राज्योत्सव पर दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर मुख्यमंत्री साय का कांग्रेस पर हमला, बोले— प्रदेश की अस्मिता के पर्व पर भी राजनीति से बाज नहीं आ रहा विपक्ष
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एसआईआर, ईवीएम और चुनाव आयोग के नाम पर सवाल उठाने के बजाय जनता के बीच जाकर विश्वास जीतने की दी नसीहत, कहा— चुनाव हंगामे से नहीं, जनसेवा और जनविश्वास से जीते जाते हैं
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर,1 नवंबर 2026 छत्तीसगढ़ जब अपने स्थापना दिवस के ऐतिहासिक और गौरवशाली अवसर पर राज्योत्सव की खुशियां मना रहा है, तब विपक्ष के नेताओं का प्रदेश से बाहर रहकर दिल्ली में प्रदर्शन करना राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मुद्दे पर विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राज्य स्थापना दिवस प्रदेश की अस्मिता, स्वाभिमान और गौरव से जुड़ा ऐतिहासिक दिन है। ऐसे महत्वपूर्ण अवसर पर प्रदेश की जनता के बीच मौजूद रहने के बजाय दिल्ली में संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ प्रदर्शन करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि वर्षों के संघर्ष, जनभावनाओं और प्रदेशवासियों के सपनों की पहचान है। यह ऐसा अवसर है, जब सभी राजनीतिक दलों को दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर प्रदेश की उपलब्धियों, विकास और भविष्य की संभावनाओं पर बात करनी चाहिए। लेकिन विपक्ष ने इस गौरवपूर्ण दिन पर भी राजनीतिक विरोध-प्रदर्शन को प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने एसआईआर, ईवीएम और निर्वाचन आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतंत्र में संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण है। इन संस्थाओं पर लगातार सवाल खड़े करके अविश्वास का माहौल बनाने के बजाय विपक्ष को अपनी राजनीतिक भूमिका और जनसंपर्क पर ध्यान देना चाहिए। जनता के बीच जाकर अपनी नीतियों, विचारों और कार्यों के आधार पर समर्थन हासिल करना ही लोकतांत्रिक राजनीति का रास्ता है।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि होता है। चुनाव में अपेक्षित समर्थन नहीं मिलने पर चुनावी व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं को निशाने पर बनाने से जनसमर्थन हासिल नहीं किया जा सकता। जनता के बीच जाना, उनकी समस्याओं को समझना, उनके सुख-दुःख में सहभागी बनना और विकास के लिए ठोस प्रयास करना ही राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि चुनाव केवल आरोप-प्रत्यारोप, प्रदर्शन और हंगामे से नहीं जीते जाते। इसके लिए जनता का विश्वास अर्जित करना पड़ता है। जनसेवा, विकास और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता ही किसी राजनीतिक दल की असली पूंजी होती है। जनता के विश्वास का कोई विकल्प नहीं है।
श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता अपने राज्य के गौरव और विकास को लेकर उत्साहित है। ऐसे समय में प्रदेश की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर सकारात्मक चर्चा होनी चाहिए। राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन राज्य के गौरव से जुड़े ऐतिहासिक अवसरों पर प्रदेशहित और जनभावनाओं को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
मुख्यमंत्री के इस बयान से राज्य स्थापना दिवस पर दिल्ली में विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद और तेज होने के संकेत हैं। उनके वक्तव्य का मुख्य संदेश यही रहा कि चुनावी राजनीति में संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से अधिक जरूरी जनता के बीच अपनी विश्वसनीयता और विश्वास कायम करना है।
