मंदिर में घुसा 5 फीट का सांप, स्कूल में दिखा रंग बदलने वाला ‘डारडोमी’; जितेंद्र सारथी की टीम ने दोनों का सुरक्षित रेस्क्यू किया
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घर हो, मंदिर हो या स्कूल—सांप दिखे तो मारने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाकर रेस्क्यू टीम या वन विभाग को दें सूचना
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। जिले में सांपों की मौजूदगी से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं में वन्यजीव रेस्क्यू टीम ने समय पर पहुंचकर सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। एक घटना सप्तदेव मंदिर परिसर की है, जहां करीब 5 फीट लंबा सांप मंदिर प्रांगण में आकर बैठ गया था। वहीं दूसरी घटना सतरेगा रोड से करीब 25 किलोमीटर दूर ग्राम माखुरपानी के शासकीय विद्यालय की है, जहां बच्चों की मौजूदगी के बीच रंग बदलने वाला ब्रॉन्ज बैक ट्री स्नेक, जिसे स्थानीय स्तर पर ‘डारडोमी’ कहा जाता है, दिखाई दिया। दोनों ही मामलों में रेस्क्यू टीम ने सावधानीपूर्वक सांपों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

मंदिर परिसर में सांप दिखने से मचा हड़कंप
सप्तदेव मंदिर परिसर में करीब 5 फीट लंबा सांप दिखाई देने के बाद पुजारियों और श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल बन गया। मंदिर में लगातार लोगों का आना-जाना लगा हुआ था, ऐसे में सांप को देखकर तत्काल वन्यजीव रेस्क्यू टीम को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम प्रमुख जितेंद्र सारथी मौके पर पहुंचे और आवश्यक सावधानी बरतते हुए सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया। सांप को मंदिर परिसर से सुरक्षित हटाए जाने के बाद श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन ने राहत की सांस ली।
स्कूल में बच्चों के बीच पहुंचा ‘डारडोमी’
इसी तरह ग्राम माखुरपानी के शासकीय विद्यालय में उस समय हलचल मच गई, जब स्कूल परिसर में एक ब्रॉन्ज बैक ट्री स्नेक दिखाई दिया। उस समय बच्चे विद्यालय में पढ़ाई कर रहे थे। सांप को देखकर शिक्षकों ने तत्काल रेस्क्यू टीम को इसकी जानकारी दी।

जितेंद्र सारथी ने अपनी टीम के सदस्य कमलेश और देवेंद्र को मौके पर भेजा। टीम ने सावधानीपूर्वक सांप को रेस्क्यू किया और बाद में उसे उसके उपयुक्त प्राकृतिक रहवास वाले जंगल क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ दिया। सांप के हटने के बाद विद्यालय में पढ़ाई सामान्य रूप से जारी हो सकी।
‘सांप दिखे तो मारें नहीं, सूचना दें’—बढ़ रही जागरूकता
जंगल से लगे ग्राम माखुरपानी में इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर बढ़ती जागरूकता की तस्वीर भी सामने रखी है। ग्रामीणों के अनुसार पहले गांव में सांप दिखाई देने पर कई बार उन्हें मार दिया जाता था, लेकिन अब लोगों की सोच में बदलाव आया है। सांप को नुकसान पहुंचाने के बजाय रेस्क्यू टीम को सूचना देना वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ने का संकेत है।
घर में शाम के समय सांप दिखे तो सबसे पहले क्या करें?
विशेषज्ञों और रेस्क्यू टीम की सलाह के अनुसार घर, दुकान, मंदिर, स्कूल, खेत या किसी सार्वजनिक स्थान पर सांप दिखाई देने पर उसे पकड़ने, छेड़ने या मारने का प्रयास नहीं करना चाहिए। लोगों को सांप से सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए, बच्चों और अन्य लोगों को उस स्थान से दूर रखना चाहिए तथा प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम या वन विभाग को सूचना देनी चाहिए।
खासकर शाम और रात के समय घर के आसपास सांप दिखाई देने पर घबराकर उसके पास जाने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रहकर मदद बुलाना सबसे जरूरी है। सांप को स्वयं पकड़ने का प्रयास व्यक्ति और सांप दोनों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
जितेंद्र सारथी ने लोगों से अपील की कि सांप दिखाई देना हमेशा उसे मारने का कारण नहीं है। सुरक्षित दूरी, सही सूचना और प्रशिक्षित रेस्क्यू ही सबसे सुरक्षित रास्ता है। मानव सुरक्षा के साथ वन्यजीवों का संरक्षण भी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।







