किताबों से निकलकर बिजलीघर पहुंचे सिमगा के विद्यार्थी, अडानी पावर प्लांट में समझा बिजली उत्पादन का पूरा विज्ञान
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‘उड़ान प्रोजेक्ट’ के तहत वनांचल के विद्यार्थियों ने देखा आधुनिक तकनीक का संसार, विशाल मशीनों से लेकर कंट्रोल रूम तक की कार्यप्रणाली को करीब से जाना
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। कक्षा में पढ़े विज्ञान के सिद्धांत जब आंखों के सामने हकीकत बनकर सामने आए, तो विद्यार्थियों की जिज्ञासा और सीखने का उत्साह देखते ही बना। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिमगा, विकासखंड पोड़ी-उपरोड़ा के छात्र-छात्राओं ने सोमवार, 26 अक्टूबर को अडानी कोरबा पावर प्लांट, पताड़ी-उरगा का शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण किया। ‘उड़ान प्रोजेक्ट’ के अंतर्गत आयोजित इस पहल ने ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को आधुनिक औद्योगिक तकनीक को नजदीक से समझने का अवसर प्रदान किया।
विद्यालय के प्राचार्य सतीश प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित इस भ्रमण का उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर विज्ञान, ऊर्जा उत्पादन और तकनीकी कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव देना था। प्लांट परिसर में पहुंचकर विद्यार्थियों ने जाना कि बिजली उत्पादन से जुड़ी प्रक्रियाएं किस तरह संचालित होती हैं और एक बड़े औद्योगिक संयंत्र में अलग-अलग विभाग किस प्रकार समन्वय के साथ कार्य करते हैं।
विशाल मशीनरी और कंट्रोल रूम ने बढ़ाई विद्यार्थियों की जिज्ञासा
औद्योगिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संयंत्र की विशाल मशीनरी, पाइपलाइन, कंट्रोल रूम और आधुनिक कोल हैंडलिंग प्रणाली का अवलोकन किया। भ्रमण के दौरान उन्हें ऊर्जा उत्पादन में उपयोग होने वाली तकनीक तथा संयंत्र के विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी गई।
विद्यालय में विज्ञान की कक्षाओं में पढ़े गए ऊर्जा और तकनीक से जुड़े सिद्धांतों को वास्तविक परिस्थितियों में समझने का अवसर मिलने से विद्यार्थियों के लिए यह अनुभव खास रहा। उन्होंने औद्योगिक प्रक्रियाओं को देखकर अपनी जिज्ञासाएं सामने रखीं और बिजली उत्पादन से संबंधित जानकारियां प्राप्त कीं।
विशेषज्ञों ने समझाई आधुनिक तकनीक की कार्यप्रणाली
अडानी पावर प्लांट के उड़ान प्रोजेक्ट के भ्रमण प्रभारी अधिकारी प्रेम शंकर साहू ने विद्यार्थियों को संयंत्र की आधुनिक तकनीक, बिजली उत्पादन की प्रक्रिया और विभिन्न प्रणालियों की भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों के सवालों का समाधान करते हुए औद्योगिक कार्यप्रणाली को सरल तरीके से समझाया।
इस दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों में सुरक्षा नियमों का पालन, कर्मचारियों के बीच समन्वय, टीमवर्क और अनुशासन कितना महत्वपूर्ण होता है। संयंत्र परिसर में अपनाए जाने वाले सुरक्षा मानकों से परिचित कराते हुए औद्योगिक वातावरण में जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की आवश्यकता भी समझाई गई।

ग्रामीण विद्यार्थियों के लिए खुले तकनीकी करियर के नए रास्ते
विद्यालय के प्राचार्य सतीश प्रकाश सिंह ने इस शैक्षणिक पहल के लिए अडानी फाउंडेशन और संयंत्र प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण विद्यार्थियों को पढ़ाई के व्यावहारिक पक्ष से जोड़ते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में विज्ञान, ऊर्जा, तकनीक और इंजीनियरिंग के प्रति रुचि विकसित होती है तथा भविष्य में करियर के विभिन्न विकल्पों को समझने का अवसर मिलता है।
उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अनुभवों से सीख लेने और पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित किया। इस तरह की पहल विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उनके सामने भविष्य की संभावनाओं के नए द्वार खोलने में सहायक बन सकती है।
शिक्षकों की मौजूदगी में संपन्न हुआ शैक्षणिक भ्रमण
इस औद्योगिक भ्रमण में विद्यार्थियों के साथ विद्यालय की व्याख्याता दिव्या कुजूर, रुक्मणी पुरैना और उमाशंकर टोंडे सहित अन्य संबंधित सदस्य उपस्थित रहे।
‘उड़ान प्रोजेक्ट’ के तहत आयोजित यह भ्रमण विद्यार्थियों के लिए केवल एक औद्योगिक परिसर को देखने का अवसर नहीं, बल्कि विज्ञान को व्यवहार में समझने और भविष्य की तकनीकी दुनिया से परिचित होने का महत्वपूर्ण अनुभव रहा। किताबों में पढ़े सिद्धांतों को प्रत्यक्ष देखकर विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिली कि ज्ञान का वास्तविक उपयोग किस प्रकार उद्योग, ऊर्जा उत्पादन और आधुनिक तकनीक में होता है।
