिरफ्तारी की गई हैं, विशेष न्यायालय भरस्टाचार निवारण अधिनियम रायपुर की अदालत में उक्त दोनों कथित आरोपियों को पेश कर 20 जून तक के लिए पुलिस के रिमांड पर ब्यूरो द्वारा लिया गया हैं। इनसे पूछताछ पर नये तथ्यों के खुलासे की संभावना जताई जा रही हैं।
बताया जा रहा हैं की प्रदेश में कोल लेव्ही वसूली का मामला ED की रेड में उजागर हुआ था। कोल परिवहन में कोयला व्यापारियों से वसूली करने के लिए ऑनलाइन मिलने वाले परमिट को खनिज विभाग के तत्कालीन संचालक IAS ने 15 जुलाई 2020 को आदेश जारी कर ऑनलाइन को ऑफलाइन कर दिया था।

