किताबों से आगे बढ़ी पाठशाला, सवालों से परखी प्रतिभा: पोड़ीबहार में सभापति ने बच्चों के बीच बैठकर लगाई ‘ज्ञान की क्लास’
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सामान्य ज्ञान और बौद्धिक क्षमता के सवालों ने खोले प्रतिभाओं के रास्ते, चार होनहार विद्यार्थियों को शील्ड और प्रमाण-पत्र से मिला सम्मान
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** कोरबा। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की प्रतिभा को पहचानने और उन्हें अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देने की पहल अब स्कूलों की कक्षाओं से निकलकर जनप्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी तक पहुंच रही है। इसी उद्देश्य से संचालित ‘सभापति की पाठशाला’ मुहिम के तहत शासकीय माध्यमिक शाला पोड़ीबहार में नगर पालिक निगम कोरबा के सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने बच्चों के बीच पहुंचकर न सिर्फ कक्षा लगाई, बल्कि स्वयं उनके साथ बैठकर सवाल-जवाब के माध्यम से उनकी प्रतिभा को परखा।

कक्षा में सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान, मानसिक योग्यता और बौद्धिक क्षमता से जुड़े सवाल पूछे। बच्चों ने भी उत्साह के साथ सवालों के जवाब दिए। जनप्रतिनिधि को अपने बीच बैठकर पढ़ाते और संवाद करते देख विद्यार्थियों में खासा उत्साह नजर आया।
शनिवार बना बच्चों के लिए प्रतिभा दिखाने का मंच
शासकीय स्कूलों में प्रत्येक शनिवार को एक्टिविटी डे के रूप में विभिन्न रचनात्मक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियां कराई जाती हैं। पोड़ीबहार स्कूल में भी खेल, कला और सामान्य ज्ञान के साथ बच्चों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करने वाली गतिविधियों पर जोर दिया गया।
इस दौरान पोड़ीबहार की पार्षद एवं एमआईसी सदस्य श्रीमती चंद्रकली जायसवाल ने विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ के सामान्य ज्ञान के साथ मानव शरीर की संरचना से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। पढ़ाई को केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय बच्चों के साथ संवाद और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से सीखने का माहौल बनाया गया।
सरकारी स्कूलों के बच्चों के टैलेंट को तलाश रही ‘सभापति की पाठशाला’
‘सभापति की पाठशाला’ की शुरुआत सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत बच्चों की छिपी प्रतिभा को सामने लाने के उद्देश्य से की गई है। इस पहल के तहत सभापति नूतन सिंह ठाकुर प्रत्येक माह लगभग 2 से 3 शासकीय स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद करते हैं।
सामान्य ज्ञान, मानसिक योग्यता और बौद्धिक क्षमता से जुड़े सवालों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा को परखा जाता है। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए पुरस्कार और सम्मान दिया जाता है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों में परीक्षा के डर को कम करना, आत्मविश्वास बढ़ाना, नैतिक एवं सामान्य ज्ञान को मजबूत करना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है।
चार विद्यार्थियों ने दिखाई अपनी प्रतिभा, मिला सम्मान
पोड़ीबहार मिडिल स्कूल में आयोजित ‘सभापति की पाठशाला’ में सामान्य ज्ञान एवं बौद्धिक ज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दामिनी सेन, स्मृति एलिना टोप्पो, आयुश खड़िया और वेदिका पटेल को सम्मानित किया गया।
नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर एवं एमआईसी सदस्य श्रीमती चंद्रकली जायसवाल ने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शील्ड एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनका उत्साह बढ़ाया। सम्मान मिलने से विद्यार्थियों में खुशी का माहौल रहा और अन्य बच्चों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली।
स्कूल और समाज के बीच मजबूत हो रही सीधी कड़ी
‘सभापति की पाठशाला’ का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि जनप्रतिनिधियों और शिक्षित नागरिकों को सरकारी स्कूलों से प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इससे बच्चों को पढ़ाई के साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों से सीखने का अवसर मिलता है, वहीं स्कूलों की जरूरतों और समस्याओं को भी करीब से समझने में मदद मिलती है।
बच्चों के बीच जनप्रतिनिधियों की सीधी मौजूदगी उन्हें यह अहसास कराती है कि उनकी पढ़ाई और प्रतिभा को समाज महत्व देता है। नैतिक शिक्षा, सामान्य ज्ञान और आत्मविश्वास से जुड़ी गतिविधियां बच्चों के व्यक्तित्व एवं चरित्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम में शिव कुमार जायसवाल, प्रधानपाठिका श्रीमती स्वर्ण संगिता कुजूर, शिक्षिका सुनीता नामदेव, कृष्णा साहू, सनप सिंह एवं समाजसेवी मनमोहन चंद्रा सहित विद्यालय से जुड़े अन्य लोग उपस्थित रहे।
‘सभापति की पाठशाला’ के माध्यम से सरकारी स्कूलों के बच्चों को केवल पढ़ाई में आगे बढ़ाने का प्रयास नहीं, बल्कि उनकी प्रतिभा पहचानकर उसे मंच देने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर देने की पहल भी सामने आ रही है।







