छत्तीसगढ़ भाजपा में दो दिन चलेगा संगठनात्मक मंथन! स्मृति ईरानी संभालेंगी कमान, कोर ग्रुप से मंत्रिमंडल तक होंगी अहम बैठकें
1 min read
25-26 अक्टूबर को प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और सह-प्रभारी सिद्धार्थ शम्भू का रायपुर दौरा; सांसदों, विधायकों, मंत्रियों, जिला अध्यक्षों और पूर्व पदाधिकारियों के साथ बनेगी संवाद की रूपरेखा
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// रायपुर। छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक कामकाज, आगामी रणनीति और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय को लेकर 25 और 26 अक्टूबर को राजधानी रायपुर में महत्वपूर्ण बैठकों का दौर चलेगा। भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी तथा राष्ट्रीय मंत्री एवं प्रदेश सह-प्रभारी सिद्धार्थ शम्भू दो दिवसीय प्रवास पर प्रदेश पहुंचेंगे। इस दौरान संगठन के शीर्ष पदाधिकारियों से लेकर जिला अध्यक्षों, पूर्व सांसदों-विधायकों, वर्तमान जनप्रतिनिधियों, राज्य मंत्रिमंडल के सदस्यों और विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्षों व उपाध्यक्षों के साथ संवाद किया जाएगा।
दो दिवसीय कार्यक्रम में संगठनात्मक समीक्षा, आपसी समन्वय और आगामी कार्ययोजना से जुड़े विषय प्रमुख रहेंगे। बैठकों का व्यापक दायरा यह संकेत देता है कि प्रदेश नेतृत्व संगठन के अलग-अलग स्तरों और सरकार से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ एक मंच पर संवाद स्थापित करने पर जोर दे रहा है।
पहले दिन संगठन के शीर्ष नेतृत्व से कोर ग्रुप तक मंथन
रविवार, 25 अक्टूबर को प्रवास के पहले दिन कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे से 11:30 बजे तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के श्रवण से होगी। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश महामंत्री (संगठन) और प्रदेश महामंत्रियों के साथ संगठनात्मक बैठक आयोजित की जाएगी।
दोपहर 12:30 बजे से 1:30 बजे तक प्रदेश पदाधिकारियों के साथ समीक्षा एवं रणनीतिक बैठक होगी। इसके बाद दोपहर 1:30 बजे से 2:30 बजे तक सभी संभाग प्रभारियों, सह-प्रभारियों, जिला प्रभारियों, जिला सह-प्रभारियों और जिला अध्यक्षों की संयुक्त बैठक निर्धारित है। इस बैठक में प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक संगठनात्मक समन्वय और कार्यप्रणाली से संबंधित विषयों पर चर्चा होगी।
दिन के अगले चरण में दोपहर 3:30 बजे से शाम 5 बजे तक पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के साथ बैठक होगी। शाम 5:30 बजे से 7 बजे तक पूर्व प्रदेश पदाधिकारियों के साथ संवाद किया जाएगा। पहले दिन का समापन शाम 7 बजे से रात 8:30 बजे तक होने वाली भाजपा कोर ग्रुप की बैठक के साथ होगा। इस बैठक में प्रदेश संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
दूसरे दिन विधायक, सांसद और मंत्रिमंडल के साथ बैठकें
सोमवार, 26 अक्टूबर को दूसरे दिन का कार्यक्रम सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक राज्य के सभी भाजपा विधायकों के साथ संगठनात्मक चर्चा से शुरू होगा। इसके बाद सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक प्रदेश के पार्टी सांसदों के साथ बैठक होगी।
दोपहर 12:30 बजे से 2 बजे तक राज्य मंत्रिमंडल के मंत्रियों के साथ विशेष बैठक निर्धारित की गई है। इस दौरान संगठन और सरकार के बीच समन्वय तथा संबंधित विषयों पर चर्चा की जाएगी।
दोपहर 3 बजे से शाम 4:30 बजे तक विभिन्न निगमों, मंडलों, आयोगों और बोर्डों के अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक होगी। इसके बाद शाम 4:30 बजे से 5:30 बजे तक विचार परिवार के प्रमुख पदाधिकारियों और प्रतिनिधियों के साथ संवाद आयोजित किया जाएगा।
संगठन से सरकार तक समन्वय पर रहेगा फोकस
स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शम्भू के इस प्रवास में प्रदेश भाजपा के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों तथा जनप्रतिनिधियों को संवाद के लिए शामिल किया गया है। जिला और संभाग स्तर के संगठनात्मक पदाधिकारियों से लेकर सांसदों, विधायकों, मंत्रियों और निगम-मंडलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों का कार्यक्रम व्यापक संगठनात्मक समन्वय की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
पूर्व पदाधिकारियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग बैठकें भी निर्धारित की गई हैं। इससे वर्तमान संगठनात्मक गतिविधियों के साथ पूर्व अनुभवों और सुझावों पर चर्चा का अवसर मिलेगा। वहीं, कोर ग्रुप की बैठक प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण संगठनात्मक विषयों पर विचार-विमर्श का प्रमुख हिस्सा होगी।
दो दिवसीय प्रवास पर टिकी रहेंगी संगठन की निगाहें
25 और 26 अक्टूबर को होने वाली बैठकों में संगठनात्मक समीक्षा, रणनीति, जनप्रतिनिधियों के साथ संवाद और सरकार-संगठन के समन्वय से जुड़े विषय केंद्र में रहेंगे। हालांकि, बैठक के एजेंडे में शामिल विषयों और संभावित निर्णयों का विस्तृत ब्योरा सामने आने के बाद ही इनके परिणामों को लेकर स्पष्ट तस्वीर बनेगी।
भाजपा प्रदेश प्रभारी स्मृति ईरानी और सह-प्रभारी सिद्धार्थ शम्भू का यह प्रवास प्रदेश संगठन के विभिन्न स्तरों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दो दिनों तक चलने वाली बैठकों के माध्यम से प्रदेश नेतृत्व, संगठनात्मक पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।
