किकबॉक्सिंग के अखाड़े में कोरबा के नन्हे खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन, 166 खिलाड़ियों ने दिखाया हुनर
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डीडीएम स्कूल बना चैंपियन, न्यू ईरा प्रोग्रेसिव स्कूल दूसरे और अग्रसेन पब्लिक स्कूल तीसरे स्थान पर; 25 विद्यालयों के खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा
खेल के साथ आत्मरक्षा के लिए भी किकबॉक्सिंग जरूरी : कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। खेल के मैदान में अनुशासन, आत्मविश्वास और जीत का जज्बा लेकर उतरे कोरबा जिले के स्कूली खिलाड़ियों ने इंटर स्कूल किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। जिले के 25 विद्यालयों के लगभग 166 बालक-बालिका खिलाड़ियों ने विभिन्न वजन वर्गों में मुकाबला करते हुए अपनी खेल क्षमता का परिचय दिया। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने न केवल पदकों के लिए जोरदार प्रदर्शन किया, बल्कि आत्मरक्षा के इस प्रभावी खेल के प्रति अपनी रुचि और समर्पण भी प्रदर्शित किया। पदकों की दौड़ में डीडीएम स्कूल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैंपियनशिप अपने नाम की।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन से मान्यता प्राप्त किकबॉक्सिंग एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में 24 अक्टूबर 2026 को कोरबा जिला किकबॉक्सिंग एसोसिएशन एवं सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी के संयुक्त तत्वावधान में इंटर स्कूल किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें चिल्ड्रन, कैडेट एवं जूनियर वर्ग के बालक-बालिका खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विद्यालयों से लगभग 166 खिलाड़ी तथा 40 कोच, मैनेजर और अधिकारी शामिल हुए।
डीडीएम स्कूल ने 59 पदकों के साथ जमाया पहला स्थान
प्रतियोगिता में डीडीएम स्कूल के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 20 स्वर्ण, 23 रजत और 16 कांस्य पदक सहित कुल 59 पदक अपने नाम किए। इस शानदार उपलब्धि के साथ विद्यालय ने प्रतियोगिता में प्रथम स्थान हासिल कर चैंपियनशिप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
न्यू ईरा प्रोग्रेसिव स्कूल के खिलाड़ियों ने भी शानदार खेल दिखाया। विद्यालय के खिलाड़ियों ने 16 स्वर्ण, 6 रजत और 4 कांस्य पदक सहित कुल 26 पदक जीतकर दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं अग्रसेन पब्लिक स्कूल के खिलाड़ियों ने 11 स्वर्ण, 3 रजत और 2 कांस्य पदक सहित कुल 16 पदक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
तीनों विद्यालयों के खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से प्रतियोगिता को रोमांचक बनाया। पदक जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ-साथ प्रतियोगिता में भाग लेने वाले अन्य विद्यालयों के प्रतिभागियों ने भी खेल भावना और अनुशासन का परिचय दिया।
तीन विधाओं में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम
प्रतियोगिता में किकबॉक्सिंग की तीन प्रमुख विधाओं—पाइंट फाइटिंग, किक लाइट और म्यूजिकल फॉर्म्स में मुकाबले आयोजित किए गए। अलग-अलग वजन वर्गों में खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, गति, संतुलन और अभ्यास का प्रदर्शन किया। इन मुकाबलों ने खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और प्रतिस्पर्धात्मक खेल का अनुभव हासिल करने का अवसर दिया।
छत्तीसगढ़ किकबॉक्सिंग एसोसिएशन के संस्थापक एवं कार्यकारी अध्यक्ष तारकेश मिश्रा ने बताया कि स्कूली स्तर पर ऐसी प्रतियोगिताएं आयोजित करने का उद्देश्य बच्चों और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ाना, उनकी प्रतिभा को मंच देना तथा किकबॉक्सिंग के माध्यम से आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की भावना विकसित करना है।

लखन लाल देवांगन बोले—खेल के साथ आत्मरक्षा भी जरूरी
प्रतियोगिता के समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। महापौर संजू देवी राजपूत अति विशिष्ट अतिथि रहीं। विशिष्ट अतिथियों में एमआईसी सदस्य एवं पार्षद नरेंद्र देवांगन, क्रीड़ा भारती के जिलाध्यक्ष बलराम विश्वकर्मा, प्रफुल्ल तिवारी, योगेश मिश्रा और वैभव शर्मा उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि लखन लाल देवांगन ने खिलाड़ियों, अभिभावकों और प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में किकबॉक्सिंग केवल एक खेल नहीं, बल्कि आत्मरक्षा की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। खेल बच्चों में अनुशासन, साहस, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करते हैं। उन्होंने प्रतियोगिता में विजेता, उपविजेता और भाग लेने वाले सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
समारोह में मंचासीन अतिथियों ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया। खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर उपस्थित अभिभावकों, प्रशिक्षकों और खेलप्रेमियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका उत्साह बढ़ाया।
अनुभवी निर्णायकों ने संभाली प्रतियोगिता की जिम्मेदारी
प्रतियोगिता के सफल संचालन में अंतरराष्ट्रीय रेफरी प्रभात साहू, मयंक डडसेना तथा वरिष्ठ खिलाड़ी एवं रेफरी अंकुश लाल यादव, शुभम यादव, जुनैद आलम, रितेश साहा, सोमेश साहू, सुयश नामदेव और जगदीश यादव ने निर्णायक की भूमिका निभाई। लोकिता चौहान अभिलेख प्रभारी के रूप में उपस्थित रहीं।
विभिन्न विद्यालयों की टीमों के साथ व्यायाम शिक्षक सुमित सिंह, संदीप मंडल, यश शर्मा, प्रेरणा मुनि और शुभम महापात्र सहित विभिन्न विद्यालयों के व्यायाम शिक्षक भी मौजूद रहे। प्रशिक्षकों और शिक्षकों ने खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते हुए प्रतियोगिता को सफल बनाने में योगदान दिया।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प
प्रतियोगिता के आयोजन पर किकबॉक्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष छगनलाल मूंदड़ा, संस्थापक तारकेश मिश्रा, महासचिव आकाश गुरुदीवान, जिला ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष नौशाद खान, सचिव सुरेश क्रिस्टोफर, जिला खेल अधिकारी दिनु पटेल, रामकृपाल साहू, कोरबा जिला किकबॉक्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष एवं सीएमए किकबॉक्सिंग एकेडमी की संचालिका प्रीति मिश्रा, शैलेश सिंह सोमवंशी, विकास नामदेव और स्नेहा सिदार सहित अभिभावकों एवं खेलप्रेमियों ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
इंटर स्कूल किकबॉक्सिंग प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि स्कूली स्तर पर खेलों को बढ़ावा देकर बच्चों की प्रतिभा को नई दिशा दी जा सकती है। कोरबा के खिलाड़ियों का उत्साह, विद्यालयों की भागीदारी और प्रशिक्षकों का समर्पण जिले में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों को आगे बढ़ने, अपनी क्षमताओं को पहचानने और खेल के माध्यम से आत्मविश्वासी बनने का अवसर प्रदान करती हैं।
