‘मन की बात’ से लामकन्हार तक विकास की नई गूंज: मुनगा अभियान की पीएम मोदी ने की सराहना, सीएम साय ने दी ₹85 लाख की सौगात
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लामकन्हार में ‘मन की बात’ और विकास की सौगात
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// अंतागढ़। नक्सलवाद के लंबे प्रभाव से जूझ चुके कांकेर के दूरस्थ अंचल लामकन्हार में रविवार को विकास, जनभागीदारी और बदलाव की नई तस्वीर दिखाई दी। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम की 138वीं कड़ी का सामूहिक श्रवण किया। इस दौरान प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान की सराहना किए जाने पर मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ‘मन की बात’ के माध्यम से देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और स्थानीय नवाचारों को राष्ट्रीय मंच प्रदान कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के प्रयासों का लगातार राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेख होना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता को सम्मान देने जैसा है।

मुनगा बनेगा पोषण का आधार, हर घर पौधा लगाने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने सितंबर को पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देशभर में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ के ‘हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा’ अभियान का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मुनगा सहज उपलब्ध होने वाला पोषणयुक्त पौधा है, जिसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं। उन्होंने ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति समाज को जागरूक करने का आह्वान किया।
नक्सल प्रभावित अंचल में अब भय नहीं, विकास की नई राह
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कांकेर का यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलवाद के प्रभाव में रहा है, लेकिन अब परिस्थितियां बदल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास के नए अवसर दिखाई दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि विकास की रोशनी अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है।
लामकन्हार को मिली 85 लाख रुपए की विकास सौगात
मुख्यमंत्री ने ग्राम लामकन्हार के विकास के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न कार्यों की घोषणा की। इनमें शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए शामिल हैं।
इन घोषणाओं से गांव में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार को गति मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
‘मन की बात’ में छत्तीसगढ़ के नवाचारों की गूंज
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों को प्रधानमंत्री द्वारा लगातार ‘मन की बात’ में स्थान मिलना प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार के ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के ‘5 प्रतिशत जल संचय मॉडल’ जैसे प्रयासों का भी प्रधानमंत्री उल्लेख कर चुके हैं।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता से किए गए छोटे-छोटे प्रयास व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं। ऐसे प्रयासों को राष्ट्रीय मंच मिलने से अन्य क्षेत्रों को भी अपने गांव और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरणा मिलती है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ से पर्यावरण संरक्षण का संदेश
‘मन की बात’ के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अमरूद का पौधा लगाया। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। लामकन्हार में आयोजित कार्यक्रम ने एक साथ जनभागीदारी, पोषण, पर्यावरण, शिक्षा और विकास के संदेश को सामने रखा।







