कोरबा तालाब सूखने से निस्तारी की आ रही समस्या



* खदान विस्तार से तालाब के अस्तित्व पर मंडरा रहा खतरा
* भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति की बैठक में रोजगार व अन्य मुद्दे पर हुई गहन चर्चा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा जिलान्तर्गत पाली ब्लॉक के ग्राम सराईसिंगार के लोगों ने तालाब सूखने से निस्तारी की आ रही समस्या पर ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति की बैठक में ध्यान आकर्षित कराया। साथ ही कहा कि खदान के विस्तार से तालाब का अस्तित्व खतरे में है। बसाहट देकर विस्थापित करने के बाद ही ग्राम के नजदीक कोयला खनन होना चाहिए, लेकिन एसईसीएल प्रबंधन ने उनकी मांग को अनसुना कर दिया है।
ग्रामीणों के साथ ऊर्जाधानी भू-विस्थापित किसान कल्याण समिति की बैठक में प्रभावित ग्राम सराईसिंगार के भू-विस्थापितों के रोजगार, मुआवजा व बसराहट के प्रकरण पर गहन चर्चा हुई। बैठक में ग्रामीणों ने बताया कि पीने के पानी की समस्या बनी हुई है। ग्राम से कुछ दूरी पर ही खदान संचालित है। इस कारण अब तालाब भी सूख चुके हैं। इससे ग्रामीणों के सामने निस्तारी की समस्या भी आ रही हैं। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष सपूरन कुलदीप ने कहा कि जनचौपाल में ग्रामीण अपने क्षेत्र की समस्याओं को बता रहे हैं। इसके निराकरण को लेकर एसईसीएल प्रबंधन का ध्यान आकृष्ठ कराएंगे। साथ ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को भी भू-विस्थापितों की समस्याओं से अवगत कराया जाएगा। कोयला खदानों के संचालन क्षेत्र में समस्या गंभीर है। खासकर खुली खदानों का संचालन ग्राम के नजदीक होने और प्रभावितों को विस्थापित नहीं करने से ग्राम में रह रहे लोगों की समस्या बढ़ गई है।

