‘वोट चोरी’ के आरोपों पर संतोष पाण्डेय का कांग्रेस पर पलटवार, बोले—हार के डर से चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवाल
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1952 से लेकर एसआईआर तक के मुद्दे उठाकर भाजपा सांसद ने विपक्ष को घेरा, मतदाता सूची के शुद्धिकरण को बताया निष्पक्ष चुनाव की बुनियाद
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। देश में चुनावी पारदर्शिता, मतदाता सूची और वोट चोरी के आरोपों को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता को भ्रमित करने के लिए वोट चोरी का नैरेटिव गढ़ रही है और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर चुनावी प्रक्रिया को संदेह के घेरे में लाने का प्रयास कर रही है। शनिवार को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने चुनावी इतिहास, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और निर्वाचन आयोग की भूमिका का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
चुनावी इतिहास का हवाला देकर कांग्रेस पर साधा निशाना
संतोष पाण्डेय ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस का अपना इतिहास भी विवादों से जुड़ा रहा है। उन्होंने 1952 के चुनाव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की हार, 1957 में बिहार के बेगूसराय में कथित बूथ कब्जे, 1967 में जम्मू-कश्मीर के चुनावी घटनाक्रम और 1987 के जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव का उल्लेख किया।
उन्होंने वर्ष 1975 में इलाहाबाद हाईकोर्ट के तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव से संबंधित फैसले का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस को चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर सवाल उठाने से पहले अपने अतीत पर भी विचार करना चाहिए। पाण्डेय ने यह आरोप भी लगाया कि कांग्रेस ने अपने राजनीतिक हितों के लिए कई निर्वाचित सरकारों को बर्खास्त किया।
घटते जनसमर्थन को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक हमला
भाजपा सांसद ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1952 में कांग्रेस का मत प्रतिशत लगभग 45 प्रतिशत था, जबकि 2024 के लोकसभा चुनाव में उसका मत प्रतिशत 21.4 प्रतिशत रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का समर्थन घटने के कारण कांग्रेस अब वोट चोरी और ईवीएम जैसे मुद्दों को उठाकर अपनी राजनीतिक विफलताओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है।
राहुल गांधी द्वारा विदेश में निर्वाचन आयोग को लेकर दिए गए बयानों की आलोचना करते हुए पाण्डेय ने कहा कि निर्वाचन आयोग लोकतंत्र की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। उनके अनुसार, चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए आयोग की भूमिका और निष्पक्षता का सम्मान आवश्यक है।
एसआईआर पर कांग्रेस के नेताओं के बयानों का दिया हवाला
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर का समर्थन करते हुए पाण्डेय ने कहा कि मतदाता सूची का शुद्धिकरण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने दावा किया कि स्वतंत्रता के बाद विभिन्न अवधियों में कई बार मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण किया गया और इनमें से अधिकांश अवधियों में केंद्र में कांग्रेस की सरकारें थीं।
उन्होंने केरल के कांग्रेस नेताओं रमेश चेन्निथला, मैथ्यू कुझलनादन और सांसद शशि थरूर के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की उपयोगिता को लेकर कांग्रेस के भीतर भी अलग-अलग विचार सामने आए हैं। पाण्डेय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कुछ नेता अन्य राज्यों में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को उपयोगी बताते हैं, जबकि दूसरे स्थानों पर इसी प्रक्रिया का विरोध करते हैं।
घर-घर सत्यापन और दावे-आपत्तियों की प्रक्रिया पर जोर
एसआईआर की प्रक्रिया समझाते हुए भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं से संबंधित जानकारी और प्रपत्र जुटाते हैं। इसमें अनुपस्थित, स्थायी रूप से स्थानांतरित, मृत और दोहरी प्रविष्टियों वाले मतदाताओं की पहचान की जाती है।
उन्होंने कहा कि प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद नागरिकों को दावे और आपत्तियां प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है। संबंधित प्रक्रिया के तहत जांच और सुनवाई के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की जाती है। पाण्डेय ने संविधान के अनुच्छेद 324 और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 का उल्लेख करते हुए एसआईआर को कानूनी प्रावधानों से जुड़ी प्रक्रिया बताया।
निर्वाचन आयोग की भूमिका और मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर चर्चा
पाण्डेय ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदान की व्यवस्था के साथ-साथ मतदाता सूची का शुद्ध और विश्वसनीय होना भी जरूरी है। उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा देश में कराए गए आम चुनावों और विधानसभा चुनावों का उल्लेख करते हुए आयोग को लोकतांत्रिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण संस्था बताया।
उन्होंने चुनावी सुधारों, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव कानूनों में संशोधन का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि मतदाता सूची में पारदर्शिता बनाए रखने से चुनाव प्रक्रिया पर जनता का विश्वास मजबूत होता है।
भाजपा सांसद संतोष पाण्डेय की पत्रकार वार्ता का केंद्रीय संदेश कांग्रेस और विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों का राजनीतिक जवाब देना तथा मतदाता सूची के पुनरीक्षण को चुनावी पारदर्शिता से जोड़कर प्रस्तुत करना रहा। हालांकि, पत्रकार वार्ता में लगाए गए आरोप भाजपा नेता का पक्ष हैं; इनके आधार पर विपक्ष के सभी आरोपों को स्वतः असत्य या चुनावी प्रक्रिया से जुड़े हर विवाद को निराधार नहीं माना जा सकता।
