कोरबा के छायांक चन्द्रा ने ‘देश राग’ में जमाया अपनी प्रतिभा का दमदार रंग, शास्त्रीय गायन में हासिल किया प्रथम स्थान
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अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में शानदार प्रस्तुति से बढ़ाया कोरबा का मान, गुरुजनों के मार्गदर्शन और निरंतर संगीत साधना ने दिलाई बड़ी सफलता
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//कोरबा। प्रतिभा जब कठिन परिश्रम, निरंतर अभ्यास और गुरुजनों के मार्गदर्शन के साथ आगे बढ़ती है, तो सफलता की नई इबारत लिखती है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है बालको डीपीएस के होनहार छात्र छायांक चन्द्रा ने। भिलाई-दुर्ग में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘देश राग’ में शास्त्रीय संगीत की एकल गायन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर छायांक ने न केवल अपनी संगीत प्रतिभा का शानदार परिचय दिया, बल्कि अपने परिवार, विद्यालय, गुरुजनों और पूरे कोरबा जिले का गौरव भी बढ़ाया है।
नृत्यधाम कला समिति द्वारा 24 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव में नृत्य, संगीत, वाद्य यंत्र, चित्रकला एवं पेंटिंग सहित विभिन्न कला विधाओं की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। देश राग के इस प्रतिष्ठित मंच पर छायांक ने शास्त्रीय संगीत की कनिष्ठ श्रेणी में अपनी सुरीली आवाज, सुरों की समझ और प्रभावशाली गायन से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया।

गुरुजनों के मार्गदर्शन में निखरी संगीत प्रतिभा
छायांक की इस उपलब्धि के पीछे वर्षों की संगीत साधना और गुरुजनों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है। वे बचपन से ही बालको डीपीएस में संगीत शिक्षक श्री मोरध्वज वैष्णव एवं श्री कमलेश शर्मा के मार्गदर्शन में संगीत की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। दोनों शिक्षकों के सान्निध्य में उनकी गायन प्रतिभा निरंतर निखरती रही है।
वर्तमान में छायांक नीलिमा स्वर साधना अकादमी की शिक्षिका श्रीमती नीलिमा जायसवाल के मार्गदर्शन में शास्त्रीय संगीत की बारीकियां सीखते हुए अपनी साधना को आगे बढ़ा रहे हैं। इससे पहले भी वे छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आयोजित संगीत प्रतियोगिताओं में अनेक पुरस्कार प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके हैं। ‘देश राग’ में प्रथम स्थान उनकी इसी निरंतर मेहनत और संगीत के प्रति समर्पण का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
विद्यालय और शिक्षकों के योगदान को भी मिला सम्मान
छायांक की इस उपलब्धि पर उनके परिवारजनों ने डीपीएस स्कूल बालको के प्राचार्य श्री कैलाश पवार के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि प्राचार्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए संगीत, कला और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। साथ ही संगीत शिक्षक श्री मोरध्वज वैष्णव एवं श्री कमलेश शर्मा के योगदान को भी इस सफलता का महत्वपूर्ण आधार बताया गया।
संगीत और सामाजिक गतिविधियों से जुड़ा परिवार
छायांक के पिता श्री केशव चन्द्रा बालको संयंत्र में कार्यरत हैं तथा सामाजिक संस्था मानव सेवा मिशन के सक्रिय सदस्य हैं। वे मंच संचालन और क्रिकेट कमेंट्री के क्षेत्र में भी अपनी अलग पहचान रखते हैं। वहीं उनकी माता श्रीमती माधुरी चन्द्रा गृहिणी होने के साथ-साथ एक सुमधुर गायिका भी हैं। संगीत के प्रति पारिवारिक रुचि और सकारात्मक वातावरण ने भी छायांक की प्रतिभा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
छायांक की सफलता से कोरबा में हर्ष का माहौल
अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक महोत्सव के मंच पर प्रथम स्थान हासिल करना छायांक चन्द्रा के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। उनकी इस सफलता से परिवारजनों, शिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन और शुभचिंतकों में खुशी की लहर है। यह उपलब्धि उन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो पढ़ाई के साथ अपनी कला और रुचि के क्षेत्र में पहचान बनाने का सपना देखते हैं।
छायांक ने अपनी मेहनत और संगीत साधना से यह साबित किया है कि प्रतिभा को सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और अवसर मिले तो छोटी उम्र में भी बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाई जा सकती है। अब कोरबा के लोगों को छायांक से भविष्य में संगीत के क्षेत्र में और भी बड़ी उपलब्धियों की उम्मीद है।
