September 11, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

 

पोंडी उपरोड़ा में तीसरे वर्ष बाबा विश्वकर्मा स्थापना पूजन की तैयारियां तेज, राजमिस्त्री से लेकर बढ़ई, ड्राइवर और टेंट-डीजे से जुड़े समाजजनों की बैठक में बनी आयोजन की रूपरेखा
Tirentra times Korba **//**//**// पोंडी उपरोड़ा। पोंडी उपरोड़ा के हनुमान चबूतरा बस्ती में भगवान विश्वकर्मा की स्थापना एवं पूजन समारोह को लेकर आवश्यक बैठक उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। बैठक में राजमिस्त्री समूह, ड्राइवर बंधु, बढ़ई कारीगर, लक्ष्मी टेंट एवं डीजे साउंड सहित बाबा विश्वकर्मा पूजन से जुड़े क्षेत्रीय समाजजन बड़ी संख्या में शामिल हुए। बैठक में आगामी आयोजन को भव्य एवं श्रद्धापूर्ण ढंग से संपन्न कराने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां तय की गईं।
बैठक में सर्वसम्मति से 51 सदस्यीय आयोजन समिति का गठन किया गया। समिति में बढ़ई कारीगर घूर सिंह कंवर को अध्यक्ष एवं नेतृत्वकर्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई। आयोजन को धार्मिक विधि-विधान एवं श्रद्धा के साथ संपन्न कराने के लिए राजपुरोहित आचार्य नीरज दुबे के सानिध्य में बाबा विश्वकर्मा की स्थापना एवं पूजन किया जाएगा।
पूजन कार्यक्रम में यजमान के रूप में सियाराम यादव, लक्ष्मी नारायण सिंह कंवर, घूर सिंह कंवर, जनक विश्वकर्मा, दर्शन दास, सुमित कंवर एवं धरमपाल सिंह कंवर सहपत्नी शामिल होकर धार्मिक अनुष्ठान में सहभागी बनेंगे। स्थापना पूजन के पश्चात श्रद्धालुओं एवं उपस्थित जनों के लिए खीर, पूरी और हलवा का भोग-प्रसाद वितरण किया जाएगा।
आयोजन को लेकर सिर्फ स्थापना और पूजन तक ही कार्यक्रम सीमित नहीं रहेगा। रात्रिकाल में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा। वहीं अगले दिन सुबह बाबा विश्वकर्मा की मूर्ति का भक्तिभाव के साथ विसर्जन किया जाएगा। डीजे साउंड की भक्तिमय धुनों के बीच मूर्ति को ग्राम भ्रमण कराया जाएगा, जिसके बाद नदी अथवा तालाब में विधि-विधानपूर्वक विसर्जन किया जाएगा।
समिति अध्यक्ष घूर सिंह कंवर ने बताया कि बाबा विश्वकर्मा पूजन का यह तीसरा वर्ष है। लगातार तीसरे वर्ष आयोजित होने वाले इस धार्मिक कार्यक्रम को इस बार और अधिक हर्षोल्लास, श्रद्धा एवं सामूहिक सहभागिता के साथ मनाने का निर्णय लिया गया है। आयोजन से जुड़े सभी समाजजनों में उत्साह है और समिति द्वारा पूजन, प्रसाद, भजन-कीर्तन एवं विसर्जन सहित सभी व्यवस्थाओं को व्यवस्थित रूप से पूरा करने की तैयारी की जा रही है।
बाबा विश्वकर्मा को शिल्प, निर्माण और कर्म के आराध्य देव के रूप में पूजने वाले कारीगरों एवं श्रमिक समुदाय के लिए यह आयोजन आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकजुटता का भी प्रतीक बनता जा रहा है। बैठक में सभी सदस्यों ने आयोजन को सफल बनाने के लिए मिल-जुलकर जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.