राखी के धागे में बंधा भरोसा, सम्मान और अपनत्व—बालको में रक्षाबंधन बना एकजुटता का उत्सव
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सुरक्षा कर्मियों से लेकर डॉक्टरों, अधिकारियों और समुदाय की महिलाओं तक पहुंचा स्नेह का संदेश; नंद घर के बच्चों ने भी रचनात्मक अंदाज में मनाया भाई-बहन के प्रेम का पर्व
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** बालकोनगर, 28 अगस्त 2026। रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, सुरक्षा, सम्मान और सामाजिक एकजुटता की भावना को मजबूत करने वाला अवसर भी है। इसी भाव को आत्मसात करते हुए वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने बालकोनगर में रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता और उत्साह के साथ मनाया। कंपनी के कर्मचारियों से लेकर सुरक्षा कर्मियों, चिकित्सा दल, वरिष्ठ अधिकारियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और नंद घर के बच्चों तक ने उत्सव में सहभागिता कर आपसी रिश्तों में स्नेह और विश्वास की नई डोर जोड़ी।
सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर बंधी राखी, मिला सम्मान और आभार

बालको परिसर में रक्षाबंधन को सुरक्षित कार्यसंस्कृति और आपसी भरोसे से जोड़ते हुए विशेष पहल की गई। करीब 150 कर्मचारियों ने महिला, पुरुष, ट्रांसजेंडर एवं सुरक्षा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधकर उनके योगदान के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
कार्यस्थल पर दिन-रात सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले सुरक्षा कर्मियों के लिए यह पहल विशेष रही। राखी के इस धागे ने यह संदेश दिया कि सुरक्षित कार्यस्थल केवल व्यवस्था से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी, सम्मान और विश्वास से भी बनता है।
उन्नति की महिलाओं ने अपने हाथों की राखियों से सजाई अधिकारियों की कलाई
रक्षाबंधन समारोह में बालको की उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन महिलाओं ने अपने हाथों से तैयार की गई राखियां बालको के सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक श्री राजेश सिंह सहित कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को बांधीं।
यह दृश्य केवल पर्व की खुशी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि महिला सशक्तिकरण की कहानी भी बयां करता नजर आया। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं अपने कौशल को आजीविका से जोड़ते हुए आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उनके द्वारा तैयार राखियों ने मेहनत, हुनर, आत्मविश्वास और आर्थिक स्वावलंबन का संदेश दिया।
बालको अस्पताल में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों को बांधी राखी
रक्षाबंधन की खुशियां बालको अस्पताल तक भी पहुंचीं। उन्नति परियोजना से जुड़ी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अस्पताल के डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सेवा भावना और समर्पण के प्रति आभार जताया।
स्वास्थ्यकर्मियों ने भी इस आत्मीय पहल का स्वागत करते हुए महिलाओं का उत्साह बढ़ाया और उनके साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं। इस अवसर ने स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मियों और समुदाय के बीच सम्मान, विश्वास और अपनत्व के रिश्ते को और मजबूती दी।
नंद घर के बच्चों ने खुद बनाई राखियां, साझा किया प्रेम और सहयोग का संदेश
बालको ने नंद घर के बच्चों के साथ भी रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता का परिचय देते हुए स्वयं सुंदर राखियां तैयार कीं और एक-दूसरे की कलाई पर बांधकर भाई-बहन के प्रेम, सहयोग और स्नेह का संदेश दिया।
राखी तैयार करने की गतिविधि बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ सीखने का भी अवसर बनी। इसके माध्यम से बच्चों को भारतीय त्योहारों, पारिवारिक मूल्यों और आपसी सहयोग की भावना से जोड़ने का प्रयास किया गया।
नंद घर वेदांता समूह की सामुदायिक विकास पहलों का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जहां बच्चों के समग्र विकास के साथ महिलाओं के सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है।
रिश्तों से विकास तक—बालको ने दोहराई सामुदायिक प्रतिबद्धता
बालको द्वारा मनाया गया रक्षाबंधन इस मायने में भी खास रहा कि इसमें त्योहार की परंपरा के साथ सामाजिक सरोकारों को जोड़ा गया। सुरक्षा कर्मियों के सम्मान से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति कृतज्ञता, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के कौशल को मंच देने से लेकर बच्चों की रचनात्मक भागीदारी तक—हर पहल ने विश्वास और साझेदारी की भावना को मजबूत किया।
बालको अपने परिचालन क्षेत्र के समुदायों के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, महिला सशक्तिकरण और अन्य सामाजिक विकास के क्षेत्रों में लगातार कार्य कर रहा है। रक्षाबंधन का यह आयोजन भी इसी सोच की एक झलक रहा, जहां पर्व की खुशियों को समाज के विभिन्न वर्गों के साथ साझा किया गया।
राखी बनी रिश्तों की डोर, एकजुटता का दिया संदेश
बालकोनगर में आयोजित रक्षाबंधन उत्सव ने यह संदेश दिया कि एक राखी केवल दो कलाईयों को नहीं जोड़ती, बल्कि विश्वास, जिम्मेदारी और सम्मान के रिश्तों को भी मजबूत करती है। कर्मचारियों और समुदाय की साझा भागीदारी से सजा यह उत्सव स्नेह, सुरक्षा, सहयोग और सामाजिक एकजुटता की भावना को आगे बढ़ाने वाला अवसर बन गया।
बालको परिवार ने रक्षाबंधन की खुशियों के साथ सुरक्षित कार्यस्थल, महिला सशक्तिकरण, सामुदायिक सहभागिता और साझा विकास की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।







