October 22, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

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33वें जन्माष्टमी महोत्सव में उमड़ा आस्था का सैलाब, भव्य झांकियों और भजन-कीर्तन से भक्तिमय हुआ कोरबा — मध्यरात्रि शंखनाद के बीच हुआ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**//  कोरबा, 4 सितंबर 2026। श्री सप्तदेव मंदिर, कोरबा में आयोजित 33वां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव इस बार आस्था, भक्ति और सनातन संस्कृति का भव्य संगम बन गया। मंदिर परिसर की आकर्षक विद्युत सज्जा, मनमोहक झांकियों, भजन-कीर्तन और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव ने ऐसा वातावरण निर्मित किया कि मानो कोरबा में ही वृंदावन धाम साकार हो उठा हो। जन्माष्टमी के अवसर पर 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए।

 

छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन, पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, महापौर संजू देवी राजपूत, नरेंद्र देवांगन सहित अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के पदाधिकारियों ने मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और भव्य आयोजन की सराहना की।
जीवंत झांकियों ने बांधा समां
मंदिर परिसर में श्रीकृष्ण जन्म, वासुदेव द्वारा यमुना पार ले जाने, पूतना वध, वकासुर वध, राधा-कृष्ण, गोवर्धन धारण, श्रीकृष्ण का विराट स्वरूप एवं दशावतार सहित रामायण और महाभारत के प्रसंगों पर आधारित आकर्षक झांकियां सजाई गईं। अयोध्या के श्रीराम मंदिर, अशोक वाटिका, रामसेतु निर्माण, खाटू श्याम जी, राणी सती दादी तथा सामाजिक जागरूकता से जुड़ी झांकियां भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।

 

1994 से जारी परंपरा ने लिया विराट रूप
श्री सप्तदेव मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव की शुरुआत वर्ष 1994 में छोटी-छोटी झांकियों से हुई थी। श्रद्धालुओं और समाज के सहयोग से यह आयोजन लगातार विस्तार पाता गया और आज कोरबा के प्रमुख धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में अपनी अलग पहचान बना चुका है।
आरएसएस के घोष वंदन से गूंजा परिसर
जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा घोष वंदन किया गया, जिसने धार्मिक वातावरण में राष्ट्रसेवा और संस्कार का भाव भी जोड़ा। वहीं विश्व हिंदू परिषद के स्थापना दिवस के अवसर पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए।
भजनों पर झूमे श्रद्धालु, आधी रात को गूंजा शंखनाद
रात्रि 9 बजे से 1 बजे तक भजन गायक शुभम गोयल ने भजन-कीर्तन की प्रस्तुति दी। श्रद्धालु देर रात तक भक्तिरस में डूबे रहे। रात्रि 11 बजे भव्य आतिशबाजी से आकाश जगमगा उठा। जैसे ही रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्म का पावन क्षण आया, शंखनाद, घंटियों, बैंड-बाजे और जय श्रीकृष्ण के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। जन्मोत्सव के बाद नंदोत्सव मनाया गया और श्रद्धालुओं को माखन-मिश्री का प्रसाद वितरित किया गया।
बच्चों और महिलाओं ने भी बढ़ाया उत्सव का उत्साह
जन्माष्टमी से पूर्व महिलाओं के लिए ‘लड्डू गोपाल सजाओ प्रतियोगिता’ आयोजित की गई। वहीं जन्माष्टमी के दिन बच्चों के लिए ‘श्रीकृष्ण बनो प्रतियोगिता’ हुई, जिसमें शिशु कृष्ण, बालकृष्ण तथा राधा-कृष्ण वर्ग में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रशासन और संस्थाओं का मिला सहयोग
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस, यातायात पुलिस, जिला प्रशासन, नगर पालिक निगम और बिजली विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं ने व्यवस्थाओं में सहयोग दिया। श्री सप्तदेव मंदिर परिवार ट्रस्ट ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, संस्थाओं एवं विभागों के प्रति आभार व्यक्त किया।
मोदी परिवार एवं कृष्णा ग्रुप के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव धार्मिक आस्था के साथ-साथ सनातन संस्कृति, बाल संस्कार और सामाजिक चेतना का संदेश भी दे गया। कोरबा में 33वें जन्माष्टमी महोत्सव की भव्यता ने एक बार फिर साबित किया कि श्री सप्तदेव मंदिर का यह आयोजन अब शहर की धार्मिक पहचान का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।
जय श्रीकृष्ण।

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