October 26, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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31वें सप्ताह में हुआ था जन्म, सांस लेने में परेशानी और गंभीर संक्रमण समेत कई चुनौतियों से जूझे दोनों बच्चे; NKH सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में विशेषज्ञों की निगरानी और विशेष देखभाल से मिली नई जिंदगी

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//  कोरबा। जन्म के समय एक शिशु का वजन महज 870 ग्राम और दूसरे का 1 किलो 60 ग्राम। उम्र भी पूरी नहीं हुई थी और सामने थीं कई गंभीर स्वास्थ्य चुनौतियां। लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी, अत्याधुनिक नवजात गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में निरंतर उपचार और विशेष देखभाल के बाद दोनों जुड़वां शिशुओं ने स्वस्थ होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया। लगभग एक माह तक चले उपचार के बाद 12 अक्टूबर को दोनों को NKH सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कोरबा से छुट्टी दे दी गई। इन नन्हे बच्चों की घर वापसी समयपूर्व जन्म लेने वाले शिशुओं के उपचार में विशेषज्ञ चिकित्सा और सतत निगरानी के महत्व को रेखांकित करती है।

31वें सप्ताह में जन्म, शुरुआत से ही गंभीर चुनौतियां

दोनों बच्चों का जन्म गर्भावस्था के 31वें सप्ताह में हुआ था। समय से पहले जन्म और बेहद कम वजन के कारण उन्हें विशेष चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता थी। जन्म के बाद दोनों शिशुओं को सांस लेने में परेशानी, सेप्सिस यानी गंभीर संक्रमण और एनीमिया जैसी जटिलताओं का सामना करना पड़ा।

इनमें से एक बच्चे में रक्त शर्करा का स्तर कम होने तथा समयपूर्व जन्म से जुड़ी आंखों की बीमारी रेटिनोपैथी ऑफ प्रीमैच्योरिटी (ROP) की समस्या भी सामने आई। ऐसी परिस्थितियों में नवजातों की स्थिति पर लगातार नजर रखना और आवश्यकता के अनुसार उपचार उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण था।

NICU में चौबीसों घंटे निगरानी, उपचार से सुधरी स्थिति

बाल एवं नवजात रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत ठोकल के मार्गदर्शन में दोनों बच्चों का नवजात गहन चिकित्सा इकाई में उपचार किया गया। चिकित्सकीय टीम ने उनकी सांस, ऑक्सीजन स्तर, हृदय गति, रक्त शर्करा, शरीर के तापमान और पोषण की नियमित निगरानी की।

जरूरत के अनुसार श्वसन सहायता, दवाइयां और विशेष पोषण उपलब्ध कराया गया। लगातार देखभाल और उपचार के दौरान बच्चों की सेहत में सुधार हुआ। उपचार के बाद 870 ग्राम वजन वाले शिशु का वजन बढ़कर 1 किलो 450 ग्राम तक पहुंच गया। दोनों की स्थिति में सुधार होने पर चिकित्सकीय आकलन के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

समयपूर्व जन्म में सही चिकित्सा सुविधा की अहम भूमिका

यह मामला बताता है कि समय से पहले जन्म लेने वाले और कम वजन वाले बच्चों के लिए प्रशिक्षित चिकित्सा दल, आवश्यक उपकरणों से सुसज्जित NICU और नियमित निगरानी कितनी महत्वपूर्ण है। ऐसे नवजातों को उनकी स्थिति के अनुरूप सांस लेने में सहायता, संक्रमण का उपचार, उचित पोषण और अन्य जरूरी चिकित्सकीय सुविधाओं की आवश्यकता हो सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, जुड़वां गर्भावस्था या समयपूर्व प्रसव की आशंका होने पर ऐसी स्वास्थ्य सुविधा की योजना पहले से बनाना उपयोगी होता है, जहां नवजात विशेषज्ञ और प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ उपलब्ध हों।

अस्पताल से छुट्टी के बाद भी देखभाल जरूरी

समयपूर्व जन्म लेने वाले बच्चों के लिए अस्पताल से छुट्टी मिलना उपचार की प्रक्रिया का अंतिम चरण नहीं है। घर पहुंचने के बाद भी नियमित चिकित्सकीय जांच, वजन की निगरानी, उचित पोषण और डॉक्टर द्वारा निर्धारित फॉलो-अप जरूरी होते हैं। विशेष रूप से आंखों की जांच सहित सुझाई गई सभी जांच समय पर कराना महत्वपूर्ण है।

NKH सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में उपचार के बाद दोनों जुड़वां शिशुओं की घर वापसी परिवार के लिए राहत का अवसर बनी। यह घटना नवजात शिशुओं के उपचार में समय पर चिकित्सा सहायता, विशेषज्ञों की निगरानी और निरंतर देखभाल की अहमियत को सामने लाती है।

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