महर्षि वाल्मीकि के आदर्श समाज में समरसता, समानता और राष्ट्र निर्माण की देते हैं प्रेरणा : किरण देव
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने वाल्मीकि जयंती पर प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं, रामायण के आदर्शों को जीवन में अपनाकर सशक्त और समरस समाज बनाने का किया आह्वान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और मानवीय मूल्यों को नई दिशा देने वाले महर्षि वाल्मीकि की पावन जयंती पर भारतीय जनता पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, उनकी तपस्या और उनकी महान कृति रामायण को मानवता के लिए अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी समाज को सत्य, धर्म, मर्यादा, न्याय और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि संस्कृत साहित्य के आदिकवि और रामायण के रचयिता के रूप में भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति में विशेष स्थान रखते हैं। उन्होंने प्रभु श्रीराम के आदर्श जीवन, उनके कर्तव्यबोध, त्याग, करुणा और मर्यादा को काव्य के माध्यम से जनमानस तक पहुंचाया। रामायण केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला ऐसा ग्रंथ है, जिसमें परिवार, समाज, शासन, न्याय और मानवीय संबंधों के आदर्श समाहित हैं।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रचनाएं पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों को नैतिकता, कर्तव्यनिष्ठा और सदाचार का संदेश देती रही हैं। प्रभु श्रीराम के चरित्र के माध्यम से रामायण ने यह स्थापित किया कि विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य, धर्म और कर्तव्य के मार्ग पर अडिग रहना ही मनुष्य की वास्तविक महानता है। महर्षि वाल्मीकि के विचार आज भी व्यक्ति के चरित्र निर्माण और समाज को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दृढ़ संकल्प, ज्ञान और साधना से संभव है सकारात्मक परिवर्तन
किरण देव ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का जीवन दृढ़ संकल्प, ज्ञान, तपस्या और साधना की शक्ति का संदेश देता है। उनका व्यक्तित्व इस बात की प्रेरणा है कि आत्मचिंतन, सत्कर्म और निरंतर साधना के माध्यम से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। उनके जीवन और साहित्य से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने भीतर सद्गुणों का विकास करने तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने का प्रयास करना चाहिए।
सामाजिक समरसता और समानता के विचार आज भी प्रासंगिक
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के विचार सामाजिक समरसता, मानवीय गरिमा और समानता की भावना को मजबूत करने की प्रेरणा देते हैं। वर्तमान समय में समाज की एकता और आपसी सद्भाव बनाए रखने के लिए इन मूल्यों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। समाज तभी मजबूत बन सकता है, जब प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान, सहयोग और समान अवसर की भावना विकसित हो।
उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की जयंती केवल एक महान ऋषि को स्मरण करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लेने का भी दिन है। उनके विचारों से प्रेरणा लेकर समाज में व्याप्त भेदभाव को दूर करने, आपसी विश्वास बढ़ाने और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने की दिशा में सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
रामायण के आदर्शों को आचरण में उतारने का आह्वान
किरण देव ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि महर्षि वाल्मीकि जयंती के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम के मर्यादा, न्याय, त्याग और सामाजिक सद्भाव के आदर्शों को अपने आचरण में उतारने का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति की महान परंपराओं और महापुरुषों के विचारों को अपनाकर ही एक सशक्त, समरस और संस्कारवान समाज का निर्माण किया जा सकता है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों से प्रेरित होकर प्रदेशवासी सामाजिक एकता, मानवीय मूल्यों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए छत्तीसगढ़ तथा देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
