उद्योग की ताकत से सामाजिक बदलाव तक… राज्योत्सव में बालको ने दिखाई विकसित छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर
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128 गांवों में 1.80 लाख से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव की पहल, औद्योगिक नवाचार से लेकर महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास तक बालको के योगदान की दिखी व्यापक झलक
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// बालकोनगर, 03 नवंबर 2026। कोरबा की धरती पर उद्योग और विकास की जो पहचान बनी है, उसे सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने कोरबा राज्योत्सव-2026 में अपनी उपलब्धियों की प्रभावशाली तस्वीर पेश की। बालको का पैवेलियन केवल औद्योगिक प्रगति का प्रदर्शन नहीं रहा, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि किसी उद्योग की वास्तविक सफलता उत्पादन और तकनीक तक सीमित नहीं होती, बल्कि समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने से भी उसकी पहचान बनती है।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव में बालको के पैवेलियन ने आगंतुकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्रदेश शासन के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन, कटघोरा विधायक प्रेमचंद पटेल, जिला प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पैवेलियन का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने बालको की आधुनिक औद्योगिक तकनीक, उत्पादन क्षमता और सामुदायिक विकास से जुड़ी पहलों की जानकारी ली तथा कंपनी के प्रयासों की सराहना की।
आधुनिक तकनीक से औद्योगिक विकास की नई पहचान
बालको पैवेलियन में एल्युमिनियम उत्पादन की आधुनिक प्रक्रिया, अत्याधुनिक तकनीकी व्यवस्थाओं और सतत विकास के प्रयासों को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया। आगंतुकों को बताया गया कि कोरबा से अपनी यात्रा शुरू करने वाला बालको आज ऊर्जा, अधोसंरचना, परिवहन और विनिर्माण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में देश की औद्योगिक प्रगति को गति देने में अहम भूमिका निभा रहा है।

गांवों तक पहुंच रहा विकास, 1.80 लाख से अधिक लोगों को लाभ
बालको की विकास यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष उसकी सामुदायिक सहभागिता है। कंपनी छत्तीसगढ़ के पांच जिलों कोरबा, कवर्धा, सरगुजा, रायगढ़ और रायपुर के 128 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास और आजीविका संवर्धन से जुड़ी पहलों के माध्यम से 1.80 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में काम कर रही है।
राज्योत्सव में उन्नति, मोर जल मोर माटी, वेदांता स्किल स्कूल, कनेक्ट कोचिंग प्रोग्राम, कोसाकरी और नंदघर जैसी प्रमुख परियोजनाओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। इनके माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों की जानकारी दी गई।
महिलाओं को आत्मनिर्भरता, युवाओं को हुनर और किसानों को नई दिशा
वेदांता स्किल स्कूल के माध्यम से युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण देकर उनके लिए आजीविका के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। उन्नति परियोजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। वहीं, मोर जल मोर माटी परियोजना किसानों को सतत कृषि पद्धतियों और बेहतर आजीविका से जोड़ने का काम कर रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में मोबाइल हेल्थ वैन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं समुदायों तक पहुंचाई जा रही हैं। शिक्षा, पारंपरिक हस्तशिल्प, ग्रामीण खेलों और सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहन देकर स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की पहल भी बालको की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
औद्योगिक उपलब्धियों के साथ सामाजिक जिम्मेदारी का संकल्प
कोरबा की मिट्टी से जुड़ा बालको आज औद्योगिक उत्कृष्टता, तकनीकी नवाचार और सामाजिक परिवर्तन के समन्वय की पहचान बनकर अपनी भूमिका निभा रहा है। राज्योत्सव में प्रदर्शित उसकी पहल ने यह संदेश दिया कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब औद्योगिक प्रगति के साथ गांव, किसान, महिलाएं, युवा और जरूरतमंद समुदाय भी विकास के अवसरों से जुड़ेंगे।
बालको का प्रयास उत्पादन और उद्योग की सीमाओं से आगे बढ़कर समाज के व्यापक सशक्तिकरण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने का है। आत्मनिर्भर समुदाय, कुशल युवा, सशक्त महिलाएं और बेहतर जीवन स्तर की परिकल्पना के साथ कंपनी विकसित छत्तीसगढ़ और सशक्त, समृद्ध एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी निभा रही है।
