अंतिम सावन सोमवार पर मुराई कछार शिवालय में उमड़ा आस्था का सैलाब, बारिश के बीच हर-हर महादेव से गूंजा जवाली
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12 जोड़ों ने विधिवत किया दुग्धाभिषेक, जल अर्पण व पूजन; श्रद्धालुओं के लिए दिनभर चलता रहा प्रसाद वितरण
त्रिनेत्र टाइम्स कोरबा **//**//** जवाली। सावन मास के अंतिम सोमवार को जवाली के मुराई कछार स्थित मंदिर में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह से ही बारिश के बीच शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। मंदिर परिसर में कहीं भगवान शिव का अभिषेक होता नजर आया तो कहीं श्रद्धालु भजन-कीर्तन और आरती में लीन दिखाई दिए। बारिश की फुहारों के बीच पूरा वातावरण हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से भक्तिमय बना रहा।
ग्रामीण क्षेत्र में कृषि कार्य के एक महत्वपूर्ण चरण के पूर्ण होने के बाद श्रद्धालुओं ने भी राहत और उत्साह के साथ अंतिम सावन सोमवार की पूजा-अर्चना में सहभागिता की। पिछले सप्ताह की तुलना में इस बार भक्तों की संख्या अपेक्षाकृत अच्छी रही। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर सुख-समृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य और परिवार की खुशहाली की कामना की।
12 जोड़ों ने की विशेष पूजा-अर्चना
प्रातःकालीन बेला में 12 जोड़ों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना एवं अभिषेक किया गया। भगवान शिव को दूध और जल अर्पित करने के साथ बेलपत्र, धतूरा, पान एवं पुष्प अर्पित किए गए। इसके पश्चात आरती और भोग की धार्मिक परंपरा पूरी की गई। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी और पूजा-अर्चना के बीच आध्यात्मिक वातावरण देखते ही बन रहा था।
सेवा और प्रसाद वितरण में दानदाताओं ने बढ़ाया हाथ
अंतिम सोमवार के अवसर पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की विशेष व्यवस्था की गई। अलग-अलग परिवारों और सेवाभावी लोगों ने अपनी श्रद्धा के अनुसार प्रसाद की सेवा की।

लक्की पटेल परिवार की ओर से सेवई का प्रसाद, जागेश्वरी/करनसेन सारथी, पूर्व जनपद सदस्य की ओर से हलवा प्रसाद, श्यामसिंह रजक, नदियापार की ओर से खीर प्रसाद तथा बेहतर स्वास्थ्य की कामना के साथ रिया/देवनारायण कैवर्त्य परिवार की ओर से फलाहार की व्यवस्था की गई। वहीं रंजना समिति के कन्हैयालाल पटेल द्वारा प्रसाद वितरण के लिए दोना उपलब्ध कराया गया।
इस सेवा कार्य में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों की सहभागिता ने धार्मिक आयोजन को और भी विशेष बना दिया।
101 बर्तन-टोकरियों में भोजली सेवा, आगे भी जारी रहेगा धार्मिक उत्साह
मंदिर परिसर में 101 बर्तन-टोकरियों में भोजली स्थापित कर विधिवत सेवा कार्य किया जा रहा है। इसे लेकर मातृ मंडली और महिला मंडली में विशेष उत्साह बना हुआ है। आने वाले सप्ताह में गुरुवार को महिला मंडली के सहयोग से भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं के शामिल होने की उम्मीद है।
रक्षाबंधन के बाद बाजे-गाजे के साथ होगा भोजली विसर्जन
भोजली पर्व को लेकर ग्रामीणों में अभी से उत्साह दिखाई दे रहा है। रक्षाबंधन पर्व के दूसरे दिन शनिवार को भोजली विसर्जन का कार्यक्रम धूमधाम से आयोजित किया जाएगा। इस दौरान बाजे-गाजे के साथ पारंपरिक उल्लास के बीच भोजली विसर्जन किया जाएगा।
विसर्जन कार्यक्रम में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की विशेष तैयारी की जाएगी। इसमें ग्राम के दानदाताओं, सरपंच, जनपद सदस्य एवं अन्य प्रमुख लोगों के सहयोग की भूमिका रहेगी। आयोजन को सफल बनाने के लिए भक्त महिला समिति लगातार मेहनत कर रही है।
आस्था, सेवा और परंपरा का बना सुंदर संगम
अंतिम सावन सोमवार का यह आयोजन केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें आस्था, सेवा, सामूहिक सहभागिता और ग्रामीण परंपराओं की खूबसूरत तस्वीर भी देखने को मिली। बारिश के बीच श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने यह साबित किया कि मौसम की चुनौती भी शिवभक्तों की आस्था को रोक नहीं सकती।
मुराई कछार का शिवालय पूरे दिन श्रद्धा से सराबोर रहा और सावन के अंतिम सोमवार ने ग्रामीण अंचल में भक्ति की ऐसी छटा बिखेरी, जिसकी गूंज देर शाम तक “हर-हर महादेव” के जयघोष के रूप में सुनाई देती रही।







