September 13, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

 

त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर श्री सप्तदेव मंदिर परिसर में साहित्य, हास्य, व्यंग्य, राष्ट्रभाव और संवेदनाओं का ऐसा संगम देखने को मिला कि श्रोता देर रात तक अपनी जगह पर डटे रहे। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन एवं कृष्णा ग्रुप के संयुक्त तत्वावधान में 10 सितंबर को आयोजित विराट अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे नामचीन कवियों एवं कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से कोरबा की शाम को यादगार बना दिया।

 

कवि सम्मेलन की शुरुआत आध्यात्मिक वातावरण के बीच हुई। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे कवियों एवं कवयित्रियों ने सर्वप्रथम श्री सप्तदेव मंदिर में विराजित देवताओं के दर्शन किए तथा विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद शुरू हुई काव्य प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को साहित्यिक रंग में रंग दिया।
गुजरात के सूरत से प्रसिद्ध कवयित्री एवं अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन की राष्ट्रीय संयोजिका (सांस्कृतिक) सोनल जैन, कवि विमल सोनी, राजस्थान के भरतपुर से जय कुमार जय, मध्यप्रदेश के जबलपुर से इंजीनियर विनोद नयन, इटारसी से बृजकिशोर पटेल तथा कोरबा की प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. अंजना सिंह ने अपनी-अपनी विशिष्ट शैली में काव्य पाठ किया।
कभी ठहाकों से गूंजा परिसर, कभी भावनाओं से नम हुई आंखें
कवि सम्मेलन की सबसे खास बात रही प्रस्तुतियों में विविधता। हास्य और व्यंग्य से भरपूर रचनाओं ने श्रोताओं को जमकर हंसाया और ठहाकों से पूरा परिसर गूंज उठा। वहीं संवेदनशील रचनाओं ने श्रोताओं को भावुक किया तो वीर रस और राष्ट्रभाव से ओत-प्रोत कविताओं ने वातावरण में जोश और उत्साह भर दिया।
कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सामाजिक सरोकार, मानवीय संवेदनाएं, देशप्रेम और रोजमर्रा के जीवन से जुड़े प्रसंगों को जिस प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया, उससे कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि श्रोताओं को सोचने और महसूस करने का अवसर भी मिला।
देर रात तक चले इस आयोजन में बड़ी संख्या में नगरवासी, श्रद्धालु और साहित्यप्रेमी मौजूद रहे। कवियों की प्रत्येक प्रभावशाली प्रस्तुति पर श्रोताओं ने तालियों के साथ उत्साह बढ़ाया। कार्यक्रम के समापन तक श्रोताओं का उत्साह बना रहा।

 

सप्तदेव मंदिर में साहित्य और संस्कृति का शानदार संगम
यह आयोजन धार्मिक आस्था के साथ साहित्य और सांस्कृतिक चेतना को जोड़ने वाला एक विशेष अवसर बन गया। भादी अमावस्या की पूर्व संध्या पर आयोजित इस विराट कवि सम्मेलन ने नगरवासियों को एक ऐसी साहित्यिक शाम दी, जिसमें हंसी भी थी, संवेदना भी थी, वीरता भी थी और राष्ट्रप्रेम का जज्बा भी।
छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन एवं कृष्णा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मोदी ने कवि सम्मेलन की सफलता के लिए नगरवासियों, श्रद्धालुओं, साहित्यप्रेमियों तथा प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
सप्तदेव मंदिर की यह काव्य संध्या देर रात तक गूंजती तालियों, ठहाकों और कविताओं के बीच कोरबा की सांस्कृतिक स्मृतियों में एक यादगार आयोजन के रूप में दर्ज हो गई।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.