September 1, 2026

त्रिनेत्र टाईम्स

खबरें जरा हट के

 

 

⚠️ चेतावनियों, सर्वे और शिकायतों के बावजूद नहीं जागा सिविल विभाग! पार्षद राकेश वर्मा का तीखा हमला—“क्या अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं?”
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//**  कोरबा पूर्व। CSEB कॉलोनी में खतरनाक पेड़ों को लेकर लंबे समय से चली आ रही शिकायतें अब जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। NC क्वार्टर साइड के पास सड़क पर विशाल सरई और नीलगिरी का पेड़ गिरने की घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि समय रहते चेतावनी के बावजूद यदि कार्रवाई नहीं की जाए तो स्थिति कभी भी गंभीर हादसे का रूप ले सकती है।
गनीमत रही कि पेड़ गिरने के दौरान कोई बड़ा जनहानि वाला हादसा नहीं हुआ। लेकिन सवाल यह है कि आखिर कब तक लोगों की सुरक्षा को महज किस्मत के भरोसे छोड़ा जाएगा?

 

 

🔥 पहले शिकायत, फिर सर्वे… लेकिन कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा!
कॉलोनीवासियों और वार्ड पार्षद द्वारा लंबे समय से खतरनाक एवं जर्जर पेड़ों को लेकर संबंधित विभाग को लगातार जानकारी दी जाती रही है। कई पेड़ों का सर्वे भी कराया गया। इसके बावजूद कई स्थानों पर पेड़ों की कटाई और आवश्यक छंटाई का काम समय पर नहीं हो सका।
बारिश और तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के गिरने का खतरा हर साल बना रहता है। इसके बावजूद यदि मानसून से पहले ही चिन्हित खतरनाक पेड़ों पर कार्रवाई नहीं की जाती, तो इसे महज लापरवाही नहीं बल्कि गंभीर प्रशासनिक चूक माना जाना स्वाभाविक है।
🚨 “क्या AC रूम में बैठकर चलेगा सिविल विभाग?”
इस पूरे मामले को लेकर पार्षद राकेश वर्मा ने जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल उठाया है। उनका कहना है कि अधिकारी यदि समय रहते मैदान में उतरकर स्थिति का जायजा लेते और चिन्हित पेड़ों पर कार्रवाई करते तो आज सड़क पर पेड़ गिरने जैसी स्थिति पैदा नहीं होती।

 

उन्होंने सवाल उठाया कि जब खतरे की जानकारी पहले से है, शिकायतें हो चुकी हैं और सर्वे तक कराया जा चुका है, तो फिर कार्रवाई में देरी क्यों?
💥 फंड आने की चर्चा, फिर भी काम में सुस्ती क्यों?
स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि सर्वे एवं संबंधित कार्यों के लिए विभाग को राशि उपलब्ध होने के बावजूद जमीनी स्तर पर अपेक्षित गति से काम नहीं हुआ। यदि वास्तव में राशि उपलब्ध है, तो फिर काम अटकने की वजह क्या है?
यही सवाल अब कॉलोनीवासियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या फाइलों में कार्रवाई पूरी हो रही है और जमीन पर खतरा जस का तस है?
इस पूरे मामले में यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता है तो उसकी निष्पक्ष जांच होना भी जरूरी है। हालांकि किसी भी अनियमितता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
⚠️ बारिश से पहले नहीं चेते तो अगली घटना और गंभीर हो सकती है
CSEB कॉलोनी में बड़ी संख्या में पुराने और ऊंचे पेड़ हैं। तेज बारिश और आंधी के दौरान इन पेड़ों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में चिन्हित खतरनाक पेड़ों की समय रहते कटाई या वैज्ञानिक तरीके से छंटाई करना बेहद जरूरी है।
एक पेड़ के गिरने के बाद जागने के बजाय प्रशासन को पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी चाहिए।
आज पेड़ सड़क पर गिरा है, कल किसी वाहन, घर या राहगीर के ऊपर भी गिर सकता है। इसलिए सवाल केवल एक पेड़ का नहीं, बल्कि सैकड़ों कॉलोनीवासियों की सुरक्षा का है।
👤 पार्षद राकेश वर्मा ने उठाई जवाबदेही की मांग
पार्षद राकेश वर्मा ने कहा कि उन्होंने इस गंभीर समस्या को कई बार संबंधित अधिकारियों के संज्ञान में लाया है। उनका कहना है कि जनता की शिकायतों को केवल कागजों तक सीमित रखने के बजाय अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि चिन्हित सभी खतरनाक पेड़ों की तत्काल जांच कराकर आवश्यकतानुसार कटाई एवं छंटाई कराई जाए और इस काम में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।
🗣️ कॉलोनीवासियों में नाराजगी, अब चाहिए परिणाम
कॉलोनीवासियों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं, जमीनी कार्रवाई चाहिए।
लोगों की प्रमुख मांगें हैं—
🔴 चिन्हित खतरनाक पेड़ों की तत्काल कटाई/छंटाई हो।
🔴 पूरे CSEB कॉलोनी क्षेत्र का दोबारा सुरक्षा सर्वे कराया जाए।
🔴 बारिश और आंधी से पहले संवेदनशील पेड़ों पर कार्रवाई पूरी की जाए।
🔴 कार्य के लिए उपलब्ध राशि और खर्च का पारदर्शी विवरण सार्वजनिक किया जाए।
🔴 शिकायतों पर कार्रवाई में देरी की जिम्मेदारी तय की जाए।
🔴 लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
🔥 अब सवाल सिर्फ पेड़ का नहीं, जवाबदेही का है!
CSEB कॉलोनी में पेड़ गिरने की यह घटना संबंधित विभाग के लिए एक और चेतावनी है। यदि पहले से चिन्हित खतरनाक पेड़ों पर समय रहते कार्रवाई नहीं होती और भविष्य में कोई गंभीर दुर्घटना होती है, तो जिम्मेदारी तय करने का सवाल और ज्यादा गंभीर हो जाएगा।
जनता का सीधा सवाल है—जब खतरा पहले से दिखाई दे रहा है, शिकायतें पहले से मौजूद हैं और सर्वे भी हो चुका है, तो कार्रवाई के लिए आखिर किस हादसे का इंतजार किया जा रहा है?
अब समय आश्वासन का नहीं, कार्रवाई और जवाबदेही का है।
CSEB कॉलोनी के लोग सुरक्षित वातावरण चाहते हैं—AC रूम की फाइलों में नहीं, जमीन पर दिखने वाली कार्रवाई चाहते हैं।
🔥 खतरनाक पेड़ों पर तत्काल कार्रवाई करो, जिम्मेदारी तय करो और लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए—यही अब कॉलोनीवासियों की मांग है।

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

Copyright © All rights reserved. | Newsphere by AF themes.