सरदार पटेल जयंती पर महापौर संजू देवी राजपूत ने किया माल्यार्पण, चीकू का पौधा रोपकर दिया सामाजिक एकता और हरियाली का संदेश
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तुलसी नगर स्थित सरदार पटेल स्मृति संस्थान में कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति का गरिमामय आयोजन, महापुरुष के आदर्शों को आत्मसात करने और समाज की एकजुटता मजबूत बनाने का लिया संकल्प
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। भारत की एकता और अखंडता के शिल्पकार, लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर कोरबा के तुलसी नगर चौक स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति संस्थान में श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक एकजुटता का प्रेरणादायी नजारा देखने को मिला। कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति द्वारा आयोजित जयंती समारोह में नगर निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों, जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी लौह पुरुष को नमन करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

समारोह में महापौर संजू देवी राजपूत की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात उन्होंने समाज के पदाधिकारियों एवं उपस्थित नागरिकों से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान सामाजिक एकता, आपसी समन्वय, संगठन की मजबूती और समाज के विकास से जुड़े विषयों पर संवाद हुआ। कार्यक्रम में देवेंद्र पांडे भी विशेष रूप से शामिल हुए।

माल्यार्पण के साथ पौधारोपण, महापौर ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
जयंती समारोह की खास बात यह रही कि आयोजन को केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि इसे सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा गया। महापौर संजू देवी राजपूत ने स्मृति संस्थान परिसर में चीकू का पौधा रोपित कर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। वहीं देवेंद्र पांडे ने भी पौधारोपण कर प्रकृति के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।
इस पहल ने समारोह को एक नई सार्थकता प्रदान की। उपस्थित लोगों के बीच यह संदेश दिया गया कि महापुरुषों की जयंती मनाने का वास्तविक उद्देश्य उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में उतारना है। पौधारोपण के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, सुंदर और हरित पर्यावरण तैयार करने की जिम्मेदारी का भी स्मरण कराया गया।


सरदार पटेल के आदर्शों से मिलेगी सामाजिक एकता को नई दिशा
सरदार वल्लभभाई पटेल का संपूर्ण जीवन दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन, साहस, संगठन क्षमता और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की सैकड़ों रियासतों का भारतीय संघ में विलय कराकर उन्होंने अखंड भारत के निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका निभाई। यही कारण है कि उन्हें आधुनिक भारत के एकीकरण का शिल्पकार और लौह पुरुष के रूप में सम्मान प्राप्त है।
उनके जीवन से प्रेरणा लेते हुए समारोह में सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं एवं समाजजनों के बीच यह भावना प्रमुखता से सामने आई कि समाज की असली ताकत उसकी एकजुटता, परस्पर सहयोग, शिक्षा, संस्कार और संगठित प्रयासों में निहित होती है।

शिक्षा, संस्कार और संगठन से मजबूत होगा समाज
समारोह के माध्यम से समाज की भावी पीढ़ी को शिक्षा, संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ने का संदेश भी दिया गया। सामाजिक संगठनों की भूमिका केवल कार्यक्रम आयोजित करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता, युवाओं को आगे बढ़ाने, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और समाज में आपसी सद्भाव कायम रखने की दिशा में भी निरंतर प्रयास होने चाहिए।
तुलसी नगर स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल स्मृति संस्थान को महापुरुष के विचारों और आदर्शों से नई पीढ़ी को परिचित कराने का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की भावना भी इस आयोजन में दिखाई दी। समाज के लोगों की सहभागिता ने आपसी सहयोग और संगठनात्मक मजबूती का संदेश दिया।
पौधा लगाकर ही नहीं, उसे वृक्ष बनाने का भी लिया संकल्प
चीकू के पौधे सहित अन्य पौधों का रोपण समारोह का महत्वपूर्ण आकर्षण रहा। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। संदेश दिया गया कि पौधारोपण तभी सफल होगा, जब लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाए और उन्हें सुरक्षित रखते हुए वृक्ष बनाया जाए। सरदार पटेल के एकता और राष्ट्रनिर्माण के विचारों के साथ पर्यावरण संरक्षण की यह पहल समारोह को यादगार बनाने वाली रही।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर नगर निगम कोरबा की महापौर संजू देवी राजपूत, कुर्मी क्षत्रिय कल्याण समिति के अध्यक्ष रामकुमार वर्मा, उपाध्यक्ष एवं पार्षद राकेश वर्मा, सचिव अश्वनी चंद्रा, कोषाध्यक्ष मोहन पटेल, उपकोषाध्यक्ष पवन सिन्हा, सहसचिव रामधन राजवाड़े, सदस्य सीताराम कश्यप, बलीराम राजवाड़े, पुन्नीलाल राजवाड़े, शिवचरण कश्यप, वार्ड पार्षद मथुरा चंद्रा, सुशील वर्मा, सुदेश चंद्रा, सुधीर वर्मा, महेंद्र कौशिक, संजय राजवाड़े, रंजना राजवाड़े, एनपी कौशिक, शांति बाई चंद्रा, सरिता चंद्रा, हेमलता चंद्रा, पूनम चंद्रा, लक्ष्मी देवी कौशिक, रीमा वर्मा, खुशबू वर्मा, शोभा चंद्रा, दिनेश राजवाड़े, चंदन प्रसाद राजवाड़े, नरेंद्र कौशिक, जगमोहन राजवाड़े, महेंद्र राजवाड़े, देवेंद्र राजवाड़े, देवेंद्र पांडे, शशि वर्मा, रविंद्र कुमार राजवाड़े एवं उमा राजवाड़े सहित समाज के अनेक वरिष्ठजन, महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर आयोजित यह समारोह श्रद्धांजलि, सामाजिक समरसता और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर संगम बना। महापौर संजू देवी राजपूत द्वारा माल्यार्पण और पौधारोपण ने आयोजन को विशेष पहचान दी। वहीं समाजजनों की सहभागिता ने एकजुटता और संगठन की मजबूती का संदेश दिया। लौह पुरुष के आदर्शों को आत्मसात करते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि का भाव है।
