तकनीकी निदेशक पहुंचे कोरबा की खदानों में, ओबी डंप ने खोल दी ‘विकास’ की पोल!
1 min read



सराईपाली, मानिकपुर और कुसमुंडा में सुरक्षा-उत्पादन की पड़ताल; नहर निरीक्षण सड़क पर ओबी स्लाइड के बाद उठे डंपिंग व्यवस्था और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**कोरबा। एसईसीएल के निदेशक (तकनीकी संचालन) एन. फ्रैंकलिन जयकुमार ने सराईपाली ओसी माइन, मानिकपुर साइलो और कुसमुंडा आरएंडआर साइट का दौरा कर सुरक्षा, कोयला उत्पादन, प्रेषण और ओवरबर्डन प्रबंधन की समीक्षा की। बारिश से प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने सुरक्षित खनन, निर्बाध कोयला डिस्पैच, ओबी डंप की निगरानी और सड़क सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए।
पिछले दिनों नहर निरीक्षण सड़क पर हुए ओबी डंप स्लाइड वाले स्थान का निरीक्षण भी किया गया। लेकिन इसी घटना ने कई पुराने सवालों को फिर सामने ला दिया है। विभागीय निरीक्षण और आकस्मिक प्रयोजन के लिए बनाई गई सड़क आखिर आम आवाजाही के लिए कैसे इस्तेमाल होने लगी? हसदेव नदी और नहर के बीच सीमित भू-भाग को डंपिंग क्षेत्र के रूप में इस्तेमाल करने का निर्णय किन तकनीकी मापदंडों पर हुआ?
ओबी का बढ़ता बोझ, बारिश और नदी का बहाव—कितना सुरक्षित है पूरा सिस्टम?
सबसे बड़ा सवाल यह है कि ओवरबर्डन के बड़े पैमाने पर जमाव और बारिश के दौरान संभावित खिसकाव का पूर्व आकलन क्यों नहीं हुआ। क्या डंपिंग की क्षमता, ढलान, जलप्रवाह और सड़क सुरक्षा का पर्याप्त तकनीकी परीक्षण किया गया था?
तकनीकी विशेषज्ञों के निरीक्षण के बाद अब निगाहें निर्देशों के अमल और जिम्मेदारी तय होने पर हैं। यदि जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी या लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए।
कोरबा को विकास चाहिए, लेकिन ऐसा विकास नहीं जिसकी कीमत सुरक्षा, सड़क और पर्यावरण को चुकानी पड़े। अब सवाल सिर्फ निरीक्षण का नहीं—जवाबदेही और ठोस कार्रवाई का है।







