शरद पूर्णिमा पर कोरबा में निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा शिविर, श्वास-दमा रोगियों को वितरित की गई चित्रकूट की प्रसिद्ध औषधि
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लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट सहित पांच संस्थाओं की संयुक्त पहल, अनुभवी नाड़ीवैद्यों ने दी चिकित्सा परामर्श सेवा; योग, प्राणायाम और जीवनशैली सुधार पर भी दिया गया मार्गदर्शन
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। भारतीय परंपरा में शरद पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। इसी अवसर पर स्वस्थ भारत, समृद्ध भारत अभियान के अंतर्गत ‘चलो आयुर्वेद की ओर’ मिशन के तहत 25 अक्टूबर 2026, रविवार को कोरबा में निःशुल्क आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में श्वास-दमा से संबंधित समस्याओं के लिए शरद पूर्णिमा पर सेवन की जाने वाली चित्रकूट की प्रसिद्ध औषधि के निःशुल्क वितरण की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही महिला, पुरुष और बच्चों के विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर आयुर्वेदिक परामर्श, योगाभ्यास और प्राणायाम का प्रशिक्षण भी शिविर की प्रमुख विशेषताओं में शामिल रहा।
यह शिविर लायंस क्लब कोरबा एवरेस्ट, भारत विकास परिषद, विश्व हिंदू परिषद, आरोग्य भारती एवं आयुष मेडिकल एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में निहारिका रोड स्थित महानदी कॉम्प्लेक्स के पतंजलि चिकित्सालय एवं श्री शिव औषधालय में आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य आम नागरिकों को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों, स्वस्थ जीवनशैली और रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अनुभवी चिकित्सकों से परामर्श उपलब्ध कराना रहा।
अनुभवी नाड़ीवैद्यों ने दीं चिकित्सकीय सेवाएं
शिविर में श्री शिव औषधालय के संस्थापक एवं आयुर्वेद चिकित्सा विशेषज्ञ नाड़ीवैद्य पंडित शिव कुमार शर्मा, नाड़ीवैद्या डॉ. वागेश्वरी शर्मा तथा नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने अपनी चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं। शिविर में आने वाले लोगों को उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के अनुसार परामर्श देने तथा उचित चिकित्सा मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

आयोजकों के अनुसार, शिविर में आयुर्वेद के साथ प्राकृतिक चिकित्सा, पंचकर्म, षटकर्म, योग और ग्रह चिकित्सा से संबंधित परामर्श की व्यवस्था भी रखी गई। इसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और दैनिक जीवन में उपयोगी स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
शरद पूर्णिमा पर चित्रकूट की औषधि के वितरण की विशेष व्यवस्था
शिविर का प्रमुख आकर्षण श्वास-दमा के रोगियों के लिए शरद पूर्णिमा पर सेवन की जाने वाली चित्रकूट की प्रसिद्ध औषधि का निःशुल्क वितरण रहा। चिकित्सक डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने बताया कि इस औषधि के सेवन से संबंधित पारंपरिक मान्यताओं में विशेष नियमों और विधियों का उल्लेख मिलता है। शिविर में औषधि प्राप्त करने वाले लोगों को उसके पारंपरिक प्रयोग, सेवन संबंधी सावधानियों तथा पथ्य-अपथ्य की जानकारी देने के साथ संबंधित पत्रक भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
आयोजकों ने बताया कि श्वास संबंधी समस्याओं के लिए उपयोगी माने जाने वाले ‘श्वास मित्र काढ़े’ को भी निःशुल्क उपलब्ध कराने की व्यवस्था रखी गई। इसके माध्यम से लोगों को आयुर्वेदिक उपचार पद्धतियों के बारे में जानकारी देने का प्रयास किया गया।
हालांकि, किसी भी औषधि से दमा या अन्य बीमारी के पूरी तरह ठीक होने की गारंटी नहीं दी जा सकती। रोगियों को औषधि का सेवन योग्य चिकित्सक की सलाह से ही करना चाहिए तथा निर्धारित आधुनिक उपचार या इनहेलर को बिना चिकित्सकीय परामर्श बंद नहीं करना चाहिए।
योग, प्राणायाम और दिनचर्या सुधार पर विशेष जोर
शिविर में केवल औषधि वितरण ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को भी महत्व दिया गया। लोगों को दिनचर्या, ऋतुचर्या, संतुलित आहार-विहार और जीवनशैली में सुधार से जुड़ी उपयोगी जानकारी देने की योजना रखी गई। इसके साथ ही रोगोपचार में सहायक माने जाने वाले योगाभ्यास और प्राणायाम का व्यक्तिगत एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।
चिकित्सकों के माध्यम से लोगों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि स्वास्थ्य की देखभाल में नियमित दिनचर्या, उचित खानपान, शारीरिक सक्रियता और समय पर चिकित्सकीय सलाह की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किसी भी गंभीर या लंबे समय से चली आ रही बीमारी में विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच और उपचार कराना आवश्यक है।
पांच संस्थाओं की संयुक्त पहल, लोगों से लाभ लेने की अपील
आयोजकों ने इस पहल को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आम नागरिकों तक निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श पहुंचाने का प्रयास बताया। शिविर के माध्यम से महिला, पुरुष और बच्चों को विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के संबंध में मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया।
शिविर के संबंध में अधिक जानकारी और पंजीयन के लिए मोबाइल नंबर 9826111738 पर संपर्क कर निर्धारित समय प्राप्त करने की व्यवस्था बताई गई थी, ताकि लोगों को जांच एवं परामर्श के दौरान असुविधा न हो।
नोट: यह आयोजन 25 अक्टूबर 2026 को निर्धारित था। समाचार में औषधि के वितरण और चिकित्सकीय सेवाओं से संबंधित विवरण आयोजकों द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर प्रस्तुत किए गए हैं।
