कोरबा में एसईसीएल की खदानों और प्रभावित गांवों को लेकर कलेक्टर सख्त, मुआवजा से लेकर पुनर्वास तक की हुई समीक्षा
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भूमि अधिग्रहण में पारदर्शिता के लिए ड्रोन सर्वे के निर्देश, प्रभावित बस्तियों में बिजली, स्कूल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**// कोरबा। जिले में एसईसीएल की कोरबा, कुसमुंडा, दीपका, गेवरा और मानिकपुर परियोजनाओं से जुड़े भूमि अधिग्रहण, मुआवजा वितरण, पुनर्वास और विकास कार्यों को गति देने के लिए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की बैठक में प्रभावित परिवारों के हितों, खदान विस्तार, मूलभूत सुविधाओं और सड़क यातायात व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।
भूमि अधिग्रहण से पहले और बाद की स्थिति का होगा ड्रोन सर्वे
कलेक्टर कुणाल दुदावत ने निर्देश दिए कि भूमि से कब्जा हटाने से पहले और बाद की स्थिति के स्पष्ट ड्रोन चित्र तैयार कर प्रस्तुत किए जाएं। प्रभावित भूमि और वहां मौजूद परिसंपत्तियों का सर्वे कर व्यवस्थित सूची भी तैयार रखी जाए, ताकि भूमि अधिग्रहण, संपत्ति मूल्यांकन और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जा सके।
बैठक में जटराज, सुमेधा, रिस्दी, पाली, खोड़री, पड़निया, नराईबोध दर्रा-खांचा, मूड़ियानारा, दर्री, रलिया और गेवरा सहित विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण के मामलों की समीक्षा की गई। मुआवजा नीति के अनुरूप संपत्तियों का मूल्यांकन करने तथा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास से संबंधित विषयों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

प्रभावित बस्तियों में बिजली, स्कूल और चिकित्सा सुविधाओं पर जोर
खदान परियोजनाओं से प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास और बसाहटों की मूलभूत सुविधाओं को लेकर कलेक्टर ने एसईसीएल के सभी संबंधित महाप्रबंधकों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली, चिकित्सा, स्कूल और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया, ताकि प्रभावित परिवारों को बुनियादी सुविधाओं के अभाव का सामना न करना पड़े।
बसाहट क्षेत्रों में छोटे विकास कार्यों को समय पर पूरा कराने के लिए दो करोड़ रुपये तक के कार्यों में जोनल टेंडर प्रक्रिया अपनाकर आवश्यक स्वीकृति संबंधी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में हाईटेंशन तार हटाने, विद्युत लाइनों के विस्तार और प्रभावित क्षेत्रों में सुविधाओं के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
मुआवजा वितरण के बाद खदानों में कोयला उत्पादन बढ़ाने की तैयारी
कलेक्टर ने उन क्षेत्रों में अधिग्रहण के बाद कोयला उत्पादन बढ़ाने की कार्ययोजना पर भी चर्चा की, जहां मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। उन्होंने प्रस्तावित खदान क्षेत्रों में आवश्यक सर्वे कराने, दीपका क्षेत्र में परिवारों का सर्वे करने और प्रभावित गांवों में ग्रामसभाएं आयोजित करने के निर्देश दिए।
मानिकपुर क्षेत्र के पोखरी से संबंधित योजना पर अलग से बैठक आयोजित करने की बात भी कही गई। इन निर्देशों का उद्देश्य भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और खनन परियोजनाओं से जुड़े कार्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात सुगम बनाने के निर्देश
बैठक में एसईसीएल परियोजनाओं के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित विषयों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उरगा-चांपा और कटघोरा-बिलासपुर मार्ग पर यातायात को सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सड़कों पर अनावश्यक पार्किंग रोकने और अतिक्रमण हटाने के संबंध में भी निर्देशित किया, ताकि आवागमन में बाधा न आए और सड़क यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रतीक जैन, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, कटघोरा एसडीएम विपिन दुबे, पोड़ी-उपरोड़ा एसडीएम मनोज कुमार बंजारे, पाली एसडीएम रोहित सिंह, कोरबा एसडीएम सरोज महिलांगे, डिप्टी कलेक्टर तुलाराम भारद्वाज सहित एसईसीएल के संबंधित महाप्रबंधक, राष्ट्रीय राजमार्ग और सीजीपीसीडीएल के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में खदान परियोजनाओं के संचालन, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा प्रक्रिया, मूलभूत सुविधाओं के विकास और सड़क यातायात व्यवस्था से जुड़े विषयों पर समन्वित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया।
