वडनगर से प्रधानमंत्री आवास तक का सफर: 17 सितंबर को नरेंद्र मोदी के जीवन के 76वें वर्ष का शुभारंभ, 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा की यात्रा पर देश की नजर
1 min read



चाय बेचने वाले बालक से देश के प्रधानमंत्री तक—17 सितंबर 1950 से शुरू हुई यात्रा ने गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद तक बनाया ऐतिहासिक राजनीतिक सफर
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर को मनाया जाएगा। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से निकलकर देश के सर्वोच्च निर्वाचित राजनीतिक पद तक का लंबा सफर तय किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक जीवन-परिचय के अनुसार उनका बचपन वडनगर में बीता और शुरुआती जीवन की परिस्थितियों ने उनके व्यक्तित्व में परिश्रम तथा जनसेवा के संस्कारों को मजबूत किया।
🔴 विशेष तथ्य : 25 वर्षों से लगातार सरकार के केंद्र में
नरेंद्र मोदी की शासन-यात्रा अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई। वे अक्टूबर 2001 से मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे और प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार गुजरात के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में उनका स्थान दर्ज है। इसके बाद 26 मई 2014 को उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। 2019 में दूसरी बार और 9 जून 2024 को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
इस तरह सितंबर 2026 तक नरेंद्र मोदी को सत्ता में मुख्यमंत्री अथवा प्रधानमंत्री के रूप में लगभग 25 वर्ष पूरे होने जा रहे हैं। यह यात्रा अक्टूबर 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से शुरू हुई थी और आज भी प्रधानमंत्री के रूप में जारी है।
वडनगर से शुरू हुई कहानी
17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर में जन्मे नरेंद्र मोदी, दामोदरदास मोदी और हीराबा मोदी की संतान हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय के आधिकारिक विवरण में उनके परिवार की साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि और बचपन के संघर्षों का उल्लेख मिलता है। कम उम्र से ही वे सामाजिक एवं राष्ट्रसेवा से जुड़ी गतिविधियों में सक्रिय हुए और आगे चलकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े। बाद में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के माध्यम से सक्रिय राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🔴 जीवन की महत्वपूर्ण तारीखें एक नजर में
17 सितंबर 1950 — गुजरात के वडनगर में जन्म।
अक्टूबर 2001 — गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शासन की जिम्मेदारी संभाली।
2001–2014 — लगभग 12 वर्ष से अधिक समय तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहे। प्रधानमंत्री कार्यालय उन्हें गुजरात का सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाला व्यक्ति बताता है।
26 मई 2014 — पहली बार भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ।
30 मई 2019 — दूसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ।
9 जून 2024 — लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ।
17 सितंबर 2026 — जन्मदिवस; जीवन के 76वें वर्ष में प्रवेश।
प्रधानमंत्री के रूप में एक दशक से अधिक की यात्रा
2014 में केंद्र की सत्ता संभालने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में स्वच्छ भारत अभियान, मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया, वस्तु एवं सेवा कर (GST), जनधन योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, आत्मनिर्भर भारत जैसे कार्यक्रम और नीतिगत पहलें प्रमुख रूप से सामने आईं। इनके प्रभाव और राजनीतिक मूल्यांकन को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण रहे हैं, लेकिन ये मोदी सरकार के प्रमुख नीतिगत कार्यक्रमों में शामिल रहे हैं।
गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में भी उनके कार्यकाल के दौरान वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट जैसी पहलें शुरू हुईं। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार इसका पहला आयोजन 28 सितंबर 2003 को हुआ था और आगे चलकर यह बड़े कारोबारी सम्मेलनों में शामिल हुआ।
🔴 एक साधारण शुरुआत से राष्ट्रीय नेतृत्व तक
नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा का सबसे उल्लेखनीय पक्ष उनका लंबा सार्वजनिक जीवन है। वडनगर के एक सामान्य परिवार से निकलकर संगठनात्मक राजनीति में सक्रिय होना, गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में करीब 13 वर्ष की राजनीतिक पारी और उसके बाद 2014 से भारत के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार तीन कार्यकाल—यह उनकी सार्वजनिक जीवन-यात्रा की प्रमुख कड़ियां हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत में जन्मे पहले प्रधानमंत्री हैं। उनकी जीवन-यात्रा में वडनगर का बचपन, संगठनात्मक कार्य, गुजरात का शासन और फिर राष्ट्रीय राजनीति के शीर्ष पद तक पहुंचना महत्वपूर्ण पड़ाव रहे हैं।
जन्मदिन पर देशभर में सेवा गतिविधियां
नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी और समर्थक संगठनों द्वारा विभिन्न वर्षों में सेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, रक्तदान और अन्य जनसेवा गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं। जन्मदिन को कई कार्यक्रमों में सेवा-भाव से जोड़कर मनाया जाता है।
17 सितंबर 1950 से 17 सितंबर 2026 तक—वडनगर के उस बालक की उम्र भले 76वें वर्ष में पहुंच रही हो, लेकिन उसकी सार्वजनिक जीवन-यात्रा का सबसे बड़ा अध्याय लगभग 25 वर्षों की लगातार शासन-संबंधी भूमिका के रूप में दर्ज है। गुजरात के मुख्यमंत्री से भारत के प्रधानमंत्री तक पहुंची यह यात्रा भारतीय राजनीति के समकालीन इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।







