ज्ञान, संस्कार और संकल्प के साथ शुरू हुआ विद्यार्थियों का नया सफर, राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का दिलाया संकल्प
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कमला नेहरू महाविद्यालय में दीक्षारंभ समारोह 2026-27 का भव्य आयोजन, एनईपी की बारीकियों से रूबरू हुए नवप्रवेशी विद्यार्थी
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**// कोरबा। कमला नेहरू महाविद्यालय में बुधवार को शिक्षा संकाय के सभा कक्ष में दीक्षारंभ समारोह 2026-27 का गरिमामय आयोजन किया गया। समारोह में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) की अवधारणा, तकनीकी बारीकियों, महाविद्यालयीन शिक्षा की कार्यप्रणाली तथा शिक्षा के माध्यम से व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान की दिशा से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विद्या भारती मध्य क्षेत्र के उपाध्यक्ष ठाकुर जुड़ावन सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी भी देश की शिक्षा नीति उसकी संस्कृति, परंपरा और जीवन मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए। भारत की महान ज्ञान परंपरा, चिंतन और दर्शन ने सदियों से दुनिया को दिशा दी है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उद्देश्य भी विद्यार्थियों को अपनी जड़ों, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ते हुए उन्हें आधुनिक शिक्षा के अनुरूप सक्षम बनाना है।

उन्होंने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी ताकत है। विद्यार्थियों को अपने गुरुजनों से प्राप्त ज्ञान को केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि उसे अपने आचरण और जीवन में उतारकर समाज एवं राष्ट्र के विकास में योगदान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे महाविद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और जिम्मेदारी को आत्मसात करने का संकल्प लें तथा राष्ट्र को परम वैभव की ओर ले जाने में अपनी भूमिका निभाएं।
दीप प्रज्ज्वलन और राष्ट्रगान से हुआ समारोह का शुभारंभ
भारतीय परंपरा के अनुरूप समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती, युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद तथा देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके पश्चात अतिथियों, प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत एवं राजकीय गीत का गायन किया।
समारोह में कमला नेहरू महाविद्यालय समिति के उपाध्यक्ष डॉ. आरसी पांडेय, प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर, हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह, वाणिज्य विभागाध्यक्ष बीके वर्मा तथा भूगोल विभागाध्यक्ष अजय कुमार मिश्रा मंचस्थ रहे।
विद्यार्थी जीवन को दिशा देने में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका : डॉ. आरसी पांडेय
विशिष्ट अतिथि एवं महाविद्यालय समिति के उपाध्यक्ष डॉ. आरसी पांडेय ने कहा कि विद्यार्थी जीवन को व्यापक रूप से तीन चरणों में देखा जा सकता है। प्रारंभिक स्कूली शिक्षा से लेकर महाविद्यालयीन शिक्षा और फिर उच्च शिक्षा एवं कॅरियर की दिशा में आगे बढ़ने तक प्रत्येक चरण विद्यार्थी के भविष्य को आकार देता है।
उन्होंने नवप्रवेशी विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने शिक्षकों और वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन को गंभीरता से लें। महाविद्यालय में मिलने वाले अवसरों का सदुपयोग करते हुए शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना विकसित करें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज और देश की प्रगति से भी जुड़ी होती है।
अनुशासन और व्यक्तित्व विकास का केंद्र है महाविद्यालय : डॉ. प्रशांत
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर ने स्वागत उद्बोधन देते हुए दीक्षारंभ समारोह के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय की संस्कृति, नियमों, शैक्षणिक वातावरण और उपलब्ध सुविधाओं से परिचित कराना इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विद्यार्थियों के जीवन में नई दिशा और नए अवसर लेकर आती है। महाविद्यालय केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, अनुशासन, व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
वरिष्ठ विद्यार्थियों ने साझा किए एनईपी के अनुभव
उच्च शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशानुसार आयोजित इस दीक्षारंभ कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञों एवं प्राध्यापकों ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति की विभिन्न बारीकियों की जानकारी दी। वहीं तृतीय एवं पंचम सेमेस्टर के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने एनईपी के तहत अपने अनुभव साझा करते हुए नए विद्यार्थियों को इसके व्यावहारिक लाभों से अवगत कराया।
वरिष्ठ विद्यार्थियों सुमन पटेल, नीलाक्षी चौहान, मंतशा कुरैशी, यशवंत दीक्षित एवं रिया विश्वकर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। वहीं एनसीसी कैडेट आर्यन यादव ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को प्रदान की।
गुरुजनों के मार्गदर्शन से राष्ट्र निर्माण की ओर बढ़ें विद्यार्थी
समारोह के दौरान विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि महाविद्यालयीन जीवन केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि स्वयं को एक बेहतर, अनुशासित और जिम्मेदार नागरिक के रूप में तैयार करने का महत्वपूर्ण अवसर है। शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना के साथ विद्यार्थी अपने भविष्य को नई दिशा दे सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि ठाकुर जुड़ावन सिंह का डॉ. आरसी पांडेय एवं प्राचार्य डॉ. प्रशांत बोपापुरकर ने शॉल-श्रीफल भेंटकर सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र प्राध्यापक एवं एनएसएस जिला संगठक वायके तिवारी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अंग्रेजी विभागाध्यक्ष ब्रिजेश तिवारी ने किया। समारोह में महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







