धर्म के नाम पर मनोरंजन नहीं, धार्मिक मर्यादा जरूरी: हिंदू नारायणी सेना ने पूजा समितियों पर उठाए सवाल, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
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मूर्ति स्वरूप से लेकर डीजे, अश्लील गीत, जुआ और नशे तक पर जताई आपत्ति; धार्मिक आयोजनों को शास्त्रसम्मत तरीके से संचालित करने की मांग
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। सार्वजनिक गणेश एवं दुर्गा पूजा आयोजनों में धार्मिक मर्यादा बनाए रखने की मांग को लेकर हिंदू नारायणी सेना ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि शहर में कुछ सार्वजनिक पूजा समितियों द्वारा धार्मिक आयोजनों के दौरान ऐसी गतिविधियां की जा रही हैं, जो संगठन के मत में धार्मिक एवं शास्त्रीय मर्यादाओं के अनुरूप नहीं हैं। सेना ने प्रशासन से ऐसी गतिविधियों पर निगरानी रखते हुए आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

हिंदू नारायणी सेना प्रमुख हिंदू अरविंद अग्रवाल के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने कहा कि कुछ स्थानों पर भगवान की प्रतिमाओं के पारंपरिक स्वरूप में बदलाव कर उन्हें कार्टून, बाल रूप अथवा एआई आधारित स्वरूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। संगठन का कहना है कि धार्मिक आयोजनों में स्थापित प्रतिमाओं के स्वरूप को शास्त्रसम्मत एवं धार्मिक परंपराओं के अनुरूप रखा जाना चाहिए।
पूजा पंडालों में फिल्मी और अभद्र गीतों पर आपत्ति
ज्ञापन में पूजा पंडालों में बजने वाले संगीत को लेकर भी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई गई है। संगठन के अनुसार कुछ पंडालों में साउंड सिस्टम के माध्यम से फिल्मी एवं कथित रूप से अभद्र गीत बजाए जाते हैं। साथ ही छोटे बच्चों को भी ऐसे गीतों पर नृत्य कराया जाता है। हिंदू नारायणी सेना ने धार्मिक स्थलों पर इस तरह की गतिविधियों के स्थान पर भजन, आरती, धार्मिक गीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने की मांग की है।
हौजी और जुए की जगह धार्मिक प्रश्नोत्तरी कराने का सुझाव
संगठन ने कुछ पूजा पंडालों में हौजी एवं जुए जैसे खेल कराए जाने पर भी आपत्ति जताई। हिंदू नारायणी सेना का सुझाव है कि धार्मिक आयोजनों के दौरान धार्मिक प्रश्नोत्तरी, क्विज, भजन एवं आरती जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। संगठन के अनुसार धार्मिक प्रश्नों का सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर बच्चों और युवाओं को धर्म एवं भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा सकता है।
भगवान के स्वरूप को मनोरंजन का माध्यम नहीं बनाने की मांग
ज्ञापन में भगवान की झांकियों और धार्मिक पात्रों की प्रस्तुतियों को लेकर भी संगठन ने आपत्ति दर्ज कराई है। हिंदू नारायणी सेना का आरोप है कि कुछ स्थानों पर भगवान के स्वरूप को मंच अथवा सड़कों पर मनोरंजन के लिए नृत्य के रूप में प्रस्तुत किया जाता है। संगठन ने ऐसी गतिविधियों पर रोक लगाने और धार्मिक झांकियों को श्रद्धा एवं मर्यादा के साथ प्रस्तुत करने की मांग की है।
विसर्जन के दौरान डीजे और नशे को लेकर भी उठाई आवाज
हिंदू नारायणी सेना ने गणेश एवं दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे पर फिल्मी एवं कथित रूप से अभद्र गीत बजाने तथा कुछ लोगों द्वारा नशे की हालत में हुड़दंग करने के आरोप भी ज्ञापन में उठाए हैं। संगठन ने प्रशासन से विसर्जन जुलूसों में नशामुक्ति, अनुशासन, धार्मिक गीत-संगीत और शांतिपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
धार्मिक आयोजनों की मर्यादा बनाए रखने प्रशासन से सख्ती की मांग
संगठन ने कहा कि सार्वजनिक पूजा समितियां आम नागरिकों से चंदा और सहयोग राशि लेकर धार्मिक आयोजन करती हैं, इसलिए ऐसे आयोजनों में धार्मिक भावना और सार्वजनिक मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। हिंदू नारायणी सेना ने प्रशासन से सभी सार्वजनिक गणेश एवं दुर्गा पूजा समितियों के आयोजनों पर आवश्यक निगरानी रखने तथा ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं के अनुरूप नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने वालों में हिंदू नारायणी सेना प्रमुख हिंदू अरविंद अग्रवाल, पंडित शास्त्री महाराज, पंडित आनंद तिवारी, हिंदू करुणा निधि, हिंदू श्याम सारथी, हिंदू तरुण मिश्रा, हिंदू राम साहू, हिंदू संदीप श्रीवास, हिंदू भरत यादव, हिंदू राजेश महंत, हिंदू संजू अग्रवाल, हिंदू मनोज केसरवानी सहित संगठन के अन्य सदस्य शामिल रहे।
अंत में हिंदू नारायणी सेना ने कोरबा शहर के लोगों से संगठन से जुड़कर हिंदू धर्म, धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए कार्य करने का आह्वान किया।







