64 खानों की बिसात पर कोरबा के नन्हे सितारों का कमाल! 114 खिलाड़ियों के बीच अर्जुन अग्रवाल और ऋषिका कश्यप ने लहराया जीत का परचम
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किसी ने पहली चाल में दिखाई प्रतिभा, तो किसी ने सूझबूझ से मात दी चुनौती को; अंडर-7 से अंडर-15 तक नन्हे शतरंज खिलाड़ियों ने बिखेरा हुनर, 360 चेस एकेडमी और श्री मारुति सेवा वेलफेयर सोसाइटी की पहल से प्रतिभाओं को मिला बड़ा मंच
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। छोटी-छोटी उम्र, सामने शतरंज की बिसात और हर चाल में जीत की उम्मीद! किसी की नजर प्रतिद्वंद्वी के राजा पर थी, तो कोई अपनी अगली चाल को लेकर पूरी एकाग्रता से सोच रहा था। 64 खानों के इस खेल में उम्र भले ही छोटी थी, लेकिन खिलाड़ियों की सोच, धैर्य और रणनीति ने प्रतियोगिता को खास बना दिया। कोरबा के श्री अग्रसेन स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय शतरंज प्रतियोगिता में 114 खिलाड़ियों ने हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में ओपन बालक वर्ग में अर्जुन अग्रवाल और ओपन बालिका वर्ग में ऋषिका कश्यप ने प्रथम स्थान हासिल कर विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया।
25 अक्टूबर 2026 को 360 चेस एकेडमी कोरबा एवं श्री मारुति सेवा वेलफेयर सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता ने जिले में शतरंज के प्रति बच्चों और युवाओं की रुचि को सामने रखा। अंडर-7, अंडर-9, अंडर-11, अंडर-13 और अंडर-15 सहित विभिन्न आयु वर्गों में खिलाड़ियों ने अपनी चालों, एकाग्रता और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। प्रतियोगिता की सबसे खास बात यह रही कि नन्हे खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने और अनुभवी प्रतिभागियों के बीच खेल का अनुभव हासिल करने का अवसर मिला।

नन्हे कदम, बड़ी सोच! सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों ने खींचा ध्यान
शतरंज को धैर्य, एकाग्रता और दूरदर्शिता का खेल कहा जाता है। इस प्रतियोगिता में कम उम्र के खिलाड़ियों की भागीदारी ने आयोजन को और खास बना दिया। सबसे कम उम्र के खिलाड़ियों रुद्रांश राठौर एवं अर्चित देवांगन को विशेष ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन नन्हे खिलाड़ियों के उत्साह को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा, जो शुरुआती उम्र से ही इस बौद्धिक खेल में अपनी पहचान बनाने की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
प्रतियोगिता में बच्चों को केवल जीत और हार का अनुभव ही नहीं मिला, बल्कि नियमों के अनुरूप खेलना, प्रतिद्वंद्वी की चाल को समझना, सोच-विचार कर निर्णय लेना और दबाव में धैर्य बनाए रखना जैसे गुणों को प्रदर्शित करने का अवसर भी मिला। यही कारण है कि शतरंज जैसी प्रतियोगिताएं बच्चों के खेल कौशल को निखारने के साथ उनकी निर्णय क्षमता के विकास में भी उपयोगी भूमिका निभाती हैं।


