जहां कानून ने दिलाया न्याय, वहीं नाड़ी परीक्षण ने बताया स्वास्थ्य का राज — बिलासपुर जिला न्यायालय में आयुर्वेद शिविर बना आकर्षण का केंद्र
1 min read



त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** बिलासपुर। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर जिला न्यायालय परिसर बिलासपुर में शनिवार, 12 सितंबर 2026 को आयोजित विशेष आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श एवं उपचार शिविर ने न्यायिक गतिविधियों के बीच स्वास्थ्य सेवा और जनजागरूकता की एक अनूठी मिसाल पेश की। शिविर में छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध एवं ख्यातिलब्ध नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने अपनी चिकित्सकीय सेवाएं प्रदान कीं।
विशेष आयुर्वेद चिकित्सा शिविर में लोगों का नाड़ी परीक्षण कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी स्थिति एवं प्रकृति को समझने का प्रयास किया गया। डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा ने नाड़ी परीक्षण के माध्यम से लोगों को केवल रोगोपचार संबंधी परामर्श ही नहीं दिया, बल्कि उनकी प्रकृति के अनुरूप आहार-विहार और स्वस्थ जीवनशैली के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने लोगों को समझाया कि स्वस्थ रहने के लिए केवल बीमारी होने पर उपचार कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपनी शारीरिक प्रकृति के अनुरूप खान-पान, दिनचर्या और जीवनशैली अपनाना भी बेहद महत्वपूर्ण है। शिविर में पहुंचे लोगों को उनकी प्रकृति के अनुसार किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए किस प्रकार की जीवनशैली अपनाई जा सकती है, इस संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत में आयोजित यह विशेष आयुर्वेद चिकित्सा परामर्श शिविर इस मायने में भी महत्वपूर्ण रहा कि न्यायालय परिसर में आने वाले लोगों को एक ही स्थान पर चिकित्सकीय परामर्श, स्वास्थ्य जागरूकता और आयुर्वेद आधारित जीवनशैली संबंधी मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर नाड़ीवैद्य डॉ. नागेंद्र नारायण शर्मा के साथ अश्विनी बुनकर, नेत्र नंदन साहू एवं कुश गुप्ता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे और शिविर के सफल आयोजन में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शिविर के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि स्वास्थ्य की समझ केवल बीमारी के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि अपनी प्रकृति को समझकर संतुलित आहार-विहार और अनुशासित जीवनशैली अपनाना भी स्वस्थ जीवन की महत्वपूर्ण कुंजी है। राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर आयोजित इस पहल ने न्याय के साथ स्वास्थ्य सेवा और जनजागरूकता को जोड़ने का सार्थक प्रयास किया।