ओपन बालक वर्ग में अर्जुन अग्रवाल ने मारी बाजी
ओपन बालक वर्ग में अर्जुन अग्रवाल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें 1,500 रुपये नगद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान की गई। शिवांश सिंह ठाकुर ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर 1,000 रुपये एवं ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि आयुष यादव तृतीय स्थान पर रहे। उन्हें 800 रुपये एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
अन्य स्थानों पर निखिल सिदार चतुर्थ, बादल प्रसाद पंचम और अंश कुमार भारद्वाज षष्ठम स्थान पर रहे। निखिल को 700 रुपये, बादल प्रसाद को 600 रुपये और अंश कुमार भारद्वाज को 500 रुपये के साथ ट्रॉफी प्रदान की गई। ब्रज राज सप्तम तथा शिवांश कुमार यादव अष्टम स्थान पर रहे। दोनों खिलाड़ियों को 400-400 रुपये एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।
ओपन बालिका वर्ग में ऋषिका कश्यप बनीं विजेता
बालिका वर्ग में भी खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। ओपन बालिका वर्ग में ऋषिका कश्यप ने प्रथम स्थान हासिल किया। उन्हें 1,000 रुपये नगद पुरस्कार एवं ट्रॉफी प्रदान की गई। वैष्णवी नेताम द्वितीय स्थान पर रहीं, जिन्हें 700 रुपये एवं ट्रॉफी मिली। अनंदी कश्यप ने तृतीय स्थान प्राप्त कर 500 रुपये एवं ट्रॉफी हासिल की।
बालिकाओं की भागीदारी ने यह भी दिखाया कि शतरंज के क्षेत्र में बेटियां अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। ऐसे आयोजन उन्हें प्रतिस्पर्धात्मक खेलों में आगे आने और अपनी क्षमता पहचानने का अवसर प्रदान करते हैं।
अंडर-7 से अंडर-15 तक प्रतिभाओं ने दिखाई अपनी चालाकी और सूझबूझ
प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्गों के खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिला। अंडर-7 बालक वर्ग में सनय लोधी प्रथम, रुद्रांश राठौर द्वितीय, वागेश अग्रवाल तृतीय और अर्चित देवांगन चतुर्थ स्थान पर रहे। इसी आयु वर्ग के बालिका वर्ग में हितिक्षा पटेल ने प्रथम, अनन्या वैष्णव ने द्वितीय और भविषा जांगड़े ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
अंडर-9 बालक वर्ग में हृदिहान जांगड़े प्रथम, वंश कुमार द्वितीय, आर्यांश सिंह तृतीय और अपतिम दहाड़िया चतुर्थ स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में श्रेष्ठा साहू ने प्रथम, अनैशा त्रिपाठी ने द्वितीय, अनिष्का वर्मा ने तृतीय और वैशाली सोनी ने चतुर्थ स्थान हासिल किया।
अंडर-11 बालक वर्ग में चैतन्य निर्मलकर प्रथम, श्रेयांश अरुण सिंह द्वितीय, अह्वान शर्मा तृतीय और पार्थ जैन चतुर्थ स्थान पर रहे। बालिका वर्ग में कुश्मिता बघेल प्रथम, हर्षिका कश्यप द्वितीय और प्रियंशी साहू तृतीय स्थान पर रहीं।
अंडर-13 बालक वर्ग में अद्विक साहू ने प्रथम, शौर्य पांडे ने द्वितीय और शश्वत भट्टाचार्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। बालिका वर्ग में तनुजा नेताम प्रथम, आराध्या सिंह द्वितीय और जागृति निर्मलकर तृतीय स्थान पर रहीं।
अंडर-15 बालक वर्ग में शब्द सोनी ने प्रथम, धनंजय नायक ने द्वितीय और अंकुश अग्रवाल ने तृतीय स्थान हासिल किया। बालिका वर्ग में आयुषी साहू प्रथम तथा सिद्धि सराफ द्वितीय स्थान पर रहीं।
विभिन्न आयु वर्गों में सामने आए इन परिणामों ने प्रतियोगिता में बच्चों की व्यापक भागीदारी और शतरंज के प्रति उनकी रुचि को रेखांकित किया।
जिला से संभाग और फिर राज्य स्तर तक खिलाड़ियों को मंच देने की तैयारी
360 चेस एकेडमी के संचालक एवं एसएनए श्री रितेश यादव ने खिलाड़ियों की सराहना करते हुए उन्हें नियमित अभ्यास जारी रखने और अपनी खेल क्षमता को लगातार बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि भविष्य में शतरंज प्रतियोगिताओं को व्यापक स्तर पर आयोजित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
योजना के तहत पहले जिले के अधिक से अधिक खिलाड़ियों को प्रतियोगिताओं से जोड़ने, इसके बाद संभाग स्तरीय और फिर राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के आयोजन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इस पहल से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव हासिल करने और आगे की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने के अवसर मिल सकते हैं।

अतिथियों ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री अग्रसेन स्कूल कोरबा के प्राचार्य विक्रम पांडेय, भाजपा कोरबा मंडल अध्यक्ष योगेश मिश्रा, नगर पालिक निगम कोरबा के वार्ड क्रमांक-2 के पार्षद ईश्वर पटेल तथा भाजपा जिला सोशल मीडिया संयोजक प्रदीप सिंह उपस्थित रहे। अतिथियों ने विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, नगद पुरस्कार एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को मेडल देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इस अवसर पर श्री मारुति सेवा वेलफेयर सोसाइटी के कोरबा जिला अध्यक्ष वीरू बाल्मीकि, संस्था के सदस्य रविशंकर मांझी, सोनू साहू, मुकेश यादव सहित अन्य कार्यकर्ता एवं सहयोगी उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में आयोजकों और सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बिसात पर सजी उम्मीदों की नई दुनिया
कोरबा की इस जिला स्तरीय प्रतियोगिता ने यह संदेश दिया कि प्रतिभा को निखारने के लिए सही मंच और अभ्यास के अवसर बेहद महत्वपूर्ण हैं। 114 खिलाड़ियों की सहभागिता के साथ आयोजित इस प्रतियोगिता में बड़े खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ नन्हे प्रतिभागियों का उत्साह भी आकर्षण का केंद्र रहा।
अर्जुन अग्रवाल और ऋषिका कश्यप की जीत ने प्रतियोगिता को खास पहचान दी, वहीं अलग-अलग आयु वर्गों में स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों ने भी अपनी मेहनत और खेल कौशल का परिचय दिया। अब आयोजकों की जिला से संभाग और राज्य स्तर तक प्रतियोगिताएं आयोजित करने की तैयारी से स्थानीय शतरंज खिलाड़ियों को भविष्य में व्यापक मंच मिलने की उम्मीद है।
कोरबा की शतरंज बिसात पर इस आयोजन ने साफ संदेश दिया—उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन सही अवसर, निरंतर अभ्यास और मजबूत एकाग्रता के साथ सपने बड़े रखे जा सकते हैं।
